करंट लगने से हुए हादसों में दो की मौत, एक झुलसा
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उरई कोतवाली क्षेत्र के बघौरा निवासी दलगंजन का पुत्र शिवम (25) मंगलवार की शाम घर पर टेबल फैन का स्विच लगा रहा था, तभी वह करंट की चपेट में आ गया और उसके मुंह से चीख निकल पड़ी। शोर सुनकर घर के लोग दौड़े तो देखा कि शिवम फर्श पर अचेत पड़ा है। इस पर उसे लेकर डॉक्टर के पास भागे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। शिवम की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। इसी तरह सोमवार की रात कालपी के नवलपुरा गांव में सावित्री (50) लोहे के तार पर कपड़े डाल रही थी, तभी पास से गुजर रहे बिजली के तार के कारण कपड़ों में करंट दौड़ गया। जिससे सावित्री चीख पड़ी।
आवाज सुनकर बहू साधना बचाने आई तो वह भी करंट की चपेट में आ गई। शोर शराबा सुनकर परिजनों ने किसी तरह दोनों को करंट की चपेट से अलग किया लेकिन तब तक सावित्री की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसी तरह कुठौंद में राजकरन पुत्र शंकर सिंह निवासी ग्राम चौथ मंगलवार की शाम अपने खेत पर कंटीले तार लगा रहा था, तभी ऊपर से गुजर रही एचटी लाइन का तार टूटकर उस पर गिर पड़ा। जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। खेत पर काम कर रहे लोगों ने इन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया है।
जहां से औरैया अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसी तरह कदौरा में चतेला व कानाखेड़ा के बीच झूलते तारों की चपेट में आने से तीन बैलों की मौत हो गई जबकि एक बैल घायल हो गया है। पुलिस ने पशु चिकित्साधिकारी को भिजवा कर उनका पोस्टमार्टम कराया है। पीड़ितों ने बताया कि इससे पूर्व झूलते तारों की चपेट में आने से एक दर्जन गायों की मौत हो चुकी है जिसकी शिकायत विद्युत विभाग के अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।