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जालौन: दस्ते ने निकाली हैंड ग्रेनेड की पिन, नौ वर्ग मीटर तक प्रभावित करने की थी क्षमता
Sat, 17 Jul 2021 12:50 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 17 Jul 2021 12:50 AM IST
सार
सीओ शाहिदा नसरीन ने बताया बम की क्षमता करीब नौ वर्ग मीटर स्थान को प्रभावित करने की थी। फिलहाल उसे जांच के लिए आगरा की प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
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पानी के बाहर रखा हैंड ग्रेनेड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जालौन के माधौगढ़ में पहुज नदी में मिले हैंड ग्रेनेड को शुक्रवार की शाम पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने पिन निकालकर निष्क्रिय कर दिया। जिस वक्त दस्ते के सदस्य ग्रेनेड की पिन निकाल रहे थे, उस समय दूर खड़े लोगों की धड़कनें भी तेज थीं। पिन निकलते ही ग्रामीणों के साथ पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
सीओ शाहिदा नसरीन ने बताया बम की क्षमता करीब नौ वर्ग मीटर स्थान को प्रभावित करने की थी। फिलहाल उसे जांच के लिए आगरा की प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। बता दें कि गुरुवार को गोपालपुरा गांव निवासी एक मानसिक बीमार युवक को पानी के भीतर से हैंड ग्रेनेड मिला था।
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सीओ शाहिदा नसरीन ने बताया बम की क्षमता करीब नौ वर्ग मीटर स्थान को प्रभावित करने की थी। फिलहाल उसे जांच के लिए आगरा की प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। बता दें कि गुरुवार को गोपालपुरा गांव निवासी एक मानसिक बीमार युवक को पानी के भीतर से हैंड ग्रेनेड मिला था।
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तभी से पूरे गांव में अफरातफरी का माहौल था। पुलिस अधिकारियों ने मामले की सूचना बम निरोधक दस्ते के साथ एटीएस को भी दी थी। इस पर शुक्रवार की शाम दस्ते के एसआई चंद्रपाल सिंह व उनकी टीम के सदस्यों ने सावधानीपूर्वक ग्रेनेड को निष्क्रिय किया।
बताया कि ग्रेनेड 10 से 15 दिन पुराना लग रहा है। इधर, पूरे दिन ग्रेनेड को कड़ी सुरक्षा में रखा गया। पुलिस ने गांव के कुछ घरों में सर्च ऑपरेशन भी चलाया। कई संदिग्धों को उठाकर उनसे पूछताछ की गई। सीओ ने बताया कि जल्द ही एटीएस की टीम भी गोपालपुरा पहुंचेगी।
इसके बाद सीमा से लगे मध्य प्रदेश के भिंड और मुरैना तक ग्रेनेड के बारे में जानकारी की जाएगी। सीओ का कहना है कि बम को छिपाने के नजरिए या फिर लोगों को बचाने के लिए पानी में फेंका गया है। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। दूसरी ओर ग्रामीण रामकेश, सुधीर और राघवेंद्र का कहना है कि भले ही बम को आबादी से दूर रखा गया था, लेकिन रात भर गांव के लोगों को ठीक से नींद नहीं आई।
बताया कि ग्रेनेड 10 से 15 दिन पुराना लग रहा है। इधर, पूरे दिन ग्रेनेड को कड़ी सुरक्षा में रखा गया। पुलिस ने गांव के कुछ घरों में सर्च ऑपरेशन भी चलाया। कई संदिग्धों को उठाकर उनसे पूछताछ की गई। सीओ ने बताया कि जल्द ही एटीएस की टीम भी गोपालपुरा पहुंचेगी।
इसके बाद सीमा से लगे मध्य प्रदेश के भिंड और मुरैना तक ग्रेनेड के बारे में जानकारी की जाएगी। सीओ का कहना है कि बम को छिपाने के नजरिए या फिर लोगों को बचाने के लिए पानी में फेंका गया है। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। दूसरी ओर ग्रामीण रामकेश, सुधीर और राघवेंद्र का कहना है कि भले ही बम को आबादी से दूर रखा गया था, लेकिन रात भर गांव के लोगों को ठीक से नींद नहीं आई।