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किसानों ने कलेक्ट्रेट में हांक दिए अन्ना पशु
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
Updated Fri, 22 Jan 2016 12:43 AM IST
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माधौगढ़ के बाद उरई के किसानों ने भी अपने क्षेत्र के अन्ना पशुओं को कलेक्ट्रेट परिसर में हांक दिया।
किसानों ने अन्ना पशुओं की समस्या के संबंध में प्रशासन की अनदेखी का विरोध करने के लिए यह अनोखा तरीका अपनाया।
समस्या से त्रस्त किसानो ने आगाह किया यदि उनकी मांगें न मानी गईं तो वे जिले भर के अन्ना पशु कलेक्ट्रेट में लाकर छोड़ देंगे। उरई के किसानों के विरोध प्रदर्शन की खासी चर्चा रही। जिले में किसान इन दिनों अन्ना पशुओं से खासे परेशान है।
प्राकृतिक आपदा के शिकार किसानों के खेतों को अन्ना पशु चर जाते हैं। समस्या से परेशान किसानों ने जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने आश्वासन भी दिया जल्द पशुशाला खोल कर उसमें अन्ना पशुओं को रखा जाएगा।
लेकिन डीएम का आशसन कोरा साबित हुआ। समस्या से परेशान किसानों ने विरोध का अनोखा रास्ता ढूंढा। गुरुवार को डकोर के खेत सिंह यादव, जयशंकर देव सिंह, भागीरथ राजपूत, कोटे कुशवाहा, रामनरेश यादव, चंदू व अशोक के अलावा बड़ी संख्या में किसान अन्ना पशुओं को हांकते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
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मड़ोरा गांव के राकेश, धनपाल, सुरेश समेत एक दर्जन किसान भी अपने क्षेत्रों से सैकड़ों अन्ना पशुओं को हंाकते हुए कलेक्ट्रेट में लाकर छोड़ दिया। किसानों के इस कदम से अधिकारी सकते में आ गए। कई अधिकारी अपने चैंबरों से बाहर नहीं निकले।
किसानों ने कहा यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो जिले भर के किसान अन्ना पशुओं को कलेक्ट्रेक्ट लाकर छोड़ देंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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किसानों ने अन्ना पशुओं की समस्या के संबंध में प्रशासन की अनदेखी का विरोध करने के लिए यह अनोखा तरीका अपनाया।
समस्या से त्रस्त किसानो ने आगाह किया यदि उनकी मांगें न मानी गईं तो वे जिले भर के अन्ना पशु कलेक्ट्रेट में लाकर छोड़ देंगे। उरई के किसानों के विरोध प्रदर्शन की खासी चर्चा रही। जिले में किसान इन दिनों अन्ना पशुओं से खासे परेशान है।
प्राकृतिक आपदा के शिकार किसानों के खेतों को अन्ना पशु चर जाते हैं। समस्या से परेशान किसानों ने जिला प्रशासन से कई बार गुहार लगाई। जिलाधिकारी ने आश्वासन भी दिया जल्द पशुशाला खोल कर उसमें अन्ना पशुओं को रखा जाएगा।
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लेकिन डीएम का आशसन कोरा साबित हुआ। समस्या से परेशान किसानों ने विरोध का अनोखा रास्ता ढूंढा। गुरुवार को डकोर के खेत सिंह यादव, जयशंकर देव सिंह, भागीरथ राजपूत, कोटे कुशवाहा, रामनरेश यादव, चंदू व अशोक के अलावा बड़ी संख्या में किसान अन्ना पशुओं को हांकते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
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मड़ोरा गांव के राकेश, धनपाल, सुरेश समेत एक दर्जन किसान भी अपने क्षेत्रों से सैकड़ों अन्ना पशुओं को हंाकते हुए कलेक्ट्रेट में लाकर छोड़ दिया। किसानों के इस कदम से अधिकारी सकते में आ गए। कई अधिकारी अपने चैंबरों से बाहर नहीं निकले।
किसानों ने कहा यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो जिले भर के किसान अन्ना पशुओं को कलेक्ट्रेक्ट लाकर छोड़ देंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।