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चार बीघे में सिर्फ चार क्विंटल गेहूं, सदमे में चल बसा किसान
अमर उजाल, जालौन
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:36 PM IST
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किसान बलवीर की फाइल फोटो। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
चार बीघे खेत में सिर्फ चार बीघे गेहूं की फसल कम होने के सदमे से मरगायां गांव में किसान की मौत हो गई। किसान पर गांव के लोगों का करीब डेढ़ लाख कर्ज था। लेखपालों की टीम ने भी गांव पहुंच कर जांच की है।
कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम मरगायां निवासी बलवीर सिंह (38) पुत्र स्व. बैजनाथ मंगलवार रात खाना खाकर सोने चला गया। देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने रहे थे, मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। फिर आधे रास्ते से ही शव लेकर घर लौट आए।
बलवीर की पत्नी सुदामा ने बताया कि पति ने चार बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी। कटाई हुई तो मात्र चार क्विंटल गेहूं निकला, जबकि हर साल एक ही बीघे में करीब छह क्विंटल गेहूं पैदा होता था। गेहूं की पैदावार कम होने से बलवीर परेशान रहता था। उसने खेती और परिवार के भरण-पोषण के लिए गांव के कई लोगों से कर्ज ले रखा था। यह रकम बढ़कर डेढ़ लाख रुपये हो गई थी। फसल की पैदावार सही न होने के चलते वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था। इसके अलावा उसे अपनी बेटी नैंसी की शादी भी करनी थी। ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर एसडीएम ने लेखपालों की टीम को गांव में जांच के लिए भेजा। लेखपालों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को सौंप दी है।
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कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम मरगायां निवासी बलवीर सिंह (38) पुत्र स्व. बैजनाथ मंगलवार रात खाना खाकर सोने चला गया। देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने रहे थे, मगर रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। फिर आधे रास्ते से ही शव लेकर घर लौट आए।
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बलवीर की पत्नी सुदामा ने बताया कि पति ने चार बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी। कटाई हुई तो मात्र चार क्विंटल गेहूं निकला, जबकि हर साल एक ही बीघे में करीब छह क्विंटल गेहूं पैदा होता था। गेहूं की पैदावार कम होने से बलवीर परेशान रहता था। उसने खेती और परिवार के भरण-पोषण के लिए गांव के कई लोगों से कर्ज ले रखा था। यह रकम बढ़कर डेढ़ लाख रुपये हो गई थी। फसल की पैदावार सही न होने के चलते वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था। इसके अलावा उसे अपनी बेटी नैंसी की शादी भी करनी थी। ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर एसडीएम ने लेखपालों की टीम को गांव में जांच के लिए भेजा। लेखपालों ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को सौंप दी है।
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