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बुंदेलखंड पेज के लिए प्रस्तवित...तीखी मिर्च से गीता की जिंदगी में घुली मिठास-999

Tue, 08 Feb 2022 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Feb 2022 11:48 PM IST
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खेत में हुई मिर्च की फसल को दिखाती महिला किसान गीता। - फोटो : ORAI
आटा। बुंदेलखंड के पिछड़े जिले जालौन में मटर, मसूर, चना और लाही की खेती को न अपनाकर आटा की एक प्रगतिशील महिला किसान ने मिर्च की खेती कर दोगुना मुनाफा कमाकर जिले के अन्य किसानों के लिए मिसाल पेश की है।
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कदौरा ब्लाक के गांव कहटा की गीता ने तीन एकड़ में हाईब्रिड मिर्च की पौध लगाई है। उन्होंने बताया कि जुलाई में मिर्च की रोपाई कर दी थी। एक बीघे में मिर्च के बीज, रोपाई व निराई और मजदूरों का खर्च मिलाकर करीब 40 हजार रुपये खर्च हुए हैं। उन्होंने बताया कि आठ बीघे में मिर्च की फसल में करीब 3.20 लाख रुपये की लागत आई है। अगस्त में मिर्च की पहली टूट हुई तो 3 एकड़ जमीन में करीब सत्तर से अस्सी क्विंटल मिर्च का उत्पादन मिला। उन्होंने मिर्च की पहली फसल लखनऊ मंडी में बेची। उस समय लगभग 30 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजार मिर्च बिकी। गीता बताती हैं कि एक बार बीज बोने के बाद उसकी सात बार टूट होती है। हर टूट में उत्पादन 10 से 15 क्विंटल आता है। अभी कुछ दिन पहले ही उन्होंने सातवंीं टूट की है। इसमें सिर्फ 10 क्विंटल ही टूट हुई। इस समय कम उत्पादन होने की वजह से बाजार में भी मिर्च का दाम बढ़ा हुआ है। करीब 65-70 रुपये क्विंटल के आसपास फसल बिकेगी।
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कृषि विज्ञान केंद्र उरई के डॉ.राजीव
सब्जी के उत्पादन में अच्छा मुनाफा है। खास तौर पर हाईब्रिड फसल में सीधी तौर पर डेढ़ से दो गुना उत्पादन बढ़ जाता है। हालांकि सब्जी की फसल को पानी और देखरेख की ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में जिले में कम किसान ही इस फसल को करते हैं।
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पति को दलहन में नुकसान के बाद मिर्च की खेती की
गीता के अनुसार पति राजकुमार राजपूत के पास दस बीघे जमीन है। वह इस जमीन में दलहन की फसल करते थे। दलहन की फसल में कम पैदावारी के चलते उनके घर में एक समय खाने तक के लाले पड़ गए थे। फिर उन्होंने पत्नी गीता से कहा अगर ऐसा ही चलता रहा तो अपने भरण-पोषण कैसे होगा। गांव के ही एक किसान ने करीब दो बीघे में मिर्च की खेती थी। उनको मिर्च खेती से दोगुना फायदा हुआ। इसी से प्रेरणा लेकर गीता ने पति से बात कर तीन एकड़ जमीन में हाईब्रेड मिर्च की खेती की। इससे दोगुना फायदा हुआ है। अब गीता की जिंदगी में मिर्च की खेती कर उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में अच्छा खासा सुधार आया। गीता के एक पुत्र है वह भी अपनी मां के साथ मिर्च की खेती में अपना हांथ बंटा रहा है।
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