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खातों से रुपया ट्रांसफर करने वाला दबोच गया

Sun, 03 Sep 2017 12:14 AM IST
अमर उजाला जालौन
अमर उजाला जालौन Updated Sun, 03 Sep 2017 12:14 AM IST
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Rupee transfers from accounts dubbed
आरोपी की फाइल फोटो - फोटो : amarujala
उरई। ग्राहकों के खातों से फर्जी तरीके से रुपया अपने खाते में ट्रांसफर करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा। इस पर बैंक कर्मियों की मिली भगत से ग्राहकों का करीब 3.75 करोड़ रुपया फर्जी तरीके से निकालने का आरोप था। पुलिस ने इसके खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज दिया है।
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कुठौंद की इलाहाबाद बैंक शाखा में ग्राहकों के खाते से रुपया निकलने के कई मामले सामने आए थे। विश्वनाथ शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की। विवेचना में बैंक मैनेजर गंगाराम मौर्या और राजवीर सिंह पुत्र अनरुद्ध सिंह के नाम सामने आए। शुक्रवार शाम पुलिस ने रंधीरपुर निवासी राजवीर सिंह को कसबे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि बैंक कर्मियों के साथ मिलकर खाताधारकों के फर्जी बाउर भरकर  उनके खाते से रुपया अपने खाते में ट्रांसफर कर लेता था। विश्वनाथ शुक्ला के खाते से छह लाख रुपया ट्रांसफर किया था। ये गैंग खाता धारकों का करीब 3.75 करोड़ रुपया फर्जी तरीके से ट्रांसफर कर चुका है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर पूरन सिंह चौहान, एसआई एमपी सिंह और कांसटेबिल धीरज राठौर शामिल रहे।
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चिटफंड कंपनी का संचालक गिरफ्तार
उरई। फर्जी फाइनेंस कंपनी की आड़ में लोगाें का करोड़ों रुपया लेकर भागने वाले कंपनी संचालक को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। शहर के कोंच रोड पर कंपनी खोलकर एजेंटों के माध्यम से करीब 29.5 करोड़ रुपये लेकर भागने का आरोप है। पुलिस ने इसके खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज दिया है।
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एसपी अमरेंद्र सिंह के निर्देशन पर चिट फंड कंपनियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने केके मिश्रा उर्फ कमलेश कुमार पुत्र सुरेंद्र विकास मिश्रा निवासी मोहल्ला आच्छी घाटमपुर कानपुर देहात को उरई के कालपी बस स्टैंड से पकड़ लिया। वह शहर के बाहर भागने की फिराक में था। एसपी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सुरेंद्र कुमार यादव पुत्र भूपाल सिंह निवासी आलमपुर बाईपास कालपी की तहरीर पर केके मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। सुरेंद्र ने आरोप लगाया था कि केके मिश्रा ने शहर के कोंच बस स्टैंड के पास अवनीश मिश्रा एडवोकेट के मकान में धेनु ग्रीन इंडिया लिमिटेड नामक फाइनेंस कंपनी खोली थी। ये कंपनी गौ मूत्र व गोबर से जीवन उपयोगी वस्तुएं तैयार करने का काम बताकर एजेंटों के माध्यम से लोगों के करीब 29.5 करोड़ रुपये जमा किए थे। कंपनी ये रुपये लेकर भाग गई थी। केके मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई कर उसे जेल भेज दिया गया है। आरोपी को पकड़ने वाली टीम में क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर आदित्य प्रकाश और एसआई एमपी सिंह शामिल रहे।
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