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झांसी ट्रैक के दोहरीकरण को मिला 225 करोड़ का बजट, काम में तेजी आएगी
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झउरई। झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण में अब तेजी आएगी। रेल बजट में झांसी कानपुर ट्रैक के दोहरीकरण के लिए 225 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है। ट्रैक दोहरीकरण में बजट की बाधा दूर हो गई है।
बता दें कि झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम 10 मार्च 2016 से शुरू किया गया था। 206 किलोमीटर लंबे इस रेलवे ट्रैक में अब तक झांसी से गढ़मऊ तक 14 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा पारीछा से नंदखास तक 22 किलोमीटर का ट्रैक भी पूरा हो गया है। इसके साथ पिरौना से भुआ तक 24 किलोमीटर का ट्रैक के दोहरीकरण का काम कंप्लीट हो चुका है और इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। शेष बचे काम के लिए वित्त मंत्रालय ने बजट में 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। रेलवे के पीआरओ मनोज कुमार सिंह के मुताबिक, ट्रैक के दोहरीकरण के काम में बजट के साथ ही तेजी आएगी और तय समय में काम पूरा कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा। अधिकारी भी दोहरीकरण को लेकर नजर रखे हुए हैं।
31 मार्च तक पूरा होना है सरसौखी उसरगांव तक काम
अब रेलवे की तैयारी सरसौखी से उसरगांव तक 20 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक को 31 मार्च तक पूरा करने की है। इसके लिए रेलवे विकास निगम लिमिटेड की कार्यदाई संस्था केईसी ने काम तेजी से शुरू कर दिया है। अधिकारी भी लगातार निरीक्षण कर रहे है और कंपनी से प्रगति रिपोर्ट ले रहे हैं।
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लगातार बढ़ रही है काम की मियाद
रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम वर्ष 2016 में शुरू हुआ था और इसे वर्ष 2020 तक पूरा होने का दावा किया गया था। अब रेलवे का दावा है कि 2022 तक काम पूरा हो जाएगा, लेकिन जिस तरह से काम चल रहा है, उसमें 2022 तक भी काम पूरा होने की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है।
ढांचागत विकास के लिए भी मिला बजट
ताजा रेल बजट में यार्ड के ढांचे और यातायात सुविधाएं के लिए झांसी से गढ़मऊ, उरई से आटा, आटा से कालपी, पुखरायां से लालपुर के लिए छह करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसके अलावा उरई में लूप लाइन के विस्तार के लिए भी धन मिला है।
अभी दोहरीकरण में इतना काम होना है
नंदखास से पिरौना तक-24 किलोमीटर
भुआ से सरसौखी तक-18 किलोमीटर
उसरगांव से भीमसेन तक-68 किलोमीटर
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बता दें कि झांसी कानपुर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम 10 मार्च 2016 से शुरू किया गया था। 206 किलोमीटर लंबे इस रेलवे ट्रैक में अब तक झांसी से गढ़मऊ तक 14 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा पारीछा से नंदखास तक 22 किलोमीटर का ट्रैक भी पूरा हो गया है। इसके साथ पिरौना से भुआ तक 24 किलोमीटर का ट्रैक के दोहरीकरण का काम कंप्लीट हो चुका है और इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। शेष बचे काम के लिए वित्त मंत्रालय ने बजट में 225 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। रेलवे के पीआरओ मनोज कुमार सिंह के मुताबिक, ट्रैक के दोहरीकरण के काम में बजट के साथ ही तेजी आएगी और तय समय में काम पूरा कराने का पूरा प्रयास किया जाएगा। अधिकारी भी दोहरीकरण को लेकर नजर रखे हुए हैं।
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31 मार्च तक पूरा होना है सरसौखी उसरगांव तक काम
अब रेलवे की तैयारी सरसौखी से उसरगांव तक 20 किलोमीटर लंबे रेलवे ट्रैक को 31 मार्च तक पूरा करने की है। इसके लिए रेलवे विकास निगम लिमिटेड की कार्यदाई संस्था केईसी ने काम तेजी से शुरू कर दिया है। अधिकारी भी लगातार निरीक्षण कर रहे है और कंपनी से प्रगति रिपोर्ट ले रहे हैं।
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लगातार बढ़ रही है काम की मियाद
रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम वर्ष 2016 में शुरू हुआ था और इसे वर्ष 2020 तक पूरा होने का दावा किया गया था। अब रेलवे का दावा है कि 2022 तक काम पूरा हो जाएगा, लेकिन जिस तरह से काम चल रहा है, उसमें 2022 तक भी काम पूरा होने की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है।
ढांचागत विकास के लिए भी मिला बजट
ताजा रेल बजट में यार्ड के ढांचे और यातायात सुविधाएं के लिए झांसी से गढ़मऊ, उरई से आटा, आटा से कालपी, पुखरायां से लालपुर के लिए छह करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसके अलावा उरई में लूप लाइन के विस्तार के लिए भी धन मिला है।
अभी दोहरीकरण में इतना काम होना है
नंदखास से पिरौना तक-24 किलोमीटर
भुआ से सरसौखी तक-18 किलोमीटर
उसरगांव से भीमसेन तक-68 किलोमीटर