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Jalaun News: 110 की रफ्तार से दौड़ाई कार, एयरबैग ने बचाई तीन की जान
Thu, 23 Jan 2025 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Thu, 23 Jan 2025 12:17 AM IST
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उरई। कानपुर देहात से आ रही बरातियों से भरी आई-20 कार के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण ओवरस्पीड व शराब का सेवन करना बताया जा रहा है। पुलिस की जांच में पता चला कि हादसे के वक्त कार की रफ्तार 110 किलोमीटर प्रति घंटा थी। कार में लगे एयरबैग के खुल जाने से कार चला रहे युवक समेत तीन लोगों की जान बच गई। हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए।
परिजनों ने बताया कि शाम को बरातियों के निकलने के साथ ही धीरेंद्र से भी साथ में ही चलने को कहा गया। धीरेंद्र ने अपने पांच दोस्तों के ही साथ कार से बाद में आने की बात कही। बराती रात 10 बजे तक उरई पहुंच गए, लेकिन धीरेंद्र व उसके दोस्त रात करीब आठ बजे गांव से ही निकले। कार रिशु उर्फ दीपू चला रहा था। बगल की सीट पर हरिओम बैठा था। पीछे वाली सीट पर धीरेंद्र, लक्ष्मण, विनय उर्फ टीटू व राघव बैठे थे। पुलिस के अनुसार पीछे की सीट पर तीन लोगों के बैठने की जगह होने के कारण धीरेंद्र घुटनों के बल आगे वाली दोनों सीटों का सहारा लेकर बैठा हुआ था।
सभी लोग न्यामतपुर तक सामान्य रफ्तार से पहुंचे। इसके बाद रिशु व दो अन्य बरातियों ने शराब पी। बरात में पहुंचने में देरी होने की बात को लेकर रिशु ने कार तेज रफ्तार में दौड़ानी शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार 100 से भी अधिक की रफ्तार में रही होगी। तभी सुनसान चुर्खी रोड स्थित सुहाखर खेरा व ककहरा गांव के बीच पड़ने वाले तेज मोड़ पर रिशु का कार से नियंत्रण खत्म हो जाने के कारण कारण सीधे जाकर एक पेड़ से टकराने के बाद सीधे खंदक में जा गिरी। एयरबैग के खुलने से रिशु, हरिओम व पीछे बैठे धीरेंद्र की जान बच गई। पुलिस को जांच के दौरान कार का स्पीड मीटर का कांटा 110 पर फंसा मिला।
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परिजनों ने बताया कि शाम को बरातियों के निकलने के साथ ही धीरेंद्र से भी साथ में ही चलने को कहा गया। धीरेंद्र ने अपने पांच दोस्तों के ही साथ कार से बाद में आने की बात कही। बराती रात 10 बजे तक उरई पहुंच गए, लेकिन धीरेंद्र व उसके दोस्त रात करीब आठ बजे गांव से ही निकले। कार रिशु उर्फ दीपू चला रहा था। बगल की सीट पर हरिओम बैठा था। पीछे वाली सीट पर धीरेंद्र, लक्ष्मण, विनय उर्फ टीटू व राघव बैठे थे। पुलिस के अनुसार पीछे की सीट पर तीन लोगों के बैठने की जगह होने के कारण धीरेंद्र घुटनों के बल आगे वाली दोनों सीटों का सहारा लेकर बैठा हुआ था।
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सभी लोग न्यामतपुर तक सामान्य रफ्तार से पहुंचे। इसके बाद रिशु व दो अन्य बरातियों ने शराब पी। बरात में पहुंचने में देरी होने की बात को लेकर रिशु ने कार तेज रफ्तार में दौड़ानी शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार 100 से भी अधिक की रफ्तार में रही होगी। तभी सुनसान चुर्खी रोड स्थित सुहाखर खेरा व ककहरा गांव के बीच पड़ने वाले तेज मोड़ पर रिशु का कार से नियंत्रण खत्म हो जाने के कारण कारण सीधे जाकर एक पेड़ से टकराने के बाद सीधे खंदक में जा गिरी। एयरबैग के खुलने से रिशु, हरिओम व पीछे बैठे धीरेंद्र की जान बच गई। पुलिस को जांच के दौरान कार का स्पीड मीटर का कांटा 110 पर फंसा मिला।
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