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जालौन: सीएम से न मिलने पर दिवारा के ग्रामीण हुए मायूस, बताना चाहते थे एक्सप्रेसवे से संबंधित दिक्कतें
Tue, 09 Mar 2021 07:53 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 09 Mar 2021 07:53 PM IST
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जालौन में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम योगी
- फोटो : amar ujala
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निरीक्षण के लिए क्षेत्र के लाड़पुर दिवारा गांव मुख्यमंत्री पहुंचे लेकिन जिला प्रशासन की सख्ती के चलते गांव के लोग न तो उनसे मिल पाएं और न ही अपनी समस्याएं सुना पाएं। इससे ग्रामीणों में मायूसी रही। आजादी के बाद से जनपद की यमुना नदी किनारे बीहड़ पट्टी में पहली बार किसी मुख्यमंत्री का आगमन हुआ।
सीएम के कार्यक्रम की सूचना आने के बाद से ही गांव के लोग काफी खुश थे। उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री उनसे मिलेंगे और उनकी दिक्कतें जानेंगे लेकिन मंगलवार को कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव के महिला-पुरुषों को कार्यक्रम स्थल पर नहीं जाने दिया। गांव की महिला भूरी देवी, जयदेवी, केशकली, रमाकांती, बंदनादेवी, हेमादेवी, मेवालाल दुलारी, ग्यादेवी, जूली, संगीतादेवी का कहना है कि एक्सप्रेसवे गांव के पास बनने से ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला है।
गांव के लोगों को खेत व बाजार जाने के लिए काफी लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। एक्सप्रेसवे पर कोई भी अंडरपास नहीं बनाया गया है। वहीं एक्सप्रेस वे बन जाने के बाद यमुना की तलहटी में बसा यह गांव बाढ़ में भी डूब जाएगा। इसी समस्या को गांव के लोग मुख्यमंत्री से बताना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया, इसका उन्हें अफसोस रहा।
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सीएम के कार्यक्रम की सूचना आने के बाद से ही गांव के लोग काफी खुश थे। उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री उनसे मिलेंगे और उनकी दिक्कतें जानेंगे लेकिन मंगलवार को कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव के महिला-पुरुषों को कार्यक्रम स्थल पर नहीं जाने दिया। गांव की महिला भूरी देवी, जयदेवी, केशकली, रमाकांती, बंदनादेवी, हेमादेवी, मेवालाल दुलारी, ग्यादेवी, जूली, संगीतादेवी का कहना है कि एक्सप्रेसवे गांव के पास बनने से ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला है।
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गांव के लोगों को खेत व बाजार जाने के लिए काफी लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ता है। एक्सप्रेसवे पर कोई भी अंडरपास नहीं बनाया गया है। वहीं एक्सप्रेस वे बन जाने के बाद यमुना की तलहटी में बसा यह गांव बाढ़ में भी डूब जाएगा। इसी समस्या को गांव के लोग मुख्यमंत्री से बताना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया, इसका उन्हें अफसोस रहा।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
प्रदेश अध्यक्ष को दे गए एक्सप्रेसवे का श्रेय
सीएम योगी ने अपने संबोधन के माध्यम से एक्सप्रेसवे बनने का श्रेय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव को दिया। कहा कि साल 2017 में जब वे मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार बुंदेलखंड के दौरे पर पहुंचे थे तो तत्कालीन परिवहन मंत्री और आज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने ही उनसे इस पिछड़े क्षेत्र के विकास के लिए कहा था। उसी वक्त हमने यहां बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बनाने का मन बना लिया था।
पानी व बेरोजगारी की समस्या का निदान भी बताया
सीएम ने अपनी बातों से यह भी बताने का प्रयास किया कि वे बुंदेलखंड की समस्याओं से अनभिज्ञ नहीं हैं। कहा कि हर घर नल योजना के माध्यम से पेयजल की दिक्कत दूर की जाएगी और रही बात बेरोजगारी की तो एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिगृहीत करते वक्त कुछ जमीनें उद्योगों के लिए भी अधिगृहीत की गई थी। जहां पर नए उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे बुंदेलखंड के लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
जनप्रतिनिधि, अफसर अस्पतालों में भी करें सेवा
कोरोना का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता ने बहुत अच्छे ढंग से इस लड़ाई को लड़ा और अब जीत का समय है तो बिल्कुल लापरवाही न करें। बुजुर्ग सरकारी अस्पताल जाए और मुफ्त वैक्सीन लगवाए। सांसद, विधायक और अधिकारी भी अस्पताल पहंचकर वहां आने वाली जनता की सेवा भी करें। प्रधानमंत्री के प्रयासों से वैक्सीन की सौगात देश को मिली हैं।
पिटाई से घायल मजदूरों ने हल्ला मचाया
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्थल से बाहर तीन चार मजदूर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी करते दिखाई दिए। इन घायल मजदूरों पप्पू और आलम का कहना था कि वे भी एक्सप्रेसवे पर काम कर रहे थे, ठेकेदार ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। इससे वे प्रदेश सरकार से नाराज हैं। हालांकि उनके हो हल्ले को किसी नेता और अधिकारी ने कोई तव्वजो नहीं दी।
सीएम योगी ने अपने संबोधन के माध्यम से एक्सप्रेसवे बनने का श्रेय भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव को दिया। कहा कि साल 2017 में जब वे मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार बुंदेलखंड के दौरे पर पहुंचे थे तो तत्कालीन परिवहन मंत्री और आज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने ही उनसे इस पिछड़े क्षेत्र के विकास के लिए कहा था। उसी वक्त हमने यहां बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बनाने का मन बना लिया था।
पानी व बेरोजगारी की समस्या का निदान भी बताया
सीएम ने अपनी बातों से यह भी बताने का प्रयास किया कि वे बुंदेलखंड की समस्याओं से अनभिज्ञ नहीं हैं। कहा कि हर घर नल योजना के माध्यम से पेयजल की दिक्कत दूर की जाएगी और रही बात बेरोजगारी की तो एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिगृहीत करते वक्त कुछ जमीनें उद्योगों के लिए भी अधिगृहीत की गई थी। जहां पर नए उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिससे बुंदेलखंड के लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
जनप्रतिनिधि, अफसर अस्पतालों में भी करें सेवा
कोरोना का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता ने बहुत अच्छे ढंग से इस लड़ाई को लड़ा और अब जीत का समय है तो बिल्कुल लापरवाही न करें। बुजुर्ग सरकारी अस्पताल जाए और मुफ्त वैक्सीन लगवाए। सांसद, विधायक और अधिकारी भी अस्पताल पहंचकर वहां आने वाली जनता की सेवा भी करें। प्रधानमंत्री के प्रयासों से वैक्सीन की सौगात देश को मिली हैं।
पिटाई से घायल मजदूरों ने हल्ला मचाया
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्थल से बाहर तीन चार मजदूर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी करते दिखाई दिए। इन घायल मजदूरों पप्पू और आलम का कहना था कि वे भी एक्सप्रेसवे पर काम कर रहे थे, ठेकेदार ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की। इससे वे प्रदेश सरकार से नाराज हैं। हालांकि उनके हो हल्ले को किसी नेता और अधिकारी ने कोई तव्वजो नहीं दी।