जीजा-साले बाइक समेत नहर में गिरे, लापता
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सोमवार को उरई के मोहल्ला सुशील नगर निवासी जितेंद्र कुमार वर्मा (25) पुत्र रामसिंह अपने चचेरे साले रविंद्र कुमार (25) पुत्र जवाहर सिंह निवासी मोहल्ला इंद्रनगर उरई के साथ बाइक से कोटरा अपनी ससुराल जा रहा था। उरई से निकलने के बाद वह रास्ते में कोटरा थाना क्षेत्र के ग्राम ऐंधा स्थित अपनी रिश्तेदारी में पहुंचे, जहां से जितेंद्र ने अपने चचेरे भाई चंद्रभान व उसके साले देवेंद्र को साथ में लिया। वह दोनों अपनी बाइक से साथ में चल दिए। वहां से कोटरा की तरफ चलने पर चंद्रभान काफी आगे निकल गया। जितेंद्र व रविंद्र धीरे धीरे आ रहे थे।
शाम करीब सात बजे वह दोनों जैसे ही कोटरा के बिनौरा गांव स्थित हमीरपुर शाख नहर के पास पहुंचे तो अचानक बाइक अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। इसके बाद से ही उनका कुछ पता नहीं चल रहा है। उधर कोटरा पहुंचने पर जितेंद्र व रविंद्र पीछे न आते दिखे तो चंद्रभान ने बाइक मोड़ी और उन्हें खोजने निकल पड़ा। बिनौरा स्थित नहर पर पहुंचने पर चंद्रभान ने पुल के किनारे जितेंद्र का एक जूता पड़ा देखा, लेकिन बाइक न दिखने से उसे लगा दोनों आसपास घूम रहे है। वह दोनों उनकी तलाश करने लगे, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी कुछ पता नहीं चला।
काफी देर होने पर चंद्रभान ने जितेंद्र के परिजनों को इसकी सूचना दी। सुबह परिजन बिनौरा नहर पर पहुंचे, जहां वह खोजबीन करते रहे। इसके बाद उन लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने खोजबीन शुरू की, लेकिन गोताखोर न मिलने से पुलिस खाली हाथ बैठी रही। जानकारी पर एसडीएम सदर व सीओ भी वहां पहुंच गए। तब कहीं जाकर दोपहर बाद जब दो तीन गोताखोर मिले तो उन्हें तलाश के लिए नहर में उतारा गया। कई घंटों की तलाश के बाद उनका कुछ पता नहीं चला। गोताखोर निरंतर उनकी तलाश जारी रखे हुए है।
नहर में मिला जितेंद्र का दूसरा जूता व मफलर
खोजबीन के दौरान जितेंद्र व रविंद्र का तो कुछ पता नहीं चला, लेकिन गोताखोरों को पुल से चंद कदम दूर पानी में तैरता हुआ जितेंद्र का दूसरा जूता व मफलर मिला। परिजनों ने उन्हें पहचान लिया। रविन्द्र का पहना हुआ कोई भी कपड़ा व चीज अभी तक बरामद नहीं हुई है।
मछली लेकर जा रहे थे पार्टी मनाने
जितेंद्र काफी दिनों बाद अपनी ससुराल जा रहा था। साले व रिश्तेदारों के साथ पार्टी मनाने के उद्देश्य से उसने और रविंद्र ने ऐंधा से मछली खरीदी थी। जो अपने साथ कोटरा लेकर जा रहे थे।
पुल पर नहीं रेलिंग, होते हैं हादसे
कदौरा के बिनौरा स्थित उक्त नहर में हादसे होते रहते है। एक तो घुमावदार मोड़ और ऊपर से पुल पर रेलिंग न होने से आएदिन कोई न कोई हादसे का शिकार होता रहता है। रात के समय कई बार नहर में लोग गिर चुके है। एक बार तो एक चौपहिया वाहन भी नहर में गिर पड़ी थी। इलाकाई लोगों ने कई बार रेलिंग लगवाने जाने की मांग की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
हमीरपुर की अनहोनी से सहमे परिजन
घटना के 20 घंटे बीतने के बाद भी दोनों रिश्तेदारों का कुछ पता न चलने से नहर किनारे खड़े लोगों के बीच कुछ माह पहले मौदहा (हमीरपुर) में डॉक्टर के डूबने की खबर की चर्चा होने लगी। यह सुनकर भी दोनों के परिजन अनहोनी की आशंका से सहम गए।