{"_id":"609109da8ebc3eb92f03f57e","slug":"jalaun-panchayat-chunav-result-2021-updates","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Jalaun Panchayat Chunav Result: जिला पंचायत के चुनाव में बसपा ने भाजपा को पछाड़ा, ये रही पूरी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun Panchayat Chunav Result: जिला पंचायत के चुनाव में बसपा ने भाजपा को पछाड़ा, ये रही पूरी जानकारी
Tue, 04 May 2021 02:24 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 04 May 2021 02:24 PM IST
सार
बसपा में अंतिम समय तक बागियों को पार्टी से बाहर निकालने, टिकटों में फेरबदल और नेतृत्व के प्रति दिखाई देने वाले अविश्वास से लग रहा था कि इस बार बहुजन समाज पार्टी का प्रदर्शन डगमगा जाएगा लेकिन हुआ इसके एकदम विपरीत।
विज्ञापन
जालौन पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जालौन में जिला पंचायत चुनाव से बहुजन समाज पार्टी ने अपने गढ़ में वापसी की है। लंबे समय से चुनावों में अपनी जीत को तरसती बसपा ने इस बार जिला पंचायत के चुनाव में सत्ताधारी भाजपा से बेहतर प्रदर्शन कर 25 में से 7 सीटों पर जीत हासिल की है। जबकि भाजपा 6 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही है।
वहीं समाजवादी पार्टी सिर्फ चार सीटों पर ही सिमटकर रह गई है। जबकि कांग्रेस और जनता दल (वीपी सिंह) के खाते में एक एक सीटें आई हैं। इसके अलावा 6 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों का कब्जा रहा है। हालांकि बसपा में अंतिम समय तक बागियों को पार्टी से बाहर निकालने, टिकटों में फेरबदल और नेतृत्व के प्रति दिखाई देने वाले अविश्वास से लग रहा था कि इस बार बहुजन समाज पार्टी का प्रदर्शन डगमगा जाएगा लेकिन हुआ इसके एकदम विपरीत।
पार्टी ने बुंदेलखंड की धरती पर एक बार फिर से वापसी की है। कुल मिलाकर आने वाले समय में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा और बसपा में कांटे की टक्कर दिखाई देगी। जिसमें निर्दलीय निर्णायक भूमिका भी निभा सकते हैं।
विज्ञापन
इनकी हुई जीत
बबीना - निर्दोष सिंह, (निर्दलीय) 10322
अकबरपुर- अतर सिंह (बसपा), 6588
परासन- रणविजय (भाजपा), 4708
चतेला- ज्ञानसिंह(भाजपा) , 4708
ऐर- कैलाश राजपूत (बसपा), 16962
डकोर- उमा देवी (निर्दलीय),10300
जैसारी कला- अर्चना (सपा) ,6065
गढऱ- मनोज(बसपा) ,4145
विज्ञापन
वहीं समाजवादी पार्टी सिर्फ चार सीटों पर ही सिमटकर रह गई है। जबकि कांग्रेस और जनता दल (वीपी सिंह) के खाते में एक एक सीटें आई हैं। इसके अलावा 6 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों का कब्जा रहा है। हालांकि बसपा में अंतिम समय तक बागियों को पार्टी से बाहर निकालने, टिकटों में फेरबदल और नेतृत्व के प्रति दिखाई देने वाले अविश्वास से लग रहा था कि इस बार बहुजन समाज पार्टी का प्रदर्शन डगमगा जाएगा लेकिन हुआ इसके एकदम विपरीत।
विज्ञापन
पार्टी ने बुंदेलखंड की धरती पर एक बार फिर से वापसी की है। कुल मिलाकर आने वाले समय में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा और बसपा में कांटे की टक्कर दिखाई देगी। जिसमें निर्दलीय निर्णायक भूमिका भी निभा सकते हैं।
विज्ञापन
इनकी हुई जीत
बबीना - निर्दोष सिंह, (निर्दलीय) 10322
अकबरपुर- अतर सिंह (बसपा), 6588
परासन- रणविजय (भाजपा), 4708
चतेला- ज्ञानसिंह(भाजपा) , 4708
ऐर- कैलाश राजपूत (बसपा), 16962
डकोर- उमा देवी (निर्दलीय),10300
जैसारी कला- अर्चना (सपा) ,6065
गढऱ- मनोज(बसपा) ,4145
दिरावटी-मीनाक्षी (बसपा),14973
पहाडग़ांव-पूनम (भाजपा) , 9666
कैलिया- उर्मिला (कांग्रेस), 4828
खकसीस- अमृता (भाजपा) , 8764
रेंढऱ- घनश्याम (भाजपा), 7082
सिकरीराजा- संजीव (सपा), 5604
सहाव- पुष्पेंद्र (भाजपा) , 9156
शहजादपुरा-रामेंद्र त्रिपाठी (निर्दलीय) ,6766
गोहन-देवेंद्र कुमार (सपा) , 9203
हरौली- मालती (जनता दल, वीपी सिंह) , 11536
मई- प्रियंका(बसपा), 7722
जगम्मनपुर- ज्योति देवी (बसपा), 9821
बावली-रेखा (निर्दलीय), 9197
सिरसाकलार, अनिल (निर्दलीय), 7034
कुठौंद-अनुरुद्व (निर्दलीय), 5840
महेवा- मातावती (बसपा) , 6810
चुर्खी- निशा (सपा), 14210
पहाडग़ांव-पूनम (भाजपा) , 9666
कैलिया- उर्मिला (कांग्रेस), 4828
खकसीस- अमृता (भाजपा) , 8764
रेंढऱ- घनश्याम (भाजपा), 7082
सिकरीराजा- संजीव (सपा), 5604
सहाव- पुष्पेंद्र (भाजपा) , 9156
शहजादपुरा-रामेंद्र त्रिपाठी (निर्दलीय) ,6766
गोहन-देवेंद्र कुमार (सपा) , 9203
हरौली- मालती (जनता दल, वीपी सिंह) , 11536
मई- प्रियंका(बसपा), 7722
जगम्मनपुर- ज्योति देवी (बसपा), 9821
बावली-रेखा (निर्दलीय), 9197
सिरसाकलार, अनिल (निर्दलीय), 7034
कुठौंद-अनुरुद्व (निर्दलीय), 5840
महेवा- मातावती (बसपा) , 6810
चुर्खी- निशा (सपा), 14210
परिवार में 5वीं बार आई जिला पंचायत सदस्य की कुर्सी
जिला पंचायत सदस्य चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कहीं-कहीं पर कुर्सी पारिवारिक विरासत के रूप में भी सामने आई। ऐसा ही मामला डकोर सीट से देखने को मिला। जहां से इस बार जिला पंचायत सदस्य की सीट निर्दलीय प्रत्याशी उमा देवी ने जीती है। इससे पहले उमा के पति शिशुपाल सिंह चार बार जिला पंचायत सदस्य और इसी में एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
सबसे पहले 1995 में शिशुपाल जिला पंचायत सदस्य का चुनाव डकोर सीट से ही जीते थे। इसके बाद 2000 में सीट का आरक्षण बदला तो शिशुपाल मैदान में नहीं उतरे। अगले चुनाव 2005 में शिशुपाल सिंह ने दिरावटी से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता। इसी तरह 2010 में भी शिशुपाल ने डकोर सीट से दोबारा चुनाव लड़ा और न सिर्फ जिला पंचायत की सीट पर ही कब्जा किया बल्कि जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने।
पिछली बार यानि 2015 में भी शिशुपाल डकोर से चुनाव लड़कर जीते। इस बार महिला (पिछड़ा वर्ग) सीट होने के कारण शिशुपाल ने अपनी पत्नी उमा देवी को चुनाव मैदान में उतारा और सोमवार को आए परिणाम में उमा देवी विजेता घोषित की गईं।
बेटा और बहू भी बने बीडीसी
बात सिर्फ जिला पंचायत चुनाव तक ही सीमित नहीं रही। शिशुपाल के बेटे तेजपाल और बहू नेहा यादव ने भी इस बार बीडीसी की सीट पर कब्जा कर लिया। निवर्तमान ब्लाक प्रमुख डकोर तेजपाल ने इस चुनाव में सिवडी से जीत दर्ज की है। वहीं तेज की पत्नी नेहा जैसारी से बीडीसी चुनी गई हैं।
जिला पंचायत सदस्य चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कहीं-कहीं पर कुर्सी पारिवारिक विरासत के रूप में भी सामने आई। ऐसा ही मामला डकोर सीट से देखने को मिला। जहां से इस बार जिला पंचायत सदस्य की सीट निर्दलीय प्रत्याशी उमा देवी ने जीती है। इससे पहले उमा के पति शिशुपाल सिंह चार बार जिला पंचायत सदस्य और इसी में एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
सबसे पहले 1995 में शिशुपाल जिला पंचायत सदस्य का चुनाव डकोर सीट से ही जीते थे। इसके बाद 2000 में सीट का आरक्षण बदला तो शिशुपाल मैदान में नहीं उतरे। अगले चुनाव 2005 में शिशुपाल सिंह ने दिरावटी से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता। इसी तरह 2010 में भी शिशुपाल ने डकोर सीट से दोबारा चुनाव लड़ा और न सिर्फ जिला पंचायत की सीट पर ही कब्जा किया बल्कि जिला पंचायत अध्यक्ष भी बने।
पिछली बार यानि 2015 में भी शिशुपाल डकोर से चुनाव लड़कर जीते। इस बार महिला (पिछड़ा वर्ग) सीट होने के कारण शिशुपाल ने अपनी पत्नी उमा देवी को चुनाव मैदान में उतारा और सोमवार को आए परिणाम में उमा देवी विजेता घोषित की गईं।
बेटा और बहू भी बने बीडीसी
बात सिर्फ जिला पंचायत चुनाव तक ही सीमित नहीं रही। शिशुपाल के बेटे तेजपाल और बहू नेहा यादव ने भी इस बार बीडीसी की सीट पर कब्जा कर लिया। निवर्तमान ब्लाक प्रमुख डकोर तेजपाल ने इस चुनाव में सिवडी से जीत दर्ज की है। वहीं तेज की पत्नी नेहा जैसारी से बीडीसी चुनी गई हैं।