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Jalaun News: बीमार गोवंश की सूचना न देने पर केयर टेकर की सेवा होगी समाप्त
Wed, 19 Jun 2024 12:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Wed, 19 Jun 2024 12:40 AM IST
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उरई। गोशालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर डीएम राजेश कुमार पांडेय ने वुर्चअल बैठक ली। उन्होंने कहा कि गोशालाओं में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। गोशालाओं में बीमार गोवंश की सूचना न देने वाले केयरटेकरों की सेवाएं समाप्त की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि गोशालाओं में अव्यवस्थाएं मिलने पर केयरटेकर के साथ-साथ संबंधित अधिकारी व नोडल अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। माह मई 2024 की फंड रिक्वेस्ट न भेजने पर डकोर और माधौगढ़ ब्लॉक के अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
उन्होंने कहा कि सहभागिता योजना के तहत दिए गए गोवंशों का सत्यापन कराया जाए ताकि समय से किसानों को भुगतान किया जा सके। गोवंशों के हरा चारा व स्वास्थ्य के लिए नेपियार घास के लिए चयनित की गई भूमि पर शत प्रतिशत बोआई कराई जाए। उन्होंने एसडीएम, बीडीओ व अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोआश्रय स्थलों से गोवंश को नही छोड़ा जाए, जिस क्षेत्र में गोवंश विचरण करते पाए जाते हैं तो निश्चित ही संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सभी गो आश्रय स्थलों में वर्मी कंपोस्ट आदि के लिए एनआरएलएम/ मनरेगा के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों को जोड़े जाने के निर्देश दिए। सघन पौधरोपण अभियान के तहत समस्त गोशालाओं में छायादार पौधे रोपे किए जाना सुनिश्चित करें। बारिश से पूर्व गोआश्रय स्थलों में कीचड़ एवं जलभराव की समस्या न होने पाए। इसके लिए पहले से ही कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई करें। ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर टास्क फोर्स की बैठक नियमित करें, और इसकी आख्या रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराएं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि बीमार गोवंशों के इलाज के लिए पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचकर उपचार सुनिश्चित करेंगे।
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उन्होंने कहा कि सहभागिता योजना के तहत दिए गए गोवंशों का सत्यापन कराया जाए ताकि समय से किसानों को भुगतान किया जा सके। गोवंशों के हरा चारा व स्वास्थ्य के लिए नेपियार घास के लिए चयनित की गई भूमि पर शत प्रतिशत बोआई कराई जाए। उन्होंने एसडीएम, बीडीओ व अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोआश्रय स्थलों से गोवंश को नही छोड़ा जाए, जिस क्षेत्र में गोवंश विचरण करते पाए जाते हैं तो निश्चित ही संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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सभी गो आश्रय स्थलों में वर्मी कंपोस्ट आदि के लिए एनआरएलएम/ मनरेगा के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों को जोड़े जाने के निर्देश दिए। सघन पौधरोपण अभियान के तहत समस्त गोशालाओं में छायादार पौधे रोपे किए जाना सुनिश्चित करें। बारिश से पूर्व गोआश्रय स्थलों में कीचड़ एवं जलभराव की समस्या न होने पाए। इसके लिए पहले से ही कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई करें। ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर टास्क फोर्स की बैठक नियमित करें, और इसकी आख्या रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराएं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि बीमार गोवंशों के इलाज के लिए पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचकर उपचार सुनिश्चित करेंगे।
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