{"_id":"62fe7d91b9be772979048656","slug":"in-sindh-chambal-river-boom-villagers-scared-orai-news-knp713413428","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंध-चंबल नदी में उफान, ग्रामीण डरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंध-चंबल नदी में उफान, ग्रामीण डरे
विज्ञापन
कालपी में यमुना का बढ़ता जलस्तर।
- फोटो : ORAI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुरा। विकास खंड के नदियापार के बीहड़ इलाके में बहने वाली सिंध, पहुज और चंबल का लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। इस वजह से कई गांवों का एक दूसरे से संपर्क टूट गया है। सिंध नदी के किनारे बसे बिल्हौड़, हुकुमपुरा, जखेता और सुल्तानपुरा गांवों का संपर्क टूट गया है। नदियों का उफान देखकर ग्रामीण परेशान हैं।
पिछले साल आई भीषण बाढ़ में सबसे अधिक नुकसान इन्हीं गांवों में हुआ था। सिंध और पहुज नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण बिल्हौड़, हुकुमपुरा और जखेता गांव में तीन ओर से नदी के पानी से घिर चुके हैं। एक दूसरे गांवों से संपर्क टूट चुका हैं। जखेता गांव के ग्रामीण राकेश, हरीराम, सुरेश, धनीराम आदि ने बताया कि लोगों का रामपुरा जाने के लिए सभी गांवों से संपर्क टूट चुका है। अगर जलस्तर और बढ़ता है तो गांवों से बाहर निकलने के लिए सिर्फ जंगल की पगडंडी वाला तीन किलोमीटर का रास्ता है। यह रास्ता मध्यप्रदेश के गांव हारके पुरा की तरफ और इटावा बॉर्डर के सिंडौस की तरफ जाता है। पहुज नदी के जद में आने वाले गांव कुसेपुरा, सुंदरपुरा, डिकौली जागीर, निनावली जागीर के लोगों का कहना है कि बुधवार से पानी लगातार बढ़ रहा है। यदि शनिवार सुबह तक जलस्तर नहीं घटता है तो पानी घरों में घुस जाएगा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिहाज से कोई इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। तहसीलदार सुशील सिंह ने बताया कि जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। तहसीलदार के साथ कानूनगो राजेंद्र प्रसाद, लेखपाल कुंवरसिंह, चौकी इंचार्ज मूलचंद्र यादव ने गांवों का भ्रमण किया।
------------------
फोटो-31-कालपी में यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर। संवाद
कोटा बैराज से पानी छोड़ने से उफनाई यमुना
कालपी। राजस्थान के कोटा बैराज का पानी चंबल में छोड़ने से यमुना का जलस्तर पिछले 24 घंटे में लगभग तीन मीटर बढ़ गया है। यमुना के बढ़ते जलस्तर से यमुना पट्टी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों चितिंत हैं। जलस्तर बढ़ने की सूचना पर प्रशासन को दे दी गई है। अफसरों ने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर संभावित बाढ़ से निपटने के लिए लेखपालों व राजस्व कर्मियों को निर्देश दे दिए गए हैं। यमुना खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अनुसार अभी जलस्तर और बढ़ सकता है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि अभी भी जलस्तर बढ़ने की आशंका है। गुरुवार को शाम सात बजे यमुना का जलस्तर 105.85 मीटर था। 24 घंटे में यमुना लगभग तीन मीटर बढ़ी है। अगले 24 घंटे में कई गांवों का संपर्क कट सकता है। जलस्तर हर घंटे नापने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
-------------
इन गांवों में दहशत अधिक
देवकली, हीरापुर, मदारपुर, मैनुपुर, कीरतपुर, गुढ़ा खास, शेखपुर गुढ़ा, मदारपुर, रायड, मदरालालपुर, नरहान समेत लगभग चालीस गांव के लोग सर्वाधिक दहशत में हैं।
------------------------
कुछ यूं बढ़ा यमुना का जलस्तर
17 अगस्तर शाम में 7 बजे .103.00 मीटर
18 अगस्त शाम में 7 बजे. 105.85 मीटर
अलर्ट का निशान-107 मीटर
खतरे का निशान-108 मीटर
विज्ञापन
पिछले साल आई भीषण बाढ़ में सबसे अधिक नुकसान इन्हीं गांवों में हुआ था। सिंध और पहुज नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण बिल्हौड़, हुकुमपुरा और जखेता गांव में तीन ओर से नदी के पानी से घिर चुके हैं। एक दूसरे गांवों से संपर्क टूट चुका हैं। जखेता गांव के ग्रामीण राकेश, हरीराम, सुरेश, धनीराम आदि ने बताया कि लोगों का रामपुरा जाने के लिए सभी गांवों से संपर्क टूट चुका है। अगर जलस्तर और बढ़ता है तो गांवों से बाहर निकलने के लिए सिर्फ जंगल की पगडंडी वाला तीन किलोमीटर का रास्ता है। यह रास्ता मध्यप्रदेश के गांव हारके पुरा की तरफ और इटावा बॉर्डर के सिंडौस की तरफ जाता है। पहुज नदी के जद में आने वाले गांव कुसेपुरा, सुंदरपुरा, डिकौली जागीर, निनावली जागीर के लोगों का कहना है कि बुधवार से पानी लगातार बढ़ रहा है। यदि शनिवार सुबह तक जलस्तर नहीं घटता है तो पानी घरों में घुस जाएगा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिहाज से कोई इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। तहसीलदार सुशील सिंह ने बताया कि जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। तहसीलदार के साथ कानूनगो राजेंद्र प्रसाद, लेखपाल कुंवरसिंह, चौकी इंचार्ज मूलचंद्र यादव ने गांवों का भ्रमण किया।
विज्ञापन
------------------
फोटो-31-कालपी में यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर। संवाद
कोटा बैराज से पानी छोड़ने से उफनाई यमुना
कालपी। राजस्थान के कोटा बैराज का पानी चंबल में छोड़ने से यमुना का जलस्तर पिछले 24 घंटे में लगभग तीन मीटर बढ़ गया है। यमुना के बढ़ते जलस्तर से यमुना पट्टी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों चितिंत हैं। जलस्तर बढ़ने की सूचना पर प्रशासन को दे दी गई है। अफसरों ने बताया कि बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर संभावित बाढ़ से निपटने के लिए लेखपालों व राजस्व कर्मियों को निर्देश दे दिए गए हैं। यमुना खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे है। केंद्रीय जल आयोग कार्यालय के अनुसार अभी जलस्तर और बढ़ सकता है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी रूपेश कुमार ने बताया कि अभी भी जलस्तर बढ़ने की आशंका है। गुरुवार को शाम सात बजे यमुना का जलस्तर 105.85 मीटर था। 24 घंटे में यमुना लगभग तीन मीटर बढ़ी है। अगले 24 घंटे में कई गांवों का संपर्क कट सकता है। जलस्तर हर घंटे नापने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
-------------
इन गांवों में दहशत अधिक
देवकली, हीरापुर, मदारपुर, मैनुपुर, कीरतपुर, गुढ़ा खास, शेखपुर गुढ़ा, मदारपुर, रायड, मदरालालपुर, नरहान समेत लगभग चालीस गांव के लोग सर्वाधिक दहशत में हैं।
------------------------
कुछ यूं बढ़ा यमुना का जलस्तर
17 अगस्तर शाम में 7 बजे .103.00 मीटर
18 अगस्त शाम में 7 बजे. 105.85 मीटर
अलर्ट का निशान-107 मीटर
खतरे का निशान-108 मीटर