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दाल मिल कब्जाने में शिक्षक को भेजा जेल
अमर उजाला जालाौन
Updated Mon, 14 Aug 2017 11:34 PM IST
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राठ रोड पर खाली कराया गया मकान
- फोटो : अमर उजाला
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उरई। दाल मिल पर कब्जा करने के आरोप ने पुलिस ने सोमवार को एक शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कोर्ट के आदेश पर दो साल पहले पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। तब से मामले की छानबीन चल रही थी। गिरफ्तारी के बाद शिक्षक की पैरवी के लिए कांग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कोतवाली पहुंचे व एसपी से भी बात की लेकिन बात नहीं बनी।
मीरा पत्नी रामेश्वर दयाल की राठ रोड स्थित मकान में कैलाश नाम से दाल मिल चलती थी। आरोप है कि इस मकान पर शिक्षक अतुल यादव ने कब्जा कर लिया था। मीरा गुप्ता ने 2015 में कोतवाली में इसकी शिकायत की थी। किंतु अतुल यादव की सपा और कांग्रेस नेताओं से संबंधों के चलते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर मीरा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को अतुल यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही थी। सोमवार को कोतवाल देवेंद्र द्विवेदी ने अतुल यादव को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अतुल की गिरफ्तारी की सूचना पर कां ग्रेस के पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह कोतवाली पहुंच गए। दोनों नेताओं ने शिक्षक को छोड़ने के लिए एसपी से सिफारिश की लेकिन एसपी ने मना कर दिया। कोतवाली पुलिस ने अतुल को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शिक्षक अतुल का कहना था कि वह रामेश्वर का भी नही है। उन्होंने जमीन किसी से खरीदी थी। अतुल ने आरोप लगाया कि रामेश्वर ने पूर्व कोतवाली से सांठगांठ कर उन्हें फंसाया है।
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मीरा पत्नी रामेश्वर दयाल की राठ रोड स्थित मकान में कैलाश नाम से दाल मिल चलती थी। आरोप है कि इस मकान पर शिक्षक अतुल यादव ने कब्जा कर लिया था। मीरा गुप्ता ने 2015 में कोतवाली में इसकी शिकायत की थी। किंतु अतुल यादव की सपा और कांग्रेस नेताओं से संबंधों के चलते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर मीरा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को अतुल यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही थी। सोमवार को कोतवाल देवेंद्र द्विवेदी ने अतुल यादव को पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अतुल की गिरफ्तारी की सूचना पर कां ग्रेस के पूर्व विधायक विनोद चतुर्वेदी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह कोतवाली पहुंच गए। दोनों नेताओं ने शिक्षक को छोड़ने के लिए एसपी से सिफारिश की लेकिन एसपी ने मना कर दिया। कोतवाली पुलिस ने अतुल को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। शिक्षक अतुल का कहना था कि वह रामेश्वर का भी नही है। उन्होंने जमीन किसी से खरीदी थी। अतुल ने आरोप लगाया कि रामेश्वर ने पूर्व कोतवाली से सांठगांठ कर उन्हें फंसाया है।
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