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जेल से भागे चार कैदियों में दो दबोचे
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Sat, 09 Jan 2016 11:00 PM IST
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जेल तोड़कर शुक्रवार को भागे चार कैदियों में से दो को पुलिस ने धर दबोचा
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है। हालांकि इस संबंध में पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वहीं, दो
अन्य कैदियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें झांसी और औरैया जिलों में भी
दबिश दे रही हैं। उधर, मामले में तीन बंदी रक्षकों समेत कुल सात लोगों पर
रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को तड़के जिला जेल तोड़कर फरार हुए दो कैदियों ध्यानचंद उर्फ ध्यानू पुत्र राजेंद्र सिंह पांचाल, निवासी मड़ोरा कोतवाली उरई व बृजमोहन उर्फ कल्लू पुत्र पन्नालाल धोबी निवासी ग्राम गढ़र, उरई को पुलिस ने शुक्रवार देर रात धर दबोचा। पुलिस इनसे दो अन्य कैदियों औरैया निवासी जसवंत और नई बस्ती झांसी निवासी सुरेश
के संबंध में पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार रविवार को पुलिस इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी कर सकती है। वहीं, शनिवार को पुलिस ने जेल तोड़कर भागने के संबंध में इन चारो आरोपियों समेत तीन बंदी रक्षकाें
विनोद कुमार तिवारी, विनोद कुमार दीक्षित व भगवान दास शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस बंदी रक्षकों से भी पूछताछ कर रही है।
पकड़े गए आरोपी पनयारा कांड से संबंधित
पुलिस सूत्रों की मानें तो फरार कैदियों में जिन दो को गिरफ्तार किया है वे कोंच में वर्ष 2015 के लूट, हत्या व बलात्कार कांड के आरोपी हैं। ये आरोपी ध्यानचंद उर्फ ध्यानू व बृजमोहन उर्फ कल्लू धोबी हैं। इन पर दंपति से लूटपाट, महिला से बलात्कार और पति की हत्या का आरोप है। आठ सितंबर 2015 को थाना कैलिया क्षेत्र निवासी युवक पत्नी के
साथ देर शाम आटा क्षेत्र के गांव लौट रहा था। तभी ग्राम पनयारा के पास घात लगाए बैठे बदमाशों ने रोक लिया और लूटपाट करने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। पति ने विरोध किया तो बदमाशों ने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। महिला को मरणासन्न कर दिया था। बाद में सर्विलांस टीम की मदद से
पुलिस ने घटना का पर्दाफाश किया और आरोपियों को जेल भेज दिया। इस हत्याकांड का एक और आरोपी मंटोले उर्फ अभिजीत पुत्र संतराम नाई निवासी मड़ोरा कोतवाली अभी भी उरई जेल में बंद है।
ये रहा घटनाक्रम
शुक्रवार सुबह जेल में बंद चार कैदियों ने आरी की मदद से बैरक के बाथरूम में बने रोशनदान को काट डाला। इसके बाद वे पहले विद्युत खंभों पर चढ़कर एक दीवार पार की और फिर चादरों को आपस में गांठ लगा जोड़कर दूसरी दीवार को भी पार कर ली। सुबह इसकी जानकारी होने पर जेल के अंदर हड़कंप मच गया। इतनी कड़ी सुरक्षा में भी आरी का अंदर पहुंचना बड़ी चूक मानी जा रही है।
जेल में फैली है अनियमितता
सूत्रों के अनुसार जिला जेल में पैसा खर्च करने पर कोई भी अपने कैदियों के लिए सिगरेट, गुटखा समेत अच्छे खाने पीने की चीजों को उपलब्ध करा सकता है। जेल सूत्रों के अनुसार कुछ कैदियों को मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराया जाता है। कुछ कर्मचारी कैदियों को परिजनों से बात कराने के एवज में मोटी रकम भी वसूल करते हैं। जेल के अंदर रसूखदार व बड़े अपराधियों व बंदियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता है।
जेल में पहुंचते हैं बम और तमंचे
जेल से पिछले दिनों तमंचे और बम भी बरामद किए गए हैं। इसमें एक कर्मचारी घायल भी हो चुका है। इसकी शिकायत भी जिला प्रशासन की ओर से शासन तक की गई थी लेकिन अब तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
कहां हैं सीसीटीवी कैमरे
शासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना थी। पर यह योजना खटाई में पड़ गई। जिला जेल उरई में भी सीसीटीवी कैमरे की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते जेल के अंदर और बाहर सुरक्षा को लेकर अक्सर चूक सामने आती रहती है।
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को तड़के जिला जेल तोड़कर फरार हुए दो कैदियों ध्यानचंद उर्फ ध्यानू पुत्र राजेंद्र सिंह पांचाल, निवासी मड़ोरा कोतवाली उरई व बृजमोहन उर्फ कल्लू पुत्र पन्नालाल धोबी निवासी ग्राम गढ़र, उरई को पुलिस ने शुक्रवार देर रात धर दबोचा। पुलिस इनसे दो अन्य कैदियों औरैया निवासी जसवंत और नई बस्ती झांसी निवासी सुरेश
के संबंध में पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार रविवार को पुलिस इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी कर सकती है। वहीं, शनिवार को पुलिस ने जेल तोड़कर भागने के संबंध में इन चारो आरोपियों समेत तीन बंदी रक्षकाें
विनोद कुमार तिवारी, विनोद कुमार दीक्षित व भगवान दास शर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस बंदी रक्षकों से भी पूछताछ कर रही है।
पकड़े गए आरोपी पनयारा कांड से संबंधित
पुलिस सूत्रों की मानें तो फरार कैदियों में जिन दो को गिरफ्तार किया है वे कोंच में वर्ष 2015 के लूट, हत्या व बलात्कार कांड के आरोपी हैं। ये आरोपी ध्यानचंद उर्फ ध्यानू व बृजमोहन उर्फ कल्लू धोबी हैं। इन पर दंपति से लूटपाट, महिला से बलात्कार और पति की हत्या का आरोप है। आठ सितंबर 2015 को थाना कैलिया क्षेत्र निवासी युवक पत्नी के
साथ देर शाम आटा क्षेत्र के गांव लौट रहा था। तभी ग्राम पनयारा के पास घात लगाए बैठे बदमाशों ने रोक लिया और लूटपाट करने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। पति ने विरोध किया तो बदमाशों ने धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी। महिला को मरणासन्न कर दिया था। बाद में सर्विलांस टीम की मदद से
पुलिस ने घटना का पर्दाफाश किया और आरोपियों को जेल भेज दिया। इस हत्याकांड का एक और आरोपी मंटोले उर्फ अभिजीत पुत्र संतराम नाई निवासी मड़ोरा कोतवाली अभी भी उरई जेल में बंद है।
ये रहा घटनाक्रम
शुक्रवार सुबह जेल में बंद चार कैदियों ने आरी की मदद से बैरक के बाथरूम में बने रोशनदान को काट डाला। इसके बाद वे पहले विद्युत खंभों पर चढ़कर एक दीवार पार की और फिर चादरों को आपस में गांठ लगा जोड़कर दूसरी दीवार को भी पार कर ली। सुबह इसकी जानकारी होने पर जेल के अंदर हड़कंप मच गया। इतनी कड़ी सुरक्षा में भी आरी का अंदर पहुंचना बड़ी चूक मानी जा रही है।
जेल में फैली है अनियमितता
सूत्रों के अनुसार जिला जेल में पैसा खर्च करने पर कोई भी अपने कैदियों के लिए सिगरेट, गुटखा समेत अच्छे खाने पीने की चीजों को उपलब्ध करा सकता है। जेल सूत्रों के अनुसार कुछ कैदियों को मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराया जाता है। कुछ कर्मचारी कैदियों को परिजनों से बात कराने के एवज में मोटी रकम भी वसूल करते हैं। जेल के अंदर रसूखदार व बड़े अपराधियों व बंदियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता है।
जेल में पहुंचते हैं बम और तमंचे
जेल से पिछले दिनों तमंचे और बम भी बरामद किए गए हैं। इसमें एक कर्मचारी घायल भी हो चुका है। इसकी शिकायत भी जिला प्रशासन की ओर से शासन तक की गई थी लेकिन अब तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
कहां हैं सीसीटीवी कैमरे
शासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना थी। पर यह योजना खटाई में पड़ गई। जिला जेल उरई में भी सीसीटीवी कैमरे की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते जेल के अंदर और बाहर सुरक्षा को लेकर अक्सर चूक सामने आती रहती है।