{"_id":"5f04bd328ebc3e42c204a14c","slug":"cracked-for-not-applying-mask-furious-after-seeing-dirt-orai-news-knp5699060102","type":"story","status":"publish","title_hn":"मास्क न लगाने पर फटकारा, गंदगी देखकर भड़के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मास्क न लगाने पर फटकारा, गंदगी देखकर भड़के
विज्ञापन
सीएचसी, रामपुरा में नोडल अधिकारी व एसडीएम निरीक्षण करते
- फोटो : ORAI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माधौगढ/ रामपुरा। नोडल अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने सामुदायिक चिकित्सा केंद्र माधौगढ़ एवं रामपुरा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सीएचसी माधौगढ़ में कही भी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन होता नहीं दिखाई दिया, इस पर नोडल अधिकारी भड़क गए। उन्होंने इस पर नाराजगी जताई। आधे से अधिक से लोग मास्क ही नहीं पहने थे।
ओपीडी में डॉ खेमराज कुशवाहा के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ थी, जहां पर कोरोना की किसी भी गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा था। कोरोना हेल्प डेस्क भी अस्पताल के अंदर पाई गई। जबकि इसे अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही होना चाहिए। इंजेक्शन व ड्रेसिंग रूम में गंदगी मिली। जनरल वार्ड की चादरें भी गंदी थी। इस पर नोडल अधिकारी ने जमकर फटकार लगाई और तत्काल कमियों को सुधारने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सैंपलिंग और स्क्रीनिंग के बारे में भी जानकारी ली।
रामपुरा संवाद के अनुसार, नोडल अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने एसडीएम सालिकराम के साथ निरीक्षण अस्पताल का निरीक्षण किया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ अमित कुमार ने बताया कि अभी तक 23 मार्च से लेकर 5 जुलाई तक स्वास्थ्य केंद्रसे 94 सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे गए। जबकि 6 व 7 जुलाई को अस्पताल से 71 सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। 23 जून से 5 जुलाई तक अस्पताल में 10 हजार के लगभग लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जबकि आरबीएसके टीम ने क्षेत्र में 10 हजार के लगभग लोगों की स्क्रीनिंग की। निरीक्षण में अस्पताल के बाहर ही कोविड हेल्प डेस्क मिली, जहां मरीज की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही थी। अस्पताल में एक्सरे मशीन नहीं मिली। डाक्टर ने बताया कि एक्सरे के लिए माधौगढ़ या उरई जाना पड़ता हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ओपीडी में डॉ खेमराज कुशवाहा के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ थी, जहां पर कोरोना की किसी भी गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा था। कोरोना हेल्प डेस्क भी अस्पताल के अंदर पाई गई। जबकि इसे अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही होना चाहिए। इंजेक्शन व ड्रेसिंग रूम में गंदगी मिली। जनरल वार्ड की चादरें भी गंदी थी। इस पर नोडल अधिकारी ने जमकर फटकार लगाई और तत्काल कमियों को सुधारने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सैंपलिंग और स्क्रीनिंग के बारे में भी जानकारी ली।
विज्ञापन
रामपुरा संवाद के अनुसार, नोडल अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने एसडीएम सालिकराम के साथ निरीक्षण अस्पताल का निरीक्षण किया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ अमित कुमार ने बताया कि अभी तक 23 मार्च से लेकर 5 जुलाई तक स्वास्थ्य केंद्रसे 94 सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे गए। जबकि 6 व 7 जुलाई को अस्पताल से 71 सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। 23 जून से 5 जुलाई तक अस्पताल में 10 हजार के लगभग लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जबकि आरबीएसके टीम ने क्षेत्र में 10 हजार के लगभग लोगों की स्क्रीनिंग की। निरीक्षण में अस्पताल के बाहर ही कोविड हेल्प डेस्क मिली, जहां मरीज की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही थी। अस्पताल में एक्सरे मशीन नहीं मिली। डाक्टर ने बताया कि एक्सरे के लिए माधौगढ़ या उरई जाना पड़ता हैं।
विज्ञापन