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मेडिकल कालेज में खोला गया विदेश यात्रा से लौटने वालों के लिए स्पेशल वार्ड
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उरई। कोरोना की तीसरी लहर और नए वैरिएंट को लेकर सर्तकता बरती जा रही है। सीएमओ डॉ एनडी ने बताया कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 574 ं और शहरी क्षेत्रों में 184 निगरानी समिति है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी निगरानी समितियों को पांच पांच मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाएं।
बताया कि बाहर से रेलमार्ग और सड़क मार्ग से आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग के लिए जांच टीमों की संख्या बढ़ाई जा रही है। विदेश से आने वाले सभी यात्रियों को सात दिन तक होम क्वांरटीन में रखा जाए और फिर आठवे दिन उनकी आरटीपीसीआर जांच कराई जाए। यदि कोई यात्री लक्षणयुक्त पाया जाता है तो उसे मेडिकल कालेज में बनाए गए विदेशी यात्री वार्ड में भर्ती कराया जाए। मेडिकल कालेज में बीस बेड का एक स्पेशल वार्ड बनाया गया है, जहां विदेश से लौटने वाले संक्रमितो को रखा जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि जिले में फिलहाल 15 स्थायी जांच केंद्र है और छह मोबाइल टीमें टेस्टिंग के लिए सक्रिय है। सभी सरकारी कार्यालयों, जेल और वृद्धाश्रम में भी टेस्टिंग का काम किया जाएगा। फोकस सैपलिंग के लिए चल रहा अभियान 28 दिसंबर तक चलेगा। फोकस सैंपलिंग के लिए बनी टीमों की संख्या भी 24 से बढ़ाकर 35 कर दी गई है। इसके लिए आउटसोसिंग पर एलटी (लैब टेक्नीशियन) की व्यवस्था की जाएगी।
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बताया कि बाहर से रेलमार्ग और सड़क मार्ग से आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग के लिए जांच टीमों की संख्या बढ़ाई जा रही है। विदेश से आने वाले सभी यात्रियों को सात दिन तक होम क्वांरटीन में रखा जाए और फिर आठवे दिन उनकी आरटीपीसीआर जांच कराई जाए। यदि कोई यात्री लक्षणयुक्त पाया जाता है तो उसे मेडिकल कालेज में बनाए गए विदेशी यात्री वार्ड में भर्ती कराया जाए। मेडिकल कालेज में बीस बेड का एक स्पेशल वार्ड बनाया गया है, जहां विदेश से लौटने वाले संक्रमितो को रखा जाएगा।
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सीएमओ ने बताया कि जिले में फिलहाल 15 स्थायी जांच केंद्र है और छह मोबाइल टीमें टेस्टिंग के लिए सक्रिय है। सभी सरकारी कार्यालयों, जेल और वृद्धाश्रम में भी टेस्टिंग का काम किया जाएगा। फोकस सैपलिंग के लिए चल रहा अभियान 28 दिसंबर तक चलेगा। फोकस सैंपलिंग के लिए बनी टीमों की संख्या भी 24 से बढ़ाकर 35 कर दी गई है। इसके लिए आउटसोसिंग पर एलटी (लैब टेक्नीशियन) की व्यवस्था की जाएगी।
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