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विकास के लिए बुंदेलखण्ड राज्य बनना जरूरी - राजा बुंदेला
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उरई। बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला ने कहा कि विकास के लिए बुंदेलखंड राज्य बनना जरूरी है। वह उरई में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए थे, उन्होंने यह बात चर्चा के दौरान कही।
बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य के लिए वह आंदोलन चला रहे हैं। कहा कि पूर्व में बुंदेलखंड का विभाजन गलत ढंग से किया गया, उस समय कोई कुछ नहीं बोला। झांसी और दतिया की दूरी महज 17 किमी है लेकिन दोनों अलग-अलग राज्य में कर दिए गए।
उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर, दो-दो एयरपोर्ट, एक्सप्रेस वे, देवगढ़ में फार्मेसी का हब, दुग्ध डेयरी योजना, केन बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड की तस्वीर बदलेंगी।
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मौलिकता न छोड़ें लोक कलाकार
राजा बुंदेला ने कहा कि बुंदेलखंडी कलाकार मौलिकता न छोड़ें। देशराज पटैरिया ने मौलिकता नहीं छोड़ी, इसलिए वे कलाकार के तौर पर छाए रहे। उन्होंने कहा कि आज हमने अपने राई, सेरा, ढिमरयाई जैसे नृत्य को फिल्मी अंदाज में बदलने का प्रयास किया वह ठीक नहीं। नोएडा फिल्म सिटी बनने से बुंदेलखंड को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां पर जंगल, नदी, पहाड़ और किले हैं। यहां शूटिंग होने पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बुंदेली कलाकारों को एक बड़ा मंच मिल जाएगा।
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बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य के लिए वह आंदोलन चला रहे हैं। कहा कि पूर्व में बुंदेलखंड का विभाजन गलत ढंग से किया गया, उस समय कोई कुछ नहीं बोला। झांसी और दतिया की दूरी महज 17 किमी है लेकिन दोनों अलग-अलग राज्य में कर दिए गए।
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उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर, दो-दो एयरपोर्ट, एक्सप्रेस वे, देवगढ़ में फार्मेसी का हब, दुग्ध डेयरी योजना, केन बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड की तस्वीर बदलेंगी।
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मौलिकता न छोड़ें लोक कलाकार
राजा बुंदेला ने कहा कि बुंदेलखंडी कलाकार मौलिकता न छोड़ें। देशराज पटैरिया ने मौलिकता नहीं छोड़ी, इसलिए वे कलाकार के तौर पर छाए रहे। उन्होंने कहा कि आज हमने अपने राई, सेरा, ढिमरयाई जैसे नृत्य को फिल्मी अंदाज में बदलने का प्रयास किया वह ठीक नहीं। नोएडा फिल्म सिटी बनने से बुंदेलखंड को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां पर जंगल, नदी, पहाड़ और किले हैं। यहां शूटिंग होने पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और बुंदेली कलाकारों को एक बड़ा मंच मिल जाएगा।