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Jalaun News: दो साल बाद भी 30 प्रतिशत काम अधूरा, डेढ़ माह में कैसे होगा पूरा
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उरई। आरडीएसएस योजना के तहत चल रहे कार्यों में मानकों की अनदेखी की जा रही है। साथ ही, तय समय-सीमा पर भी ध्यान नहीं दिया गया। विभाग का दावा है कि उसने 70 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। लेकिन जो कार्य हुए हैं, वह दो साल भी नहीं टिक पाए।
योजना में लगभग 172 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित था। धीरे-धीरे घटाकर 95 से 100 करोड़ रुपये कर दिया गया। जिले के सभी नगर निकायों में जर्जर तार और खंभों को हटाकर लोहे के पोल और बंच केबल लगाने का कार्य दो वर्षों से चल रहा है। अब तक केवल 70 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। अंतिम तिथि मार्च है। 44 दिनों में कार्य पूरा होना है, लेकिन इसकी संभावना कम दिख रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस कार्य के लिए 6 से 7 महीने का समय चाहिए।
शहर में डाली गई कमजोर केबल
शहर के मोहल्ला बघौरा में नई केबल पुराने खंभों पर डाल दी गई है, जो पहले से ही झुके हुए हैं। किसी भी समय हादसा हो सकता है। तुलसी नगर में दो वर्षों में कई बार बंच केबल जल चुकी है, गर्मी बढ़ने पर यहां केबल फॉल्ट की समस्या आम हो जाती है। इंदिरानगर की कई गलियों में अब भी कार्य अधूरा पड़ा है, जबकि मोहल्ले में आधा-अधूरा काम दिखाकर कागजों में पूरा दर्शा दिया गया। मातापुरा में पोल तो लगाए गए, लेकिन उनके नीचे सीमेंट नहीं भरा गया। तालाब के पास इतनी नीचे केबल डाली गई है कि कभी भी हादसा हो सकता है। सिटी सेंटर के पीछे मंदिर के पास टूटे खंभे पर बंच केबल डाल दी गई है।
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कोंच में भी अधूरा काम
कोंच नगर में भी मुख्य बाजार से जर्जर तार अब तक नहीं हटाए गए। यह तार कई बार टूट चुके हैं। ठेकेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कस्बे के मेन रोड, नाथूराम पुरोहित बालिका इंटर कॉलेज से अमरेंद्र महेश्वरी इंटर कॉलेज तक अन्य पुरानी बस्तियों में भी जर्जर तार अब तक मौजूद हैं। गांधी नगर में सुनील, प्रेमवती, विनोद व बेटी राम के घरों के ऊपर से खुले तार गुजर रहे हैं, जिन्हें लोग प्लास्टिक पाइप से ढककर सुरक्षा का प्रयास कर रहे हैं।
कदौरा में भी खराब स्थिति
कदौरा नगर पंचायत में अब भी कई मोहल्लों में बिजली सप्लाई जर्जर तारों से हो रही है। जो कई बार टूटकर गिर चुके हैं और घरों में करंट तक पहुंच चुके हैं। वार्ड नंबर 12, धोबीपुरा में जर्जर तार घरों के ठीक बगल से गुजर रहे हैं। कुछ स्थानों पर कार्य हुआ भी है तो मानकों को अनदेखा करके किया गया है। जगह होते हुए भी खंभे घरों से सटाकर लगा दिए गए हैं और पुराने खंभे अब तक नहीं हटाए गए। केबल बॉक्स भी बहुत अधिक दूरी पर लगाए गए हैं, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
वर्जन:
मार्च के अंत तक कार्य पूरा किया जाना है। यदि तय समय में काम पूरा नहीं होता तो संबंधित कंपनी पर पेनाल्टी लगाई जाएगी।
— नंदलाल, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग
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योजना में लगभग 172 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित था। धीरे-धीरे घटाकर 95 से 100 करोड़ रुपये कर दिया गया। जिले के सभी नगर निकायों में जर्जर तार और खंभों को हटाकर लोहे के पोल और बंच केबल लगाने का कार्य दो वर्षों से चल रहा है। अब तक केवल 70 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। अंतिम तिथि मार्च है। 44 दिनों में कार्य पूरा होना है, लेकिन इसकी संभावना कम दिख रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस कार्य के लिए 6 से 7 महीने का समय चाहिए।
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शहर में डाली गई कमजोर केबल
शहर के मोहल्ला बघौरा में नई केबल पुराने खंभों पर डाल दी गई है, जो पहले से ही झुके हुए हैं। किसी भी समय हादसा हो सकता है। तुलसी नगर में दो वर्षों में कई बार बंच केबल जल चुकी है, गर्मी बढ़ने पर यहां केबल फॉल्ट की समस्या आम हो जाती है। इंदिरानगर की कई गलियों में अब भी कार्य अधूरा पड़ा है, जबकि मोहल्ले में आधा-अधूरा काम दिखाकर कागजों में पूरा दर्शा दिया गया। मातापुरा में पोल तो लगाए गए, लेकिन उनके नीचे सीमेंट नहीं भरा गया। तालाब के पास इतनी नीचे केबल डाली गई है कि कभी भी हादसा हो सकता है। सिटी सेंटर के पीछे मंदिर के पास टूटे खंभे पर बंच केबल डाल दी गई है।
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कोंच में भी अधूरा काम
कोंच नगर में भी मुख्य बाजार से जर्जर तार अब तक नहीं हटाए गए। यह तार कई बार टूट चुके हैं। ठेकेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कस्बे के मेन रोड, नाथूराम पुरोहित बालिका इंटर कॉलेज से अमरेंद्र महेश्वरी इंटर कॉलेज तक अन्य पुरानी बस्तियों में भी जर्जर तार अब तक मौजूद हैं। गांधी नगर में सुनील, प्रेमवती, विनोद व बेटी राम के घरों के ऊपर से खुले तार गुजर रहे हैं, जिन्हें लोग प्लास्टिक पाइप से ढककर सुरक्षा का प्रयास कर रहे हैं।
कदौरा में भी खराब स्थिति
कदौरा नगर पंचायत में अब भी कई मोहल्लों में बिजली सप्लाई जर्जर तारों से हो रही है। जो कई बार टूटकर गिर चुके हैं और घरों में करंट तक पहुंच चुके हैं। वार्ड नंबर 12, धोबीपुरा में जर्जर तार घरों के ठीक बगल से गुजर रहे हैं। कुछ स्थानों पर कार्य हुआ भी है तो मानकों को अनदेखा करके किया गया है। जगह होते हुए भी खंभे घरों से सटाकर लगा दिए गए हैं और पुराने खंभे अब तक नहीं हटाए गए। केबल बॉक्स भी बहुत अधिक दूरी पर लगाए गए हैं, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
वर्जन:
मार्च के अंत तक कार्य पूरा किया जाना है। यदि तय समय में काम पूरा नहीं होता तो संबंधित कंपनी पर पेनाल्टी लगाई जाएगी।
— नंदलाल, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग