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Jalaun News: सिपाही को नहीं मिली छुट्टी, पत्नी व नवजात की मौत
Mon, 22 Apr 2024 02:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 22 Apr 2024 02:59 AM IST
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रामपुरा (जालौन)। गर्भवती पत्नी के इलाज का हवाला देकर सिपाही थाना प्रभारी से छुट्टी मांगता रहा लेकिन उसे छुट्टी नहीं मिली। इलाज के दौरान उसकी पत्नी व नवजात बेटी की मौत हो गई। मौत के बाद हरकत में आए एसएचओ अपनी गाड़ी से उसे गृह जनपद मैनपुरी ले गए। नवजात बेटी व पत्नी को मृत देखकर सिपाही गश खाकर गिर पड़ा।
2018 बैच के मैनपुरी जिले के कुरावली थाना क्षेत्र के बेलाहार निवासी सिपाही विकास निर्मल की तैनाती रामपुरा थाने में है। उनकी पत्नी ज्योति मुंबई में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में कांस्टेबल थीं। पत्नी गर्भवती होने के चलते इन दिनों गांव में परिजनों संग रह रही थी। वर्तमान में ज्योति का नौवां महीना चल रहा था। विकास एक माह से रामपुरा थाना प्रभारी से गर्भवती पत्नी के प्रसव का हवाला देते हुए चार बार लिखित रूप से छुट्टी के लिए गुहार लगाते रहे, छुट्टी नहीं मिली। शनिवार को दिक्कत होने प पत्नी व नवजात बच्ची की मौत हो गई। जानकारी पर वह थाने में दहाड़े मारकर रोने लगे और इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इस पर थाना प्रभारी अपनी गाड़ी से विकास को गांव ले गए, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
एक माह की छुट्टी अब किस काम की
उरई। पत्नी को बेहतर इलाज के लिए विकास स्टेशन अफसर के सामने गिड़गिड़ाते रहे पर उसे मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई। अब विभाग ने उन्हें पत्नी और नवजात की मौत के बाद एक माह की छुट्टी दे दी है।
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सिपाही विकास ने बताया कि पिछले दिनों ज्योति ठीक थी, लेकिन नौवां महीना शुरू होने पर वह आने के लिए कह रही थी। तभी से थाना प्रभारी अर्जुन सिंह से छुट्टी के लिए आवेदन कर रहा था। वह एप्लीकेशन को अग्रसारित नहीं करते थे। बताया कि शुक्रवार को जब पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने उसे जानकारी दी। इस पर उसने थाना प्रभारी को छुट्टी देने की बात कही, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। बताया कि परिजन ज्योति को लेकर कुरावली सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन दोनों की तबीयत बिगड़ गई। इस पर दोनों को मैनपुरी रेफर कर दिया। परिजन दोनों को मैनपुरी ले गए, जहां गंभीर हालत होने पर आगरा के लिए रेफर कर दिया गया। रास्ते में जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। यह जानकारी जब एसपी को हुई तो सिपाही की एक माह की छुट्टी को स्वीकृत कर दिया गया। वह रामपुरा थाना प्रभारी के साथ गांव पहुंचा लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। वह पत्नी व बच्ची से लिपटकर रोने लगा।
जांच में दोषी मिले थाना प्रभारी, होगी कार्रवाई
उरई। सिपाही की पत्नी व नवजात बच्ची की मौत के मामले में मामला तूल पकड़ते देख उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो विभाग में खलबली मच गई। पूरे प्रकरण की जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि सिपाही ने थाना प्रभारी अर्जुन सिंह से छुट्टी के लिए आवेदन किए, लेकिन थाना प्रभारी ने उसके प्रार्थना पत्र को अग्रसारित नहीं किया। एएसपी असीम चौधरी का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी के बाद थाना प्रभारी को दोषी पाया गया है। विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वैसे विकास बीच-बीच में 25 दिन की छुट्टी ले चुका था।
सोशल मीडिया पर लिखा, मुझे माफ करना
उरई। घटना की जानकारी पर बदहवास विकास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुझे माफ करना मैं कुछ नहीं कर पाया। यह जिसने भी देखा वह अपने आंसू नहीं रोक पाया। फिलहाल सिपाही के घर पर मातम पसरा है। वहीं उसके साथी सिपाहियों का कहना है कि विकास के साथ गलत हुआ है। सीनियर अधिकारी अपने पद का गलत फायदा उठाते हैं।
एसपी ने अधिकारियों को जारी किया आदेश
उरई। एसपी डॉ. ईरज राजा ने रविवार को एक पत्र जारी किया। इसमें लिखा कि सीओ, एसओ किसी भी सिपाही को छुट्टी देने के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न करें। 10 से 12 बजे तक प्रार्थना पत्र थाना प्रभारी व क्षेत्राधिकारी कार्यालय तक पहुंचाएं और क्षेत्राधिकारी शाम 6 बजे तक संस्तुति के साथ उसे आगे भिजवाएं। यदि शाम 6 बजे तक थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी प्रार्थना पत्र को अग्रसारित नहीं करते हैं तो उसे स्वयं ही अग्रसारित माना जाएगा, साथ ही इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए।
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2018 बैच के मैनपुरी जिले के कुरावली थाना क्षेत्र के बेलाहार निवासी सिपाही विकास निर्मल की तैनाती रामपुरा थाने में है। उनकी पत्नी ज्योति मुंबई में रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में कांस्टेबल थीं। पत्नी गर्भवती होने के चलते इन दिनों गांव में परिजनों संग रह रही थी। वर्तमान में ज्योति का नौवां महीना चल रहा था। विकास एक माह से रामपुरा थाना प्रभारी से गर्भवती पत्नी के प्रसव का हवाला देते हुए चार बार लिखित रूप से छुट्टी के लिए गुहार लगाते रहे, छुट्टी नहीं मिली। शनिवार को दिक्कत होने प पत्नी व नवजात बच्ची की मौत हो गई। जानकारी पर वह थाने में दहाड़े मारकर रोने लगे और इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इस पर थाना प्रभारी अपनी गाड़ी से विकास को गांव ले गए, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था।
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एक माह की छुट्टी अब किस काम की
उरई। पत्नी को बेहतर इलाज के लिए विकास स्टेशन अफसर के सामने गिड़गिड़ाते रहे पर उसे मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं दी गई। अब विभाग ने उन्हें पत्नी और नवजात की मौत के बाद एक माह की छुट्टी दे दी है।
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सिपाही विकास ने बताया कि पिछले दिनों ज्योति ठीक थी, लेकिन नौवां महीना शुरू होने पर वह आने के लिए कह रही थी। तभी से थाना प्रभारी अर्जुन सिंह से छुट्टी के लिए आवेदन कर रहा था। वह एप्लीकेशन को अग्रसारित नहीं करते थे। बताया कि शुक्रवार को जब पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने उसे जानकारी दी। इस पर उसने थाना प्रभारी को छुट्टी देने की बात कही, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। बताया कि परिजन ज्योति को लेकर कुरावली सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन दोनों की तबीयत बिगड़ गई। इस पर दोनों को मैनपुरी रेफर कर दिया। परिजन दोनों को मैनपुरी ले गए, जहां गंभीर हालत होने पर आगरा के लिए रेफर कर दिया गया। रास्ते में जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। यह जानकारी जब एसपी को हुई तो सिपाही की एक माह की छुट्टी को स्वीकृत कर दिया गया। वह रामपुरा थाना प्रभारी के साथ गांव पहुंचा लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। वह पत्नी व बच्ची से लिपटकर रोने लगा।
जांच में दोषी मिले थाना प्रभारी, होगी कार्रवाई
उरई। सिपाही की पत्नी व नवजात बच्ची की मौत के मामले में मामला तूल पकड़ते देख उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो विभाग में खलबली मच गई। पूरे प्रकरण की जांच कराई गई, जिसमें पाया गया कि सिपाही ने थाना प्रभारी अर्जुन सिंह से छुट्टी के लिए आवेदन किए, लेकिन थाना प्रभारी ने उसके प्रार्थना पत्र को अग्रसारित नहीं किया। एएसपी असीम चौधरी का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी के बाद थाना प्रभारी को दोषी पाया गया है। विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वैसे विकास बीच-बीच में 25 दिन की छुट्टी ले चुका था।
सोशल मीडिया पर लिखा, मुझे माफ करना
उरई। घटना की जानकारी पर बदहवास विकास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुझे माफ करना मैं कुछ नहीं कर पाया। यह जिसने भी देखा वह अपने आंसू नहीं रोक पाया। फिलहाल सिपाही के घर पर मातम पसरा है। वहीं उसके साथी सिपाहियों का कहना है कि विकास के साथ गलत हुआ है। सीनियर अधिकारी अपने पद का गलत फायदा उठाते हैं।
एसपी ने अधिकारियों को जारी किया आदेश
उरई। एसपी डॉ. ईरज राजा ने रविवार को एक पत्र जारी किया। इसमें लिखा कि सीओ, एसओ किसी भी सिपाही को छुट्टी देने के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न करें। 10 से 12 बजे तक प्रार्थना पत्र थाना प्रभारी व क्षेत्राधिकारी कार्यालय तक पहुंचाएं और क्षेत्राधिकारी शाम 6 बजे तक संस्तुति के साथ उसे आगे भिजवाएं। यदि शाम 6 बजे तक थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी प्रार्थना पत्र को अग्रसारित नहीं करते हैं तो उसे स्वयं ही अग्रसारित माना जाएगा, साथ ही इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए।