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मेले सांस्कृतिक मान्यताओं के वाहक
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Sat, 30 Jan 2016 11:29 PM IST
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श्रीबराही देवी मेला एवं विकास प्रदर्शनी का आयोजन सांप्रदायिक सौहार्द व
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सामंजस्य का प्रतीक है। क्योंकि मेला स्थल में एक ओर जहां हिंदू आस्था की
प्रतीक श्रीबराही देवी मंदिर है तो वहीं दूसरी ओर मुस्लिम आस्था के केंद्र
बाबा का मजार भी है। ये बातें मेला उद्घाटन के मौके पर मुख्य अतिथि
राज्यसभा सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह ने कहीं।
सपा जिलाध्यक्ष चौधरी धीरेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में चंद्रपाल यादव ने कहा कि कुछ लोग समाज में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने में लगे हैं। इसके लिए कहीं घर वापसी अभियान चलाया जा रहा तो कहीं धर्मांतरण का जोर है।
ऐसे मेले के आयोजन से सरकार की नीतियों को जन-जन को परिचित कराया जाता है। मेले हमारी संस्कृति के वाहक होते हैं। इसके पूर्व मंत्री श्रीराम पाल, नगर पालिकाध्यक्ष गुलाब सिंह जाटव ने भी उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। इस दौरान भारी जनसमूह मौजूद रहा।
सपा जिलाध्यक्ष चौधरी धीरेंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में चंद्रपाल यादव ने कहा कि कुछ लोग समाज में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने में लगे हैं। इसके लिए कहीं घर वापसी अभियान चलाया जा रहा तो कहीं धर्मांतरण का जोर है।
ऐसे मेले के आयोजन से सरकार की नीतियों को जन-जन को परिचित कराया जाता है। मेले हमारी संस्कृति के वाहक होते हैं। इसके पूर्व मंत्री श्रीराम पाल, नगर पालिकाध्यक्ष गुलाब सिंह जाटव ने भी उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। इस दौरान भारी जनसमूह मौजूद रहा।