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Jalaun News: बुखार के मरीज बढ़े, इन्फ्लूएंजा का खतरा
Thu, 16 Mar 2023 12:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:35 AM IST
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उरई। इन्फ्लूएंजा को लेकर स्वास्थ्य महकमे ने सतर्कता बरतनी तेज कर दी है। रोजाना खांसी, बुखार के मरीजों की सूची अलग से बनाई जा रही है। हालांकि अभी तक इन्फ्लूएंजा का कोई केस नहीं मिला है। बीमारी से निपटने के लिए कंट्रोल रूम बनाकर वार्ड आरक्षित कर दिए गए हैं।
सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि इन्फ्लूएंजा एच3, एन 2, साधारण फ्लू है। इससे निपटने के लिए तैयारियां पूरी हो गई है। जिला अस्पताल में 10 बेड के पीकू वार्ड को आरक्षित किया गया है। राजकीय मेडिकल कालेज में भी 20 बेड आरक्षित है। इसके अलावा सीएचसी, जालौन, कोंच, माधौगढ़, कदौरा में भी 10-10 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। सहायता के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसका नंबर 05162-252516 है।
महामारी विशेषज्ञ महेंद्र कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल, सीएचसी पीएसी के साथ निजी अस्पतालों से भी संदिग्ध इन्फ्लूएंजा के केसों की जानकारी मांगी गई है।
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ये हैं लक्षण
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अविनेश कुमार बनौधा ने बताया कि इन्फ्लूएंजा एक संक्रमण है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, गले में खरास और नाक बहने की समस्या होती है। आम संक्रमण में लोग कुछ दिन में ठीक हो जाते है। कुछ मामले में इलाज की जरूरत पड़ती है।
-यह बरतें सावधानियां
खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढककर रखें।
बीमार लोगों के संपर्क में आने से बचे।
किसी बीमारी व्यक्ति की आंख, नाक, मुंह को छूने से बचना चाहिए।
संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करें।
खुले में बिकने वाले पदार्थों के सेवन से बचे।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें।
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की स्थिति
दिनांक कुल मरीज खांसी, बुखार के मरीज
10 मार्च 1597 70
11 मार्च 1475 52
12 मार्च 77 03
13 मार्च 1837 74
14 मार्च 1469 58
15 मार्च 1546 67
-जिला अस्पताल में है कामचलाऊ व्यवस्था
जिला अस्पताल में न तो कार्डियोलाजिस्ट है और न ही चेस्ट फिजीशियन। ऐसे में इन्फ्लूएंजा फैलने की स्थिति में कैसे निपटेंगे। यह सोचने वाली बात है। इस समय फिजीशियन डॉ. संजीव अग्रवाल और एनसीडी सेल में तैनात डॉ. गोपाल कृष्ण सोनी से काम चलाऊ व्यवस्था के तहत काम चल रहा है। सीएमएस का कहना है कि डाक्टरों की तैनाती के लिए कई बार मांग की जा चुकी है।
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सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा ने बताया कि इन्फ्लूएंजा एच3, एन 2, साधारण फ्लू है। इससे निपटने के लिए तैयारियां पूरी हो गई है। जिला अस्पताल में 10 बेड के पीकू वार्ड को आरक्षित किया गया है। राजकीय मेडिकल कालेज में भी 20 बेड आरक्षित है। इसके अलावा सीएचसी, जालौन, कोंच, माधौगढ़, कदौरा में भी 10-10 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। सहायता के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसका नंबर 05162-252516 है।
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महामारी विशेषज्ञ महेंद्र कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल, सीएचसी पीएसी के साथ निजी अस्पतालों से भी संदिग्ध इन्फ्लूएंजा के केसों की जानकारी मांगी गई है।
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ये हैं लक्षण
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अविनेश कुमार बनौधा ने बताया कि इन्फ्लूएंजा एक संक्रमण है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, गले में खरास और नाक बहने की समस्या होती है। आम संक्रमण में लोग कुछ दिन में ठीक हो जाते है। कुछ मामले में इलाज की जरूरत पड़ती है।
-यह बरतें सावधानियां
खांसते और छींकते समय मुंह और नाक को ढककर रखें।
बीमार लोगों के संपर्क में आने से बचे।
किसी बीमारी व्यक्ति की आंख, नाक, मुंह को छूने से बचना चाहिए।
संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करें।
खुले में बिकने वाले पदार्थों के सेवन से बचे।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से परहेज करें।
जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की स्थिति
दिनांक कुल मरीज खांसी, बुखार के मरीज
10 मार्च 1597 70
11 मार्च 1475 52
12 मार्च 77 03
13 मार्च 1837 74
14 मार्च 1469 58
15 मार्च 1546 67
-जिला अस्पताल में है कामचलाऊ व्यवस्था
जिला अस्पताल में न तो कार्डियोलाजिस्ट है और न ही चेस्ट फिजीशियन। ऐसे में इन्फ्लूएंजा फैलने की स्थिति में कैसे निपटेंगे। यह सोचने वाली बात है। इस समय फिजीशियन डॉ. संजीव अग्रवाल और एनसीडी सेल में तैनात डॉ. गोपाल कृष्ण सोनी से काम चलाऊ व्यवस्था के तहत काम चल रहा है। सीएमएस का कहना है कि डाक्टरों की तैनाती के लिए कई बार मांग की जा चुकी है।