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हाथ कागज इकाइयों में तालाबंदी एक सप्ताह के लिए टली
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 23 Feb 2016 11:20 PM IST
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उपजिलाधिकारी की नामौजूदगी के चलते कालपी में हाथ कागज इकाइयों में
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तालाबंदी का मामला एक सप्ताह के लिए फिर लटक गया है। झांसी से आई प्रदूषण
विभाग की टीम दिन भर कोतवाली में बैठी रही और शाम को बैरंग लौट गई।
उद्यमियों, पालिकाध्यक्ष एवं सभासदों ने तालाबंदी अभियान को रोकने के लिए
प्रदूषण विभाग की अधिकारी से बहुत गुजारिश
की, पर उन्होंने शासन के सख्त आदेशोें का हवाला देकर मना कर दिया। तालाबंदी की सूचना से उद्यमियों में हड़बड़ाहट है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहायक वैज्ञानिक डा. माधवी कमलवंशी प्रदूषण विभाग की टीम के साथ शासन के निर्देशों के तह कालपी की हाथ कागज इकाइयों में तालाबंदी के लिए आईं। वह फोर्स के लिए कोतवाली
पहुंचीं। एसडीएम जीएल शुक्ला को सूचना दी गई पर वे तहसील क्षेत्र में निर्वाचन आयोग के कार्य में व्यस्त थे। उन्हें तहसील मुख्यालय आते शाम हो गई। प्रदूषण विभाग की टीम दिन भर कोतवाली में बैठी रही। कोतवाली में दर्जनों उद्यमी, पालिकाध्यक्ष कमर अहमद व पालिका सभासद भी पहुंचे व कहा कि फैक्ट्रियों मेें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगवाने का मामला
सीएम के संज्ञान में है। उद्यमियों ने डा. माधवी से बहुत गुजारिश की, पर उन्होंने शासन के सख्त निर्देशों का हवाला दिया और कहा कि जितना समय दिया जा सकता था, उतना दिया गया। कहा कि एक सप्ताह बाद टीम फिर कालपी आएगी और
कागज इकाइयों में तालाबंदी अभियान चलाया जाएगा। प्रथम दौर में सभी बड़ी हाथ कागज इकाइयों को चिन्हित कर उनमें ताला डालकर सीज किया जाएगा। फिर तालाबंदी करके शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
की, पर उन्होंने शासन के सख्त आदेशोें का हवाला देकर मना कर दिया। तालाबंदी की सूचना से उद्यमियों में हड़बड़ाहट है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहायक वैज्ञानिक डा. माधवी कमलवंशी प्रदूषण विभाग की टीम के साथ शासन के निर्देशों के तह कालपी की हाथ कागज इकाइयों में तालाबंदी के लिए आईं। वह फोर्स के लिए कोतवाली
पहुंचीं। एसडीएम जीएल शुक्ला को सूचना दी गई पर वे तहसील क्षेत्र में निर्वाचन आयोग के कार्य में व्यस्त थे। उन्हें तहसील मुख्यालय आते शाम हो गई। प्रदूषण विभाग की टीम दिन भर कोतवाली में बैठी रही। कोतवाली में दर्जनों उद्यमी, पालिकाध्यक्ष कमर अहमद व पालिका सभासद भी पहुंचे व कहा कि फैक्ट्रियों मेें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगवाने का मामला
सीएम के संज्ञान में है। उद्यमियों ने डा. माधवी से बहुत गुजारिश की, पर उन्होंने शासन के सख्त निर्देशों का हवाला दिया और कहा कि जितना समय दिया जा सकता था, उतना दिया गया। कहा कि एक सप्ताह बाद टीम फिर कालपी आएगी और
कागज इकाइयों में तालाबंदी अभियान चलाया जाएगा। प्रथम दौर में सभी बड़ी हाथ कागज इकाइयों को चिन्हित कर उनमें ताला डालकर सीज किया जाएगा। फिर तालाबंदी करके शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।