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‘बिजली पर्याप्त, सिस्टम खराब’
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Sun, 03 Jan 2016 11:02 PM IST
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दो दिवसीय बुंदेलखंड दौरे पर आए पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक(एमडी) ने
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रविवार को उरई में अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिले के
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई का हाल जाना और 24 घंटे आपूर्ति देने
में आ रही समस्याओं से रू-ब-रू हुए। इसके बाद पत्रकारों से कहा कि हमारे
पास बिजली तो पर्याप्त है, पर मौजूदा समय में जो सिस्टम
है उससे 24 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं हो सकती। इसलिए सिस्टम को सुधारने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद जिले के किसानों को कम से कम 20 घंटे बिजली मिल सकेगी। रविवार दोपहर एक बजे कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र उरई स्थित होटल पहुंचे। यहां पर उन्होंने जिलाधिकारी रामगणेश, अधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद व
अन्य बिजली अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बिजली सप्लाई की समीक्षा की। साथ हीआपूर्ति बढ़ाने में आ रही समस्याओं के बारे में जाना। इसके बाद पत्रकारों से कहा कि हमारे पास बिजली तो पर्याप्त है, पर मौजूदा सिस्टम काफी पुराना है। इस सिस्टम से 24 घंटे बिजली नहीं दी जा सकती है। सिस्टम में
सुधार के लिए 15 दिन का समय अधिकारियों को दिया गया है। बताया कि जिले में 11 केवीए के 69 फीडर हैं। इनमें 50 फीडरों में 20 घंटों से अधिक बिजली सप्लाई की जा रही है। 19 फीडरों में अभी मात्र 12 से 14 घंटे सप्लाई हो पा रही है। इन फीडरों में भी सप्लाई बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली देेने
के लिए सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि की जा रही है। जिन क्षेत्रों में अधिक ओवरलोडिंग है वहां अधिक क्षमता के ट्र्रांसफार्मर रखवाए जाएंगे। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद ेबिजली आपूर्ति में सुधार दिखेगा। उन्होंने कहा कि बावई, सरावन, आटा फीडर को एक साथ जोड़कर एक ही लाइन से सप्लाई दी जाएगी। 15
दिन के अंदर ट्रांसफार्मर व लाइनों की ओवरलोडिंग खत्म कर ली जाएगी। इस मौके पर एक्सईएन तरनवीर सिंह, एसडीओ उरई अजय कुमार, शफीक बाबू, इसरार आदि मौजूद रहे।
इन फीडरों की क्षमता बढ़ेगी
पावर कार्पोरेशन के एमडी एपी मिश्र ने बताया कि ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए फीडरों की क्षमता वृद्धि की जा रही है। बबीना में पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर है। यहां दस एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इटौरा में तीन एमवीए का ट्रांसफार्मर हटाकर पांच एमवीए का लगाया जाएगा। इसके साथ ही कुठौंद में पांच एमवीए की जगह दस एमवीए का
ट्रांसफार्मर लगेगा। माधौगढ़ में पांच एमवीए के दो ट्रांसफार्मर हैं। इनमें एक ट्रांसफार्मर हटाकर उसकी जगह दस एमवीए का लगाया जाएगा। इसी तरह एट में तीन एमवीए का ट्रांसफार्मर हटाकर आठ एमवीए का लगाया जाएगा। जगम्मनपुर में तीन एमवीए का हटाकर पांच, जालौन में पांच की जगह दस, आटा में तीन की जगह पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा।
कई जगहों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति में लगेंगे छह माह
उरई आए पावर कार्पोरेशन के एमडी एपी मिश्र ने बताया कि कई जगहों पर स्थिति बहुत ही दयनीय है। मशीनें काफी पुरानी और जर्जर स्थिति में हैं। बिजली के तारों पर लोड बहुत अधिक है। ऐसे स्थानों में व्यवस्थाएं सुधारने में कम से कम चार से छह माह का समय लग जाएगा। इसके बाद ही ऐसी जगहों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति संभव हो पाएगी।
...तो 14 दिन ही मिल पाएगी 24 घंटे बिजली
मुख्यमंत्री के आदेश का लाभ जिले के किसानों को मात्र 14 दिन ही मिल पाएगा। 24 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश दिए थे। आदेश के दस दिन बाद पावर कार्पोरेशन के अधिकारी बुंदेलखंड में दौरे पर आए। अब उन्होंने व्यवस्थाएं सुधारने के लिए 15 दिन का समय दिया है। ऐसी स्थिति में मात्र 14 दिन ही किसानों को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने 31 जनवरी तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश दिए हैं।
है उससे 24 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं हो सकती। इसलिए सिस्टम को सुधारने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद जिले के किसानों को कम से कम 20 घंटे बिजली मिल सकेगी। रविवार दोपहर एक बजे कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र उरई स्थित होटल पहुंचे। यहां पर उन्होंने जिलाधिकारी रामगणेश, अधीक्षण अभियंता एसएस प्रसाद व
अन्य बिजली अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बिजली सप्लाई की समीक्षा की। साथ हीआपूर्ति बढ़ाने में आ रही समस्याओं के बारे में जाना। इसके बाद पत्रकारों से कहा कि हमारे पास बिजली तो पर्याप्त है, पर मौजूदा सिस्टम काफी पुराना है। इस सिस्टम से 24 घंटे बिजली नहीं दी जा सकती है। सिस्टम में
सुधार के लिए 15 दिन का समय अधिकारियों को दिया गया है। बताया कि जिले में 11 केवीए के 69 फीडर हैं। इनमें 50 फीडरों में 20 घंटों से अधिक बिजली सप्लाई की जा रही है। 19 फीडरों में अभी मात्र 12 से 14 घंटे सप्लाई हो पा रही है। इन फीडरों में भी सप्लाई बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली देेने
के लिए सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि की जा रही है। जिन क्षेत्रों में अधिक ओवरलोडिंग है वहां अधिक क्षमता के ट्र्रांसफार्मर रखवाए जाएंगे। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद ेबिजली आपूर्ति में सुधार दिखेगा। उन्होंने कहा कि बावई, सरावन, आटा फीडर को एक साथ जोड़कर एक ही लाइन से सप्लाई दी जाएगी। 15
दिन के अंदर ट्रांसफार्मर व लाइनों की ओवरलोडिंग खत्म कर ली जाएगी। इस मौके पर एक्सईएन तरनवीर सिंह, एसडीओ उरई अजय कुमार, शफीक बाबू, इसरार आदि मौजूद रहे।
इन फीडरों की क्षमता बढ़ेगी
पावर कार्पोरेशन के एमडी एपी मिश्र ने बताया कि ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए फीडरों की क्षमता वृद्धि की जा रही है। बबीना में पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर है। यहां दस एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इटौरा में तीन एमवीए का ट्रांसफार्मर हटाकर पांच एमवीए का लगाया जाएगा। इसके साथ ही कुठौंद में पांच एमवीए की जगह दस एमवीए का
ट्रांसफार्मर लगेगा। माधौगढ़ में पांच एमवीए के दो ट्रांसफार्मर हैं। इनमें एक ट्रांसफार्मर हटाकर उसकी जगह दस एमवीए का लगाया जाएगा। इसी तरह एट में तीन एमवीए का ट्रांसफार्मर हटाकर आठ एमवीए का लगाया जाएगा। जगम्मनपुर में तीन एमवीए का हटाकर पांच, जालौन में पांच की जगह दस, आटा में तीन की जगह पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा।
कई जगहों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति में लगेंगे छह माह
उरई आए पावर कार्पोरेशन के एमडी एपी मिश्र ने बताया कि कई जगहों पर स्थिति बहुत ही दयनीय है। मशीनें काफी पुरानी और जर्जर स्थिति में हैं। बिजली के तारों पर लोड बहुत अधिक है। ऐसे स्थानों में व्यवस्थाएं सुधारने में कम से कम चार से छह माह का समय लग जाएगा। इसके बाद ही ऐसी जगहों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति संभव हो पाएगी।
...तो 14 दिन ही मिल पाएगी 24 घंटे बिजली
मुख्यमंत्री के आदेश का लाभ जिले के किसानों को मात्र 14 दिन ही मिल पाएगा। 24 दिसंबर को मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश दिए थे। आदेश के दस दिन बाद पावर कार्पोरेशन के अधिकारी बुंदेलखंड में दौरे पर आए। अब उन्होंने व्यवस्थाएं सुधारने के लिए 15 दिन का समय दिया है। ऐसी स्थिति में मात्र 14 दिन ही किसानों को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने 31 जनवरी तक 24 घंटे बिजली आपूर्ति के आदेश दिए हैं।