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डेंगू से छात्रा की मौत, गंदगी की भरमार
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माधौगढ़। माधौगढ़ में डेंगू ने पैर पसार लिए हैं। जिसके चलते गांधीनगर निवासी बीएससी छात्रा की मौत हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इंकार किया है। वहीं इलाकाई लोगों का कहना है कि नियमित साफ सफाई न होने से क्षेत्र में गंदगी का अंबार है।
गांधीनगर निवासी संदीप कुमार गुप्ता की 19 वर्षीय पुत्री बीएससी छात्रा रौनक चार दिन पहले बुखार आया। परिजनों ने छात्रा को जालौन में डा एमपी सिंह के यहां इलाज कराया। जांच में टाइफाइड बताया गया। सुधार न होने पर छात्रा को सीएचसी माधौगढ़ में भर्ती कराया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ विनोद कुमार राजपूत द्वारा जांच में डेंगू की पुष्टि कर उसका इलाज शुरू किया। सोमवार को रौनक की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजन मंगलवार को छात्रा को ग्वालियर ले जा रहे थे पर रास्ते में उसकी मौत हो गई। पिता संदीप कुमार ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ एसडी चौधरी का कहना है कि छात्रा की मौत की जानकारी नहीं है। जिले में डेंगू से सिर्फ एक मौत हुई है। करीब सौ डेंगू पीड़ित मरीज निकले है।
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सिपाही भी चपेट में आए
थाने के कोतवाल प्रवीन कुमार यादव का कहना है कि दो सिपाही छुट्टी से वापस लौटे थे। बुखार होने पर जांच कराई गई। डेंगू की पुष्टि होने पर दोनों को दोबारा अवकाश पर भेज दिया गया है। इसी तरह एक महिला सिपाही जो कस्बे के एक मोहल्ले में किराए पर रहती है। उन्हें भी डेंगू की शिकायत होने पर अवकाश दिया गया है। बुधवार को कोतवाली परिसर, आसपास सफाई कराकर छिड़काव भी किया गया है। सीएचसी प्रभारी डॉ विनोद कुमार राजपूत का कहना है कि जिस जगह साफ पानी भरा है मच्छर वही पनपते हैं। डेंगू जैसी बीमारी फैलाने में सहायक होती हैं।
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गांधीनगर निवासी संदीप कुमार गुप्ता की 19 वर्षीय पुत्री बीएससी छात्रा रौनक चार दिन पहले बुखार आया। परिजनों ने छात्रा को जालौन में डा एमपी सिंह के यहां इलाज कराया। जांच में टाइफाइड बताया गया। सुधार न होने पर छात्रा को सीएचसी माधौगढ़ में भर्ती कराया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ विनोद कुमार राजपूत द्वारा जांच में डेंगू की पुष्टि कर उसका इलाज शुरू किया। सोमवार को रौनक की तबीयत अचानक खराब हो गई। परिजन मंगलवार को छात्रा को ग्वालियर ले जा रहे थे पर रास्ते में उसकी मौत हो गई। पिता संदीप कुमार ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ एसडी चौधरी का कहना है कि छात्रा की मौत की जानकारी नहीं है। जिले में डेंगू से सिर्फ एक मौत हुई है। करीब सौ डेंगू पीड़ित मरीज निकले है।
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सिपाही भी चपेट में आए
थाने के कोतवाल प्रवीन कुमार यादव का कहना है कि दो सिपाही छुट्टी से वापस लौटे थे। बुखार होने पर जांच कराई गई। डेंगू की पुष्टि होने पर दोनों को दोबारा अवकाश पर भेज दिया गया है। इसी तरह एक महिला सिपाही जो कस्बे के एक मोहल्ले में किराए पर रहती है। उन्हें भी डेंगू की शिकायत होने पर अवकाश दिया गया है। बुधवार को कोतवाली परिसर, आसपास सफाई कराकर छिड़काव भी किया गया है। सीएचसी प्रभारी डॉ विनोद कुमार राजपूत का कहना है कि जिस जगह साफ पानी भरा है मच्छर वही पनपते हैं। डेंगू जैसी बीमारी फैलाने में सहायक होती हैं।
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