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Jalaun News: हड़ताल पर गए गल्ला व्यापारी, नहीं खुले आढ़तों के शटर
Tue, 09 Apr 2024 02:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Tue, 09 Apr 2024 02:14 AM IST
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उरई/कोंच। एमएसपी पर किसानों की उपज खरीदने के शासन के फरमान के खिलाफ कोंच के गल्ला व्यापारी सोमवार से हड़ताल पर चले गए। सोमवार को एसडीएम ने बीच का कोई रास्ता निकालने के लिए मंडी सभागार में व्यापारियों संग बैठक भी की पर बात बनी नहीं। गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय रावत ने बताया कि कोंच के व्यापारियों के समर्थन में पूरे जिले के गल्ला व्यापारी उतर आए हैं, जो शासन के फरमान को व्यापार विरोधी बताते हुए उसका विरोध कर रहे हैं।
बता दें कि जब गेहूं की खरीद एमएसपी पर करने का सरकारी फरमान आया तो व्यापारियों ने गेहूं खरीदने से हाथ खींच लिए थे। लेकिन जब बात और आगे बढ़ते हुए चना, मसूर, लाही भी एमएसपी से ऊपर खरीदने का शासन का नया फरमान आया तो उन्होंने किसी भी तरह का व्यापार कार्य करने से ही हाथ खड़े कर दिए और सोमवार को गल्ला मंडी में किसी भी आढ़त का शटर नहीं खुला।
मंडी समिति कार्यालय के सभागार में सोमवार की दोपहर करीब दो बजे एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने गल्ला व्यापारियों के साथ बैठक की जिसमें मंडी सचिव सोनू व आरएफसी केंद्र प्रभारी राहुल शर्मा भी मौजूद रहे। एसडीएम ने कहा कि उन्होंने व्यापारियों के लिए ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे हड़ताल की नौबत बनी, वह तो सरकार की मंशानुसार काम कर रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों से हड़ताल खत्म करने का भी आग्रह किया लेकिन बात बन नहीं सकी। व्यापारी इस स्थिति में व्यापार करने को कतई राजी नहीं हुए।
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गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय रावत ने बताया कि गल्ला व्यापार बुंदेलखंड अध्यक्ष प्रदीप महेश्वरी उरई से बात कर ली गई है, जिले भर की व्यापारी कोंच के व्यापारियों के समर्थन में उतर आए हैं, अब सभी के साथ बैठक कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान विजय गुप्ता, विनोद दुबे, मनोज गुप्ता. राजीव पटेल,दिनेश, रामकुमार अग्रवाल, ध्रुव प्रताप सिंह, राममोहन रिछारिया, प्रतीक मिश्रा, नवनीत गुप्ता आदि रहे।
ये स्थिति है बाजार भाव और एमएसपी की
कोंच। व्यापारियों द्वारा की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के पीछे की बड़ी वजह यह है कि कई जिंसों के बाजार भाव और एमएसपी में एक हजार तक का अंतर है। लाही, मसूर जैसी जिंसें एमएसपी पर खरीदना उनके लिए घाटे का सौदा होगा। मसूर का खुले बाजार में भाव 5400 है, जबकि एमएसपी 6425 है। लाही 4800 खुले बाजार में बिक रही है और इसका एमएसपी 5450 है। गेहूं का एसएसपी रेट 2275 है, जबकि बाजार में यह 2000 से 2100 के बीच बिक रहा है। चने का रेट जरूर बाजार में एमएसपी से ऊपर है।
आढ़तियों की हड़ताल ने किसानों के लिए पैदा कर दी है समस्या-तरुण
कोंच। हड़ताल ने किसानों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। मसूर, चना और लाही की एमएसपी पर खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर व्यवस्था हो जाएगी लेकिन मटर पर एमएसपी नहीं है और आढ़तें बंद होने से मटर बिक नहीं पा रही है। किसान तरुण निरंजन का कहना है कि उन्हें और उन जैसे तमाम जरूरतमंद किसानों को अपनी मटर बेचनी हैं तो वे कहां जाएं। सरकारी क्रय केंद्रों पर मटर की खरीद होनी नहीं है और आढ़तों में ताला लटका है।
एक और गेहूं क्रय केंद्र बढ़ाया गया मंडी में
कोंच। अभी तक मंडी के अंदर दो और मंडी के बाहर दो गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए थे, लेकिन गेहूं की आवक को देखते हुए डीएम के निर्देश पर मंडी परिसर में एक केंद्र और पीसीयू का श्री गुरुकृपा उत्पादन विपणन सहकारी समिति का बनाया गया है। आरएफसी केंद्र प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि मंडी परिसर में एक और गेहूं खरीद केंद्र की डीएम द्वारा अनुमति मिल गई है। जल्द ही मंडी में केंद्र स्थापित कराया जाएगा ताकि किसानों को सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा चना, मसूर और लाही की एमएसपी पर खरीद के लिए पीसीएफ केंद्र निर्धारित किया गया है। पीसीएफ प्रभारी अवधलाल कुशवाहा ने बताया कि उनके पास पत्र आ गया है, दो-तीन दिन में बारदाना आदि की व्यवस्था के साथ खरीद का काम भी शुरू हो जाएगा।
उरई में भी मंगलवार और बुधवार को बंद रहेगी मंडी
उरई। गेंहू समेत अन्य जिंसों की एमएसपी पर खरीद का दबाव बनाने पर गल्ला व्यापारी खफा है। सोमवार को गल्ला व्यापारियों ने राठ रोड गल्ला मंडी सभागार में बैठक की। गल्ला व्यापार संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी नेे कहा कि गल्ला व्यापारियों ने निर्णय लिया है कि कोंच गल्ला व्यापारियों के समर्थन में उरई की गल्ला मंडी भी मंगलवार और बुधवार को बंद रहेगी। इसके बाद फिर बैठक कर अगली रणनीति तय की जाएगी। इस दौरान गल्ला मंडी के अध्यक्ष देवीदीन राजपूत, उदय सिंह टिमरों, अरविंद पटेरिया, महावीर, रविंद्र, अनूप लखौटिया आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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बता दें कि जब गेहूं की खरीद एमएसपी पर करने का सरकारी फरमान आया तो व्यापारियों ने गेहूं खरीदने से हाथ खींच लिए थे। लेकिन जब बात और आगे बढ़ते हुए चना, मसूर, लाही भी एमएसपी से ऊपर खरीदने का शासन का नया फरमान आया तो उन्होंने किसी भी तरह का व्यापार कार्य करने से ही हाथ खड़े कर दिए और सोमवार को गल्ला मंडी में किसी भी आढ़त का शटर नहीं खुला।
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मंडी समिति कार्यालय के सभागार में सोमवार की दोपहर करीब दो बजे एसडीएम सुशील कुमार सिंह ने गल्ला व्यापारियों के साथ बैठक की जिसमें मंडी सचिव सोनू व आरएफसी केंद्र प्रभारी राहुल शर्मा भी मौजूद रहे। एसडीएम ने कहा कि उन्होंने व्यापारियों के लिए ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे हड़ताल की नौबत बनी, वह तो सरकार की मंशानुसार काम कर रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों से हड़ताल खत्म करने का भी आग्रह किया लेकिन बात बन नहीं सकी। व्यापारी इस स्थिति में व्यापार करने को कतई राजी नहीं हुए।
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गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय रावत ने बताया कि गल्ला व्यापार बुंदेलखंड अध्यक्ष प्रदीप महेश्वरी उरई से बात कर ली गई है, जिले भर की व्यापारी कोंच के व्यापारियों के समर्थन में उतर आए हैं, अब सभी के साथ बैठक कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान विजय गुप्ता, विनोद दुबे, मनोज गुप्ता. राजीव पटेल,दिनेश, रामकुमार अग्रवाल, ध्रुव प्रताप सिंह, राममोहन रिछारिया, प्रतीक मिश्रा, नवनीत गुप्ता आदि रहे।
ये स्थिति है बाजार भाव और एमएसपी की
कोंच। व्यापारियों द्वारा की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल के पीछे की बड़ी वजह यह है कि कई जिंसों के बाजार भाव और एमएसपी में एक हजार तक का अंतर है। लाही, मसूर जैसी जिंसें एमएसपी पर खरीदना उनके लिए घाटे का सौदा होगा। मसूर का खुले बाजार में भाव 5400 है, जबकि एमएसपी 6425 है। लाही 4800 खुले बाजार में बिक रही है और इसका एमएसपी 5450 है। गेहूं का एसएसपी रेट 2275 है, जबकि बाजार में यह 2000 से 2100 के बीच बिक रहा है। चने का रेट जरूर बाजार में एमएसपी से ऊपर है।
आढ़तियों की हड़ताल ने किसानों के लिए पैदा कर दी है समस्या-तरुण
कोंच। हड़ताल ने किसानों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। मसूर, चना और लाही की एमएसपी पर खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर व्यवस्था हो जाएगी लेकिन मटर पर एमएसपी नहीं है और आढ़तें बंद होने से मटर बिक नहीं पा रही है। किसान तरुण निरंजन का कहना है कि उन्हें और उन जैसे तमाम जरूरतमंद किसानों को अपनी मटर बेचनी हैं तो वे कहां जाएं। सरकारी क्रय केंद्रों पर मटर की खरीद होनी नहीं है और आढ़तों में ताला लटका है।
एक और गेहूं क्रय केंद्र बढ़ाया गया मंडी में
कोंच। अभी तक मंडी के अंदर दो और मंडी के बाहर दो गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए थे, लेकिन गेहूं की आवक को देखते हुए डीएम के निर्देश पर मंडी परिसर में एक केंद्र और पीसीयू का श्री गुरुकृपा उत्पादन विपणन सहकारी समिति का बनाया गया है। आरएफसी केंद्र प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि मंडी परिसर में एक और गेहूं खरीद केंद्र की डीएम द्वारा अनुमति मिल गई है। जल्द ही मंडी में केंद्र स्थापित कराया जाएगा ताकि किसानों को सहूलियत मिलेगी। इसके अलावा चना, मसूर और लाही की एमएसपी पर खरीद के लिए पीसीएफ केंद्र निर्धारित किया गया है। पीसीएफ प्रभारी अवधलाल कुशवाहा ने बताया कि उनके पास पत्र आ गया है, दो-तीन दिन में बारदाना आदि की व्यवस्था के साथ खरीद का काम भी शुरू हो जाएगा।
उरई में भी मंगलवार और बुधवार को बंद रहेगी मंडी
उरई। गेंहू समेत अन्य जिंसों की एमएसपी पर खरीद का दबाव बनाने पर गल्ला व्यापारी खफा है। सोमवार को गल्ला व्यापारियों ने राठ रोड गल्ला मंडी सभागार में बैठक की। गल्ला व्यापार संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप माहेश्वरी नेे कहा कि गल्ला व्यापारियों ने निर्णय लिया है कि कोंच गल्ला व्यापारियों के समर्थन में उरई की गल्ला मंडी भी मंगलवार और बुधवार को बंद रहेगी। इसके बाद फिर बैठक कर अगली रणनीति तय की जाएगी। इस दौरान गल्ला मंडी के अध्यक्ष देवीदीन राजपूत, उदय सिंह टिमरों, अरविंद पटेरिया, महावीर, रविंद्र, अनूप लखौटिया आदि व्यापारी मौजूद रहे।