उरई। रविवार को मौसम का सबसे सर्द दिन रहा। लोग सर्दी से दिन भर ठिठुररते रहे। मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 11 साल बाद इस तरह की सर्दी पड़ी है। यह सर्दी किसानों के लिए अच्छी है लेकिन बुजुर्गों के लिए खतरनाक है। सर्दी और कोहरे का असर रेल संचालन पर भी पड़ा। ट्रेनें दो घंटे से ज्यादा देरी से आई। लोग सर्दी के बचाव के लिए अलाव तापते नजर आए। बाजारों में सन्नाटा सा छाया रहा। सड़कों पर भी कम वाहन चले। जो वाहन चले, वे दिन में भी लाइट जलाकर निकले। मौसम वैज्ञानिक पुरुषोत्तम कुशवाहा का कहना है कि रविवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इस तरह का सर्दी 14 साल पहले पड़ी थी। इस बार सर्दी कम पडने से किसानों को नुकसान हो रहा था। लेकिन अब उन्हें राहत मिली है। वहीं डॉक्टरों ने भी सर्दी से बचाव करने को कहा है।
संवाद न्यूज एजेंसी रामपुरा के अनुसार, रविवार से आई मौसम में तब्दीली से किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों ने अपने खेतों में रबी की फसल गेहूं, सरसों, मटर, चना, मसूर, बेझर आदि फसलों को बो दिया हैं। लेकिन मौसम के बेरुख मिजाज के कारण चिंतित हो रहे थे। मौसम में आई तब्दीली से किसानों के ऊपर से चिंता के बादल छंट गये हैं। किसान भगवान सिंह, श्यामाचरण, रामजी लाल, कोमल यादव, चंद्रभान, हरि आदि का मानना हैं कि अगर सर्दी अच्छी पड़ती हैं तो इसका फायदा फसल को होगा तथा फसल भी अच्छी होगी। खेतों में पर्याप्त नमी रहेगी। जिससे फसल को बार बार पानी की आवश्यकता नहीं होगी। इस समय किसान फसल की रखवाली करने में लगा हुआ है। अपने खेतों के चारों तरफ बाड़ बना रहा है ताकि अन्ना जानवर खेत में न घुस सकें तथा फसल सुरक्षित रहे।