{"_id":"6a188df8668ed96e570b4495","slug":"fir-lodged-against-cold-store-operators-orai-news-c-224-1-ori1005-144841-2026-05-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: कोल्ड स्टोर संचालकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: कोल्ड स्टोर संचालकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी
विज्ञापन
कोंच। अंडा गांव के पास स्थित ओम नमः शिवाय कोल्ड स्टोर में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद अब कोल्ड स्टोर निर्माण और संचालन में हुई भारी अनियमितताओं की परतें खुलने लगी हैं। जांच में सामने आया है कि इतने बड़े कोल्ड स्टोरेज भवन का निर्माण बिना अनुमति के करा लिया गया था। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर जिला उद्यान अधिकारी परवेज खान ने गुरुवार को कोंच कोतवाली में अज्ञात कोल्ड स्टोर संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
गौरतलब है कि 26 मई की सुबह कोंच-एट रोड पर अंडा गांव के पास बने ओम नमः शिवाय कोल्ड स्टोरेज में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया था। जहरीली गैस की चपेट में आने से वहां कार्यरत मैनपुरी निवासी ऑपरेटर अनूप कुमार (28) गंभीर रूप से झुलस गया था।
घटना के बाद कोल्ड स्टोर परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी और वहां मौजूद कर्मचारियों व किसानों को जान बचाकर भागना पड़ा था। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि समय रहते हालात पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
विज्ञापन
घटना के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की जांच एडीएम राजीव राय को सौंपी गई। एडीएम ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर बिंदुवार जांच की और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर जिला उद्यान अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार कोल्ड स्टोर के निर्माण की विधिवत अनुमति नहीं ली गई थी, इसके बावजूद विशाल भवन तैयार कर संचालन शुरू कर दिया गया। साथ ही सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की गई, जिसके चलते अमोनिया गैस रिसाव जैसी गंभीर घटना सामने आई।
सीओ परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिला उद्यान अधिकारी की तहरीर पर कोल्ड स्टोरेज के संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
बिना जानकारी के कैसे खड़ा हो गया कोल्ड स्टोरेज का विशाल भवन
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब संबंधित विभाग की लापरवाही भी खुलकर सामने आने लगी है। स्थानीय लोगों में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि आखिर बिना विभाग की जानकारी के इतनी बड़ा कोल्ड स्टोरेज का भवन कैसे बन गया।
एक साल पहले किया था ऑनलाइन आवेदन
जिला उद्यान अधिकारी परवेज खान ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज निर्माण के लिए करीब एक साल पहले ऑनलाइन आवेदन किया गया था, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण आगे की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। कोल्ड मालिक द्वारा हार्ड कॉपी विभाग में उपलब्ध नहीं कराए गए थी। कुछ दिनों पहले विभाग को हार्ड काफी उपलब्ध कराई गए थी जिसके बाद उच्चाधिकारियों को फाइल भेजी गई है। कोल्ड मालिक ने अनुमति की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया और बिना सुरक्षा इंतजामों के संचालन भी शुरू कर दिया गया।
अनुमति से पहले ही चालू हो गया काम
जानकारों के मुताबिक सबसे बड़ी चूक यह मानी जा रही है कि आवेदन प्रक्रिया लंबित रहने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया। न तो निरीक्षण हुआ और न ही समय रहते रोक लगाने की कोई ठोस कार्रवाई की गई। इससे यह मामला और गंभीर हो गया है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि 26 मई की सुबह कोंच-एट रोड पर अंडा गांव के पास बने ओम नमः शिवाय कोल्ड स्टोरेज में अचानक अमोनिया गैस का रिसाव हो गया था। जहरीली गैस की चपेट में आने से वहां कार्यरत मैनपुरी निवासी ऑपरेटर अनूप कुमार (28) गंभीर रूप से झुलस गया था।
विज्ञापन
घटना के बाद कोल्ड स्टोर परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी और वहां मौजूद कर्मचारियों व किसानों को जान बचाकर भागना पड़ा था। स्थानीय लोगों के अनुसार यदि समय रहते हालात पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
विज्ञापन
घटना के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की जांच एडीएम राजीव राय को सौंपी गई। एडीएम ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर बिंदुवार जांच की और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर जिला उद्यान अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार कोल्ड स्टोर के निर्माण की विधिवत अनुमति नहीं ली गई थी, इसके बावजूद विशाल भवन तैयार कर संचालन शुरू कर दिया गया। साथ ही सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की गई, जिसके चलते अमोनिया गैस रिसाव जैसी गंभीर घटना सामने आई।
सीओ परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि जिला उद्यान अधिकारी की तहरीर पर कोल्ड स्टोरेज के संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
बिना जानकारी के कैसे खड़ा हो गया कोल्ड स्टोरेज का विशाल भवन
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब संबंधित विभाग की लापरवाही भी खुलकर सामने आने लगी है। स्थानीय लोगों में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि आखिर बिना विभाग की जानकारी के इतनी बड़ा कोल्ड स्टोरेज का भवन कैसे बन गया।
एक साल पहले किया था ऑनलाइन आवेदन
जिला उद्यान अधिकारी परवेज खान ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज निर्माण के लिए करीब एक साल पहले ऑनलाइन आवेदन किया गया था, लेकिन आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण आगे की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। कोल्ड मालिक द्वारा हार्ड कॉपी विभाग में उपलब्ध नहीं कराए गए थी। कुछ दिनों पहले विभाग को हार्ड काफी उपलब्ध कराई गए थी जिसके बाद उच्चाधिकारियों को फाइल भेजी गई है। कोल्ड मालिक ने अनुमति की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया और बिना सुरक्षा इंतजामों के संचालन भी शुरू कर दिया गया।
अनुमति से पहले ही चालू हो गया काम
जानकारों के मुताबिक सबसे बड़ी चूक यह मानी जा रही है कि आवेदन प्रक्रिया लंबित रहने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया। न तो निरीक्षण हुआ और न ही समय रहते रोक लगाने की कोई ठोस कार्रवाई की गई। इससे यह मामला और गंभीर हो गया है।