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दहेज हत्या में सास-ससुर व पति को आजीवन कारावास

Thu, 17 May 2018 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन Updated Thu, 17 May 2018 11:47 PM IST
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Life imprisonment for father-in-law, mother-in-law and husband in dowry murder
कोर्ट ने सुनाया फैसला - फोटो : प्रतीकात्मक फोटो

12 अगस्त वर्ष 2016 को कोटरा थाना क्षेत्र के ग्राम कुरकुरू निवासी सतीश कुमार अहिरवार की पत्नी गीता की संदिग्ध हालत में जलकर मौत हो गई थी। मायके पक्ष से गीता के पिता गंगाराम पुत्र लटोरे निवासी ग्राम चिकासी हमीरपुर ने दहेज हत्या का आरोप लगा थाने में दामाद सतीश, ससुर हरीदास व सास शांतीदेवी के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

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आरोप था कि 2013 में शादी के बाद से ही ससुरालीजनों ने अतिरिक्त दहेज में 50 हजार रुपये शुरू कर दी थी। इस कारण वह लोग गीता के साथ आएदिन मारपीट करते थे और साथ ही उसके साथ जानवरों जैसे व्यवहार करते थे। 12 अगस्त 2016 को रुपये देने से इंकार करने पर उक्त लोगों मिलकर उसके ऊपर मिट्टी का तेल डालकर उसे जिंदा जला दिया। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
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गुरुवार को विशेष सत्र न्यायाधीश चंद्रशेखर प्रसाद ने पति सतीश कुमार, ससुर हरीदास व सास शांती देवी पर दोष सिद्ध होने पर उन्हें दहेज हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दहेज उत्पीड़न व मारपीट की धाराओं में तीनों को दो दो साल व 6-6 माह की अतिरिक्त सजा सुनाते हुए 30-30 हजार का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने पर सजा छह छह माह और बढ़ा दी जाएगी। मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने आरोपियों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा सजा दिए जाने की बात रखी थी।
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