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दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Mon, 26 Sep 2016 11:31 PM IST
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गंदगी के बीच लीकेज पाइप लाइन की जानकारी देता ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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ब्लॉक डकोर क्षेत्र के गांव मुहम्मदाबाद इन दिनों लोग दूषित पानी की आपूर्ति से परेशान हैं। गांव में कई जगहों पर ध्वस्त पाइप लाइन लोगों को बीमारी बांट रही है। इससे लोग संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। पिछले दिनों जल संस्थान के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं की गई। जल संस्थान के ग्रामीणों को स्वच्छ पानी देने के दावों के
बीच व्यवस्थाएं शून्य नजर आती हैं। सप्लाई लाइन कई जगहों पर ध्वस्त हो चुकी है। इससे आस पास का गंदा और दूषित पानी इस पाइप लाइन से रिस कर सप्लाई लाइन के साथ घरों में आपूर्ति हो रहा है। इसके पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। वहीं, इस संदर्भ में शिकायत करने के बावजूद जल संस्थान के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही नहीं, मुहम्मदाबाद में
स्थापित दो ट्यूबवेल और दो पानी की टंकियां हैं। इनमें ब्लीचिंग पाउडर नाम मात्र के लिए डाला जाता है। वहीं, इस ब्लीचिंग पाउडर को मिक्स करने के लिए लगाई गई इलेक्ट्रिक मशीन
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लगभग नौ वर्षों से खराब पड़ी है। जब इस संबंध में यहां तैनात ऑपरेटर से पूछा गया तो उसने बताया कि जितनी ब्लीचिंग मिली थी, उसका उपयोग हो गया है। खत्म होने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
बोले जिम्मेदार...
गांव में जहां-जहां लीकेज हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद शीघ्र ही दुरुस्तीकरण कराया जाएगा। ब्लीचिंग पाउडर की कमी है तो इसे प्रमुखता मुहैया कराया जाएगा। ताकि दूषित पानी की आपूर्ति न हो सके।
शशि गुप्ता, जेई-जल संस्थान उरई
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बीच व्यवस्थाएं शून्य नजर आती हैं। सप्लाई लाइन कई जगहों पर ध्वस्त हो चुकी है। इससे आस पास का गंदा और दूषित पानी इस पाइप लाइन से रिस कर सप्लाई लाइन के साथ घरों में आपूर्ति हो रहा है। इसके पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। वहीं, इस संदर्भ में शिकायत करने के बावजूद जल संस्थान के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही नहीं, मुहम्मदाबाद में
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स्थापित दो ट्यूबवेल और दो पानी की टंकियां हैं। इनमें ब्लीचिंग पाउडर नाम मात्र के लिए डाला जाता है। वहीं, इस ब्लीचिंग पाउडर को मिक्स करने के लिए लगाई गई इलेक्ट्रिक मशीन
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लगभग नौ वर्षों से खराब पड़ी है। जब इस संबंध में यहां तैनात ऑपरेटर से पूछा गया तो उसने बताया कि जितनी ब्लीचिंग मिली थी, उसका उपयोग हो गया है। खत्म होने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
बोले जिम्मेदार...
गांव में जहां-जहां लीकेज हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद शीघ्र ही दुरुस्तीकरण कराया जाएगा। ब्लीचिंग पाउडर की कमी है तो इसे प्रमुखता मुहैया कराया जाएगा। ताकि दूषित पानी की आपूर्ति न हो सके।
शशि गुप्ता, जेई-जल संस्थान उरई