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जालौन: गांव में घुसा 15 फीट लंबा मगरमच्छ, ग्रामीणों ने रस्सी से पकड़कर बांधा, बेतवा नदी में छोड़ा
Tue, 02 Nov 2021 12:37 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 02 Nov 2021 12:37 PM IST
सार
जालौन के गांव में रात को मगरमच्छ घुस आया। इससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। वन विभाग को सूचना दी गई लेकिन जब तक वन कर्मी पहुंचते ग्रामीणों ने मगरमच्छ को पकड़ लिया। उसे रस्सी से बांध दिया गया।
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जालौन: गांव में रात में घुसा मगरमच्छ, मचा हड़कंप
- फोटो : amar ujala
विस्तार
जालौन के एट में सोमवार की रात के वक्त तालाब से निकल कर घुसा गांव में मगरमच्छ रास्ते से निकल रहे ग्रामीणों ने जब मगरमच्छ को देखा तो गांव में दहशत फैल गई। आनन फानन में ग्रामीण इकट्ठे हो बाद में ग्रामीणों ने किसी तरह मगरमच्छ को पकड़कर रस्सियों के सहारे बांधकर वन विभाग को सूचना दी।
देर रात तक वन विभाग की टीम गांव नहीं पहुंचे थी, वहीं मगरमच्छ को रस्सियों से बांधकर ग्रामीण उसकी रखवाली कर सुबह होने तक का इंतजार कर रहे हैं, जिससे सुबह होते ही मगरमच्छ को बेतवा नदी में छोड़ा जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बगल से निकली हमीरपुर शाख की नहर से अक्सर मगरमच्छ निकलकर तालाबों में आ जाते हैं, उसके बाद रात होने पर अपना शिकार ढूंढने के लिए वह गांव तक पहुंच जाते हैं।
कई बार वन विभाग की टीम ने आकर मगरमच्छों को पकड़कर बेतवा नदी में छोड़ा है। लेकिन मगरमच्छों का गांव में घुसना बंद नहीं हो रहा है। जिससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। वन विभाग की टीम को सूचना देने के बाद देर रात तक वन विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची थी।
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देर रात तक वन विभाग की टीम गांव नहीं पहुंचे थी, वहीं मगरमच्छ को रस्सियों से बांधकर ग्रामीण उसकी रखवाली कर सुबह होने तक का इंतजार कर रहे हैं, जिससे सुबह होते ही मगरमच्छ को बेतवा नदी में छोड़ा जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बगल से निकली हमीरपुर शाख की नहर से अक्सर मगरमच्छ निकलकर तालाबों में आ जाते हैं, उसके बाद रात होने पर अपना शिकार ढूंढने के लिए वह गांव तक पहुंच जाते हैं।
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कई बार वन विभाग की टीम ने आकर मगरमच्छों को पकड़कर बेतवा नदी में छोड़ा है। लेकिन मगरमच्छों का गांव में घुसना बंद नहीं हो रहा है। जिससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है। वन विभाग की टीम को सूचना देने के बाद देर रात तक वन विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची थी।
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