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Jalaun News: चार नलकूप, एक टंकी फिर भी दस हजार आबादी प्यासी

Sat, 23 Mar 2024 02:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 Mar 2024 02:42 PM IST
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Four tube wells, one tank, still ten thousand people are thirsty
उरई। जल निगम की जल्दबाजी और लापरवाही का खामियाजा पांच साल से दस हजार की आबादी भुगत रही है। इन्हें न तो पानी मिल पा रहा न सही से बिजली मिल पा रही है। इलाके के लोग बीते पांच सालों में अपनी शिकायत सभासद से लेकर डीएम तक कर चुके हैं।ले किन उसके बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है। बोर्ड बैठक और केंद्रीय राज्यमंत्री के सामने भी समस्या रखी गई। इसके बाद भी समाधान नहीं निकला।
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शहर के उमरार खेरा में 2019 में नगर पालिका पेयजल पुनर्गठन योजना फेज- 2 में करीब 13 करोड़ की लागत से एक टंकी और नलकूप स्थापित किए गए थे। नलकूप बंशीधर कॉलेज, श्मशान घाट, टंकी के पास, खेत में स्थापित हुए थे। वहीं, टंकी उमराररखेरा में स्थापित हुई थी। इन चारों नलकूप से टंकी के पास बने भूमिगत टैंक में पानी भरा जाता है। इसके बाद दो मोटर अलग से लगी हुई हैं। उनसे पानी टंकी में भरा जाता है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हुई। सभी जगह पर कैमरे भी लगाए गए।
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आटोमैटिक मोटर सुबह चालू हो जाती हैं। टंकी भर जाती है। इन सब को स्थापित तो कर दिया गया। जल निगम ने जल्दबादी में टंकी को ग्रामीण फीडर से बिजली कनेक्शन दे दिया और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली 15 घंटे भी पूरी तरह नहीं मिल रही है। इससे टंकी में पानी नहीं भर पाता है। पांच साल से दस हजार की आबादी को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि सुबह सात बजे ग्रामीण क्षेत्र की लाइट चली जाती है, फिर 11 बजे से 12 बजे की बीच आती है। शाम को भी यही समस्या रहती है। इसके चलते पानी का संकट पांच साल से बना है।
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कई बार हो चुकी शिकायत
टंकी को ग्रामीण फीडर की जगह शहरी फीडर से जोड़ने के लिए कई बार शिकायत हो चुकी है। सभासद माया देवी ने भी बोर्ड बैठक में इस मुद्दे को रखा था। केंद्रीय राज्य मंत्री से भी इसकी शिकायत की थी। जल निगम, जल संस्थान को कई शिकायती पत्र दिए जा चुके हैं, इसके बाद भी समाधान शून्य है।

लोगो की बात
क्षेत्रीय नागरिक निवासी उमाकांत ने बताया कि नल तो सूखा पड़ा रहता है। पता ही नहीं चलता कब पानी आता है, कब जाता है। कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। क्षेत्रीय निवासी शांति देवी ने बताया कि पानी के लिए बड़ी समस्या होती है। पास में दूसरे नलकूप से कनेक्शन लिए हुए हैं। उसी से पानी भरते हैं। गर्मी के समय बड़ी समस्या हो जाती है।

वर्जन-
जल निगम ने टंकी जब उन्हें सौंपी थी। तभी उनसे शहरी फीडर में कनेक्शन करने के लिए कहा गया था। इसके बाद डीएम के लिए पत्र लिखे हैं। उनके संज्ञान में पूरा मामला है। बजट अधिक होने के चलते उस पर काम नहीं हो पा रहा है। -श्याम बहादुर, जेई, जल संस्थान

वर्जन
ग्रामीण फीडर में भी पर्याप्त बिजली दी जा रही है। अगर कहीं समस्या आ रही है तो इसको दिखवाया जाएगा। जो प्रक्रिया होती है, उसे विभाग पूरा करा ले तो शहरी फीडर से कनेक्शन दे दिया जाएगा। -जितेंद्र नाथ, अधिशासी अभियंता, बिजली विभाग
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