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सहालग पर कोरोना के संकट से मेहमान-मेजबान सब परेशान
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आटा। कोरोना का प्रकोप फिर से तेजी पकड़ने लगा है। ऐसे में अप्रैल के आखिरी सप्ताह से शुरू हो रही सहालग पर संकट के बादल नजर आ रहे हैं। हालात बिगड़ने पर लोगों में फिर से लॉकडाउन की सुगबुगाहट है वहीं कारोबारियों में घबराहाट।
कई घरों में शादियों की जोरदार तैयारी के बीच कोरोना का डर फिर से हावी होने लगा है। बहुत से लोगों ने कार्ड छपवा लिए हैं तो कइयों के बंट चुके हैं। कई कार्ड बांट रहे हैं लेकिन हर कोई सशंकित है कि आगे क्या होगा। सहालग शुरू होने पर व्यापारी खुश होते हैं कि कारोबार बढ़ेगा लेकिन उन्हें भी नुकसान का डर सताने लगा है। कपड़ा, ज्वैलरी और रेडीमेड कारोबारी सोच रहे हैं कि हालत बिगड़े तो आगे काम कैसे होगा।
दूसरी ओर शासन ने नई गाइडलाइंस जारी कर दी है। अब खुले में परिसर में 100 व बंद परिसर में 50 कर लोगों के शामिल होने की इजाजत दी गई है। ऐसे में आयोजक परेशान हैं कि किसी बुलवाएं और किसी न बुलाएं। दूसरी ओर मेहमान भी डर की वजह से समारोह में जाने से बचने की जुगत ढूंढ रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल लॉकडाउन की वजह से कई लोगों ने घर की शादियां भी टाल दी थी, तब किसी ने यह नहीं सोचा था कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर भी आ जाएगी लेकिन लोगों की लापवाही के चलते फिर से हालात खराब होने की नौबत आ गई है।
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लगत है कि जा करोना रिश्तेदारी में बुराई करेहै
आटा निवासी शशि तिवारी ने बताया 30 अप्रैल को मेरी बिटिया की शादी एक उरई में गेस्ट हाउस से होनी है। परिवार में ही छोटे और बड़े मिलाकर 100 लोग हैं। बरात भी आनी है और रिश्तेदार भी। कोरोना की वजह से कुछ समझ में नहीं आ रहा है। अब समझ में नहीं आ रहा कि परिवार के लोगों को बुलाएं कि रिश्तेदारों को। 300 कार्ड भी बंट चुके हैं। अगर किसी को फोन पर मना भी करते तो बुरा मान जाएगा। लगत है कि जा करोना रिश्तेदारी में बुराई करेहै।
जिसे मना करेंगे, वो बुरा मान जाएगा
आटा के बीजापुर निवासी संतोष द्विवेदी के बेटे पवन का 22 अप्रैल को तिलक का कार्यक्रम है और 26 अप्रैल की शादी है। संतोष ने बताया कि उनके एक ही बेटा है, पिछले साल शादी होनी थी, लेकिन कोरोना की वजह से टाल दी थी। सोचा था अब कोई दिक्कत नहीं होगी तो डेट निकलवा ली। पांच सौ कार्ड छपवाकर बांट भी दिए तभी शासन की नई गाइडलाइंन आ गई। अब नींद हराम हैं। अब किसे फोन से मना करे, किसे ना करे। सभी तो अपने ही है, जिसे मना करेंगे, वो बुरा मान जाएगा। घर के लोग भी टेंशन में आ गए हैं।
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कई घरों में शादियों की जोरदार तैयारी के बीच कोरोना का डर फिर से हावी होने लगा है। बहुत से लोगों ने कार्ड छपवा लिए हैं तो कइयों के बंट चुके हैं। कई कार्ड बांट रहे हैं लेकिन हर कोई सशंकित है कि आगे क्या होगा। सहालग शुरू होने पर व्यापारी खुश होते हैं कि कारोबार बढ़ेगा लेकिन उन्हें भी नुकसान का डर सताने लगा है। कपड़ा, ज्वैलरी और रेडीमेड कारोबारी सोच रहे हैं कि हालत बिगड़े तो आगे काम कैसे होगा।
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दूसरी ओर शासन ने नई गाइडलाइंस जारी कर दी है। अब खुले में परिसर में 100 व बंद परिसर में 50 कर लोगों के शामिल होने की इजाजत दी गई है। ऐसे में आयोजक परेशान हैं कि किसी बुलवाएं और किसी न बुलाएं। दूसरी ओर मेहमान भी डर की वजह से समारोह में जाने से बचने की जुगत ढूंढ रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल लॉकडाउन की वजह से कई लोगों ने घर की शादियां भी टाल दी थी, तब किसी ने यह नहीं सोचा था कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर भी आ जाएगी लेकिन लोगों की लापवाही के चलते फिर से हालात खराब होने की नौबत आ गई है।
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लगत है कि जा करोना रिश्तेदारी में बुराई करेहै
आटा निवासी शशि तिवारी ने बताया 30 अप्रैल को मेरी बिटिया की शादी एक उरई में गेस्ट हाउस से होनी है। परिवार में ही छोटे और बड़े मिलाकर 100 लोग हैं। बरात भी आनी है और रिश्तेदार भी। कोरोना की वजह से कुछ समझ में नहीं आ रहा है। अब समझ में नहीं आ रहा कि परिवार के लोगों को बुलाएं कि रिश्तेदारों को। 300 कार्ड भी बंट चुके हैं। अगर किसी को फोन पर मना भी करते तो बुरा मान जाएगा। लगत है कि जा करोना रिश्तेदारी में बुराई करेहै।
जिसे मना करेंगे, वो बुरा मान जाएगा
आटा के बीजापुर निवासी संतोष द्विवेदी के बेटे पवन का 22 अप्रैल को तिलक का कार्यक्रम है और 26 अप्रैल की शादी है। संतोष ने बताया कि उनके एक ही बेटा है, पिछले साल शादी होनी थी, लेकिन कोरोना की वजह से टाल दी थी। सोचा था अब कोई दिक्कत नहीं होगी तो डेट निकलवा ली। पांच सौ कार्ड छपवाकर बांट भी दिए तभी शासन की नई गाइडलाइंन आ गई। अब नींद हराम हैं। अब किसे फोन से मना करे, किसे ना करे। सभी तो अपने ही है, जिसे मना करेंगे, वो बुरा मान जाएगा। घर के लोग भी टेंशन में आ गए हैं।