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जालौन : कर्ज से परेशान अधेड़ ने फंदा लगाकर जान दी
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मृतक लालाराम अहिरवार की फाइल फोटो
- फोटो : ORAI
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कदौरा। थाना क्षेत्र के बड़ागांव मेें एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर जान दे दी। उसका शव बृहस्पतिवार सुबह गांव के बाहर पेड़ पर फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है।
बताया गया है कि लालाराम (60) मरगांया के रामदास डेरा के रहने वाले थे। वह कुछ माह से अपनी ससुराल बड़ागांव में रहने लगे थे। उन्होंने पुखरायां की एक एजेंसी से ऋण पर ट्रैक्टर लिया था। इसकी 16 किश्तें उन्हें अदा करनी थी। मृतक की पत्नी ममता देवी ने बताया कि हर तीन माह में ट्रैक्टर की किश्त के तौर पर 33 हजार रुपये जमा होते थे। पति अब तक सात किश्तें जमा कर चुके थे। जबकि नौ किश्तें बकाया थीं।
किश्तें जमा करने के लिए उन्होंने एक साहूकार से एक लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसके अलावा अपने मामा से 20 हजार और समूह का उन पर 30 हजार रुपये बकाया था।
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यह पैसा वह जमा नहीं कर पाने के कारण परेशान थे। यह पैसा अदा करने के लिए उन्होंने कदौरा स्थित एक प्लाट भी बेच दिया था लेकिन पैसा अदा नहीं हो सका। इधर साहूकार अपना पैसा मांग रहा था। उसने पैसा न लौटाने पर ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया था।
इस कारण रोज उसके घर में कलह होती थी।
मृतक के बेटे सोनू ने बताया कि बुधवार शाम को पिता 50 हजार रुपये लेकर अजनारी जाने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद घर नहीं लौटे। बृहस्पतिवार सुबह गांव से ड्यूटी पर जाते समय होमगार्ड करन यादव ने उनका शव गांव के बाहर पेड़ पर लटका देखा।
प्रभारी निरीक्षक उमाकांत ओझा ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। मृतक की जेब से दो रुपये और लाइटर मिला है।
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बताया गया है कि लालाराम (60) मरगांया के रामदास डेरा के रहने वाले थे। वह कुछ माह से अपनी ससुराल बड़ागांव में रहने लगे थे। उन्होंने पुखरायां की एक एजेंसी से ऋण पर ट्रैक्टर लिया था। इसकी 16 किश्तें उन्हें अदा करनी थी। मृतक की पत्नी ममता देवी ने बताया कि हर तीन माह में ट्रैक्टर की किश्त के तौर पर 33 हजार रुपये जमा होते थे। पति अब तक सात किश्तें जमा कर चुके थे। जबकि नौ किश्तें बकाया थीं।
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किश्तें जमा करने के लिए उन्होंने एक साहूकार से एक लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसके अलावा अपने मामा से 20 हजार और समूह का उन पर 30 हजार रुपये बकाया था।
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यह पैसा वह जमा नहीं कर पाने के कारण परेशान थे। यह पैसा अदा करने के लिए उन्होंने कदौरा स्थित एक प्लाट भी बेच दिया था लेकिन पैसा अदा नहीं हो सका। इधर साहूकार अपना पैसा मांग रहा था। उसने पैसा न लौटाने पर ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया था।
इस कारण रोज उसके घर में कलह होती थी।
मृतक के बेटे सोनू ने बताया कि बुधवार शाम को पिता 50 हजार रुपये लेकर अजनारी जाने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद घर नहीं लौटे। बृहस्पतिवार सुबह गांव से ड्यूटी पर जाते समय होमगार्ड करन यादव ने उनका शव गांव के बाहर पेड़ पर लटका देखा।
प्रभारी निरीक्षक उमाकांत ओझा ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलते ही कार्रवाई की जाएगी। मृतक की जेब से दो रुपये और लाइटर मिला है।