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आयुर्वेद चिकित्सालय में मिलीं अनियमितता
अमर उजाला जालौन
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:33 PM IST
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दवा चेक करते प्रभारी चिकित्साधिकारी।
- फोटो : amarujala
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आयुर्वेद निदेशालय के चिकित्साधिकारी ने शनिवार को आयुर्वेद चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होेंने कई दवाओं की जांच की। इनमें कुछ दवाएं ऐसी मिलीं, जिनके ऊपर कुछ और लिखा था, जबकि अंदर दवा कुछ और थी। इसी दौरान एक मरीज ने शिकायत करते हुए बताया कि यहां की दवा में कुछ मिलावट की गई है। दवा खाने के बाद तबीयत खराब हो गई।
आयुर्वेद निदेशालय लखनऊ के प्रभारी चिकित्साधिकारी उमेश चंद्र त्रिपाठी ने जिला आयुर्वेद चिकित्सालय का निरीक्षण किया। कई पैकेटों पर दवा का नाम कुछ और पैकेट के अंदर कुछ और दवा थी। एक पैकेट पर सोंठ का चूर्ण लिखा था। इसकी कीमत 625 रुपये किलो है। पैकेट खोला गया तो उसमें आंवले का चूर्ण निकला, जिसकी कीमत मात्र 150 रुपये किलो है। इसी प्रकार अश्वगंधा लिखा पैकेट खोला, जिसकी कीमत 617 रुपये किलो है, उसमें भी आंवले का चूर्ण निकला।
उन्हाेंने चिकित्सा प्रभारी एमडी आर्या से पूछताछ की तो वे बगलें झांकने लगे। डॉ. आर्या ने आरोप लगाया कि विभाग में तैनात एक डाक्टर के इशारे पर मुझे फंसाने के लिए यह सब किया जा रहा है। इस पर वहां बैठे डॉ. अशोक कुमार और कमलेश कुमार भड़क गए। जांच अधिकारी के सामने ही एक-दूसरे पर आरोप लगा उलझ गए।
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रामनगर निवासी ओमकांत पांडेय ने शिकायत किया कि लगभग एक सप्ताह पूर्व उन्हें पेचिश की शिकायत हुई तो आयुर्वेद चिकित्सालय में दिखाने आए। डाक्टर ने उन्हें जो दवा दी, वह रिएक्शन कर गई। इससे पेचिश और बढ़ गई। इस दौरान डॉ. अशोक गुप्ता रामकिशोर, फार्मासिस्ट बृजकिशोर, अखिलेश भी मौजूद रहे।
सीएमओ ने कोंच सीएचसी का किया निरीक्षण
उरई (ब्यूरो)। सीएमओ ने शनिवार को कोंच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान एक चिकित्सक अनुपस्थित मिलीं। इस पर उन्होेंने स्पष्टीकरण मांगा। इस दौरान कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। ये व्यवस्थाएं दुरुस्त करते नजर आए।
मुख्य चिकित्साधिकारी अल्पना बरतारिया ने शनिवार 11 बजे कोंच केे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. सपना यादव अनुपस्थित मिलीं। जब उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर देखा तो उस पर सपना यादव के हस्ताक्षर थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही नहीं चलेगी। हस्ताक्षर करने के बाद केंद्र से गायब होना घोर लापरवाही है। सभी लोग अपनी कार्य प्रणाली सुधार लें अन्यथा कठोर कार्रवाई होगी। बताया कि डॉ. सपना यादव से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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आयुर्वेद निदेशालय लखनऊ के प्रभारी चिकित्साधिकारी उमेश चंद्र त्रिपाठी ने जिला आयुर्वेद चिकित्सालय का निरीक्षण किया। कई पैकेटों पर दवा का नाम कुछ और पैकेट के अंदर कुछ और दवा थी। एक पैकेट पर सोंठ का चूर्ण लिखा था। इसकी कीमत 625 रुपये किलो है। पैकेट खोला गया तो उसमें आंवले का चूर्ण निकला, जिसकी कीमत मात्र 150 रुपये किलो है। इसी प्रकार अश्वगंधा लिखा पैकेट खोला, जिसकी कीमत 617 रुपये किलो है, उसमें भी आंवले का चूर्ण निकला।
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उन्हाेंने चिकित्सा प्रभारी एमडी आर्या से पूछताछ की तो वे बगलें झांकने लगे। डॉ. आर्या ने आरोप लगाया कि विभाग में तैनात एक डाक्टर के इशारे पर मुझे फंसाने के लिए यह सब किया जा रहा है। इस पर वहां बैठे डॉ. अशोक कुमार और कमलेश कुमार भड़क गए। जांच अधिकारी के सामने ही एक-दूसरे पर आरोप लगा उलझ गए।
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रामनगर निवासी ओमकांत पांडेय ने शिकायत किया कि लगभग एक सप्ताह पूर्व उन्हें पेचिश की शिकायत हुई तो आयुर्वेद चिकित्सालय में दिखाने आए। डाक्टर ने उन्हें जो दवा दी, वह रिएक्शन कर गई। इससे पेचिश और बढ़ गई। इस दौरान डॉ. अशोक गुप्ता रामकिशोर, फार्मासिस्ट बृजकिशोर, अखिलेश भी मौजूद रहे।
सीएमओ ने कोंच सीएचसी का किया निरीक्षण
उरई (ब्यूरो)। सीएमओ ने शनिवार को कोंच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान एक चिकित्सक अनुपस्थित मिलीं। इस पर उन्होेंने स्पष्टीकरण मांगा। इस दौरान कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति रही। ये व्यवस्थाएं दुरुस्त करते नजर आए।
मुख्य चिकित्साधिकारी अल्पना बरतारिया ने शनिवार 11 बजे कोंच केे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डॉ. सपना यादव अनुपस्थित मिलीं। जब उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर देखा तो उस पर सपना यादव के हस्ताक्षर थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही नहीं चलेगी। हस्ताक्षर करने के बाद केंद्र से गायब होना घोर लापरवाही है। सभी लोग अपनी कार्य प्रणाली सुधार लें अन्यथा कठोर कार्रवाई होगी। बताया कि डॉ. सपना यादव से स्पष्टीकरण मांगा गया है।