उरई। हर माह की नौ तारीख को होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन जिला महिला अस्पताल परिसर में शनिवार को किया गया। इस दौरान 78 गर्भवती की स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई। इसमें दो महिलाएं उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) निकली। उनमें हीमोग्लोबिन सात मिला। जिन्हें दवा देकर आवश्यक सलाह दी गई। साथ ही प्रसव से पहले होने वाली जांच के लिए जागरूक किया गया।
मुख्य अतिथि डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन गर्भवती की सभी प्रकार की जांच नियमित रुप से होती रहे, इसलिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं खानपान का विशेष ख्याल रखें। चिकित्सक जो भी दवाएं बताए, उसका नियमानुसार प्रयोग करें। प्रसव से पहले नियमित जांच गर्भवती और उसके बच्चे को जोखिम से बचाने का काम करते हैं। सीएमओ डॉ एनडी शर्मा ने कहा कि गर्भवती की प्रसव से पहले चार जांचें कराई जाती है। इन जांचों से गर्भावस्था के दौरान खून की कमी का जल्दी पता चलने से उपचार में मदद मिलती है। साथ ही गर्भ में पलने वाले बच्चे के बारे में जानकारी मिलती रहती है। सीएमएस डॉ एके त्रिपाठी ने गर्भावस्था के दौरान और गर्भावस्था के बाद मां और बच्चे को लगने वाले टीके के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एसीएमओ डॉ वीरेंद्र सिंह ने गर्भावस्था के दौरान खानपान के बारे में बताया। इस दौरान डॉ सुनीता बनौधा, डॉ एनआर वर्मा, डॉ एके सिंह, डॉ एमके वर्मा ने महिलाओं की जांच की। इस दौरान जिला मातृ स्वास्थ्य सलाहकार रूबी, डॉ एसके पाल, डीपीएम डॉ प्रेमप्रताप सिंह, डॉ अरुण राजपूत, ज्ञानप्रकाश पांडेय, सुशील मौर्या आदि रहे।