{"_id":"67cdeac2e092af836f01072b","slug":"colors-will-be-showered-from-cylinder-shovel-and-trident-pushpa-pichkari-also-dominated-orai-news-c-224-1-ori1001-126748-2025-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: सिलिंडर, फावड़ा और त्रिशूल से बरसेगा रंग, पुष्पा पिचकारी भी छाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: सिलिंडर, फावड़ा और त्रिशूल से बरसेगा रंग, पुष्पा पिचकारी भी छाई
Mon, 10 Mar 2025 12:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 10 Mar 2025 12:53 AM IST
विज्ञापन
उरई। सिलिंडर वाली पिचकारी से गैस नहीं, रंग निकलेगा तो त्रिशूल से रंग बरसेगा। किसान का फावड़ा रंग फेंकेगा। पुष्पा पिचकारी को कंधे पर रखकर फिल्म के किरदार की तरह झुककर चलाना होगा। इस तरह इस बार बाजार में करीब 60 प्रकार की पिचकारियां आई हैं। इनके दाम 100 से 1000 रुपये तक हैं। हर कोई अपनी पसंद और बजट के हिसाब से खरीद रहा है। वहीं, अरारोट का गुलाल 80 रुपये किलो बिक रहा है।
होली का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में रंग और पिचकारियों की दुकानें गुलजार हो गईं हैं। बच्चों को लुभाने के लिए दुकानदार कई तरह की पिचकारियां लेकर आए हैं। पिछली बार बाजार में रौनक होली से एक दो दिन पहले देखने को मिली थी, लेकिन इस बार एक सप्ताह पहले से दुकानें सजना शुरू हो गई थीं। अब दुकानदारी का भी ग्राफ रोजाना बढ़ने लगा है।
बाजार में कई नई पिचकारी और गुलाल की सस्ती बोरी खूब बिक रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र के दुकानदार जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस बार करीब एक दर्जन प्रकार की पिचकारियां बाजार में आई हैं। जो बच्चों के साथ बड़ों को भी पसंद आ रही हैं। फायर सिलिंडर वाली पिचकारी को बच्चे खूब खरीद रहे हैं। इसमें दस लीटर रंग आ जाएगा। इसमें रबड़ लगी हुई है। दबाने पर इससे रंग निकलने लगता है। इसकी कीमत 750 रुपये है।
विज्ञापन
पुष्पा पिचकारी भी चर्चा में है। भारी होने से इसे बच्चे कंधे पर रखकर पुष्पा फिल्म के किरदार जैसे टेढ़े होकर चलाएंगे। इसकी कीमत 350 रुपये है। त्रिशूल प्रकार की पिचकारी 150 रुपये में बिक रही है। इसके ऊपर से रंग निकलेगा। किसान का फावड़ा और दवाई डालने का बैग भी खूब पसंद किया जा रहा है। इनकी कीमत 150 रुपये से 350 रुपये है। फावड़ा के नीचे से रंग निकलता है। स्कूल बैग करीब एक दर्जन प्रकार के आए हैं। इनकी कीमत 100 रुपये से 900 रुपये के बीच है। इसमें पांच से दस लीटर पानी आ जाता है।
रंगों से परहेज, गुलाल की बढ़ेगी मांग
रंगों से परहेज दुकानदार भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि रंग मिलावटी आ रहे हैं। पिछली बार भी रंगों को लेकर लोग खासे सतर्क थे। इसलिए इस बार बाजार में गुलाल की मात्रा अधिक दिख रही है। रंग चुनिंदा दुकान पर ही मिल रहे हैं। दुकानदार बता रहे हैं कि रंगों को लेकर प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक जागरूक करता है। इसलिए इनकी मांग कम हो रही है। रंग से कई तरह के नुकसान भी होते हैं।
इस बार अच्छा बाजार होने की उम्मीद
दुकानदार बल्लू बाबा ने बताया कि इस बार हर चीज पर पिछली बार की अपेक्षा 15 प्रतिशत महंगाई बढ़ी है। लेकिन कई नई पिचकारी आने से दुकानदारी पटरी पर आने लगी है। उम्मीद है कि इस बार होली का बाजार अच्छा चलेगा। दुकानदार कमलेश ने बताया कि होली से पहले ही इस बार दुकानें सज गई हैं। दुकानदारी भी होने लगी है। कई प्रकार के नए रंग और पिचकारी आईं हैं, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक को पसंद आ रही हैं।
विज्ञापन
होली का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में रंग और पिचकारियों की दुकानें गुलजार हो गईं हैं। बच्चों को लुभाने के लिए दुकानदार कई तरह की पिचकारियां लेकर आए हैं। पिछली बार बाजार में रौनक होली से एक दो दिन पहले देखने को मिली थी, लेकिन इस बार एक सप्ताह पहले से दुकानें सजना शुरू हो गई थीं। अब दुकानदारी का भी ग्राफ रोजाना बढ़ने लगा है।
विज्ञापन
बाजार में कई नई पिचकारी और गुलाल की सस्ती बोरी खूब बिक रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र के दुकानदार जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इस बार करीब एक दर्जन प्रकार की पिचकारियां बाजार में आई हैं। जो बच्चों के साथ बड़ों को भी पसंद आ रही हैं। फायर सिलिंडर वाली पिचकारी को बच्चे खूब खरीद रहे हैं। इसमें दस लीटर रंग आ जाएगा। इसमें रबड़ लगी हुई है। दबाने पर इससे रंग निकलने लगता है। इसकी कीमत 750 रुपये है।
विज्ञापन
पुष्पा पिचकारी भी चर्चा में है। भारी होने से इसे बच्चे कंधे पर रखकर पुष्पा फिल्म के किरदार जैसे टेढ़े होकर चलाएंगे। इसकी कीमत 350 रुपये है। त्रिशूल प्रकार की पिचकारी 150 रुपये में बिक रही है। इसके ऊपर से रंग निकलेगा। किसान का फावड़ा और दवाई डालने का बैग भी खूब पसंद किया जा रहा है। इनकी कीमत 150 रुपये से 350 रुपये है। फावड़ा के नीचे से रंग निकलता है। स्कूल बैग करीब एक दर्जन प्रकार के आए हैं। इनकी कीमत 100 रुपये से 900 रुपये के बीच है। इसमें पांच से दस लीटर पानी आ जाता है।
रंगों से परहेज, गुलाल की बढ़ेगी मांग
रंगों से परहेज दुकानदार भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि रंग मिलावटी आ रहे हैं। पिछली बार भी रंगों को लेकर लोग खासे सतर्क थे। इसलिए इस बार बाजार में गुलाल की मात्रा अधिक दिख रही है। रंग चुनिंदा दुकान पर ही मिल रहे हैं। दुकानदार बता रहे हैं कि रंगों को लेकर प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक जागरूक करता है। इसलिए इनकी मांग कम हो रही है। रंग से कई तरह के नुकसान भी होते हैं।
इस बार अच्छा बाजार होने की उम्मीद
दुकानदार बल्लू बाबा ने बताया कि इस बार हर चीज पर पिछली बार की अपेक्षा 15 प्रतिशत महंगाई बढ़ी है। लेकिन कई नई पिचकारी आने से दुकानदारी पटरी पर आने लगी है। उम्मीद है कि इस बार होली का बाजार अच्छा चलेगा। दुकानदार कमलेश ने बताया कि होली से पहले ही इस बार दुकानें सज गई हैं। दुकानदारी भी होने लगी है। कई प्रकार के नए रंग और पिचकारी आईं हैं, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक को पसंद आ रही हैं।