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हरियाली बिखेर पर्यावरण मित्र बने माता प्रसाद
Wed, 16 Jan 2019 12:08 AM IST
gaurav gaurav
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
Published by: gaurav gaurav
Updated Wed, 16 Jan 2019 12:08 AM IST
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हरियाली दिखाते माताप्रसाद तिवारी।
- फोटो : amar ujala
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प्रसाद के मुताबिक लगभग 25 वर्षों के भीतर वह 3 लाख से अधिक पौधे रोप चुके हैं जिनमें करीब 25 हजार वृक्ष का रूप ले चुके हैं। प्रशासन की ओर से उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। माधौगढ़ के मींगनी गांव निवासी माताप्रसाद ने बताया कि 90 के दशक में जब जनपद सूखे की त्रासदी झेल रहा था तभी से इन्होंने क्षेत्र में हरियाली लाने का दृढ़ संकल्प लिया था। फिर बिना रुके ही आम, अमरूद, कटहल, आंवला, बेरी, बरगद, फलदार व छायादार आदि पौधे लगाए जो अब वृक्ष का रुप ले चुकें हैं।
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इसके अलावा विभिन्न बीमारियों में कारगर जड़ी बूटियों के भी सैकड़ों पौधे लगा चुके हैं। माधौगढ़ के चितौरा, चितौरी, धमना, पचोखरा, ऊमरी, गोहन, सरावन, वदनपुरा, रामपुरा, जगम्मनपुर, जालौन के कुंवरपुरा, हरदोई राजा, भिटारा, सहाव आदि गांवों में माताप्रसाद के हाथ से लगाए गए पौधे हरियाली बिखेर रहे हैं। माताप्रसाद की मानें तो पौधरोपण से पर्यावरण में सुधार के साथ-साथ लोगों में प्रकृति के प्रति प्रेम भी पैदा करने के प्रयास में जुटे हैं। उन्होंने अपनी एक मींगनी गांव में पौधशाला भी तैयार की है। जहां पर दूर दराज के ग्रामीण आकर पौधे ले जाते हैं और उनके अभियान में शामिल होते हैं।
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