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कर्जदार किसान ने फांसी लगाई
अमर उजाल, जालौन
Updated Thu, 19 Apr 2018 11:44 PM IST
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किसान के परिजनों से पूछताछ करती पुलिस। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
मदरालालपुर में कर्ज से परेशान किसान ने खेत पर पेड़ से लटकर जान दे दी। किसान पर एसबीआई का करीब साढे़ तीन लाख रुपये कर्ज था। परिजनों का आरोप है कि चार दिन पहले वसूली को बैंक कर्मचारी आए थे। थाना प्रभारी का कहना है कि तहरीर नहीं मिली है।थाना क्षेत्र के ग्राम मदरालालपुर निवासी बाबू उर्फ बरेदी निषाद (48) पुत्र मोहन लाल का शव गुरुवार की दोपहर उसी के खेत पर बबूल के पेड़ से साफी के सहारे लटका मिला। चरवाहों ने शव देख गांव में सूचना दी। रोते बिलखते परिजन भी मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद सूचना पाकर पुलिस भी आ गई। फंदे से शव को उतारा गया।
पत्नी राधारानी के मुताबिक पति बुधवार की रात से लापता थे। रात को खाना खाने के बाद गांव में टहलने के लिए कह कर निकल गए थे, फिर घर नहीं लौटे। गुरुवार को शव मिलने की सूचना मिली। भाई राम सजीवन ने बताया कि बाबू पर किसान क्रेडिट कार्ड से करीब दो लाख 50 हजार और भैंस लोन का एक लाख का कर्ज था। तीन चार दिनों पहले एसबीआई से कुछ बैंककर्मी वसूली के लिए घर आए थे। बाबू की कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद से परेशान रहने लगा था। बाबू के दो पुत्र हैं जो बाहर रह कर मजदूरी करते हैं। बताया कि बाबू के नाम आठ बीघा जमीन थी। इस बार फसल खराब होने के कारण लाही की पैदावार कम हुई थी। इससे किसान परेश्ाान रहता था।
एसडीएम सतीश चंद्र का कहना है कि परिजन तहरीर देंगे तो मामले की जांच कराकर धमकाने वाले बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को आर्थिक मदद भी दिलाने का प्रयास करेंगे। फिलहाल तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बारे में एसबीआई बैंक मैनेजर नसरुद्दीन ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
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पत्नी राधारानी के मुताबिक पति बुधवार की रात से लापता थे। रात को खाना खाने के बाद गांव में टहलने के लिए कह कर निकल गए थे, फिर घर नहीं लौटे। गुरुवार को शव मिलने की सूचना मिली। भाई राम सजीवन ने बताया कि बाबू पर किसान क्रेडिट कार्ड से करीब दो लाख 50 हजार और भैंस लोन का एक लाख का कर्ज था। तीन चार दिनों पहले एसबीआई से कुछ बैंककर्मी वसूली के लिए घर आए थे। बाबू की कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद से परेशान रहने लगा था। बाबू के दो पुत्र हैं जो बाहर रह कर मजदूरी करते हैं। बताया कि बाबू के नाम आठ बीघा जमीन थी। इस बार फसल खराब होने के कारण लाही की पैदावार कम हुई थी। इससे किसान परेश्ाान रहता था।
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एसडीएम सतीश चंद्र का कहना है कि परिजन तहरीर देंगे तो मामले की जांच कराकर धमकाने वाले बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को आर्थिक मदद भी दिलाने का प्रयास करेंगे। फिलहाल तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस बारे में एसबीआई बैंक मैनेजर नसरुद्दीन ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।
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