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मायके न जाने देने पर विवाहिता ने की जान देने कोशिश
अमर उजाल, जालौन
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:32 PM IST
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मायके नहीं जाने देने से खफा विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। पड़ोसियों ने उसे फंदे से उतार कर बचा लिया। उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुशमरा बावनी निवासी शर्मिला (25) पत्नी नरेश ने मंगलवार दोपहर खुद को घर में अकेला पाकर पंखे के सहारे फांसी लगा ली।
घर के बाकी लोग खेत में काम करने गए थे। गली से सटे कमरे की खिड़की से पड़ोसियों ने उसे फंदे पर लटकता देखा तो दरवाजा तोड़कर शर्मिला को बचा लिया। लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी परिजनों को दी। वह दौड़कर घर पहुंचे और शर्मिला की हालत देखकर उनके हाथपांव फूल गए। परिजन आनन फानन में उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सक ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। शर्मिला के आत्महत्या का प्रयास करने की वजह बताई जा रही है कि ससुरालियों ने मकर संक्रांति के त्योहार पर उसे मायके नहीं जाने दिया था। इससे वह खफा थी।
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घर के बाकी लोग खेत में काम करने गए थे। गली से सटे कमरे की खिड़की से पड़ोसियों ने उसे फंदे पर लटकता देखा तो दरवाजा तोड़कर शर्मिला को बचा लिया। लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी परिजनों को दी। वह दौड़कर घर पहुंचे और शर्मिला की हालत देखकर उनके हाथपांव फूल गए। परिजन आनन फानन में उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सक ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। शर्मिला के आत्महत्या का प्रयास करने की वजह बताई जा रही है कि ससुरालियों ने मकर संक्रांति के त्योहार पर उसे मायके नहीं जाने दिया था। इससे वह खफा थी।
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