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Jalaun News: ओवरलोड वाहनों से टूटी पुलिया, जान जोखिम में
Mon, 15 Apr 2024 01:40 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 15 Apr 2024 01:40 AM IST
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आटा/उरई। मौरंग के ओवरलोड वाहन क्षेत्रीय लोगों के लिए आफत बन चुके है। बेखौफ सड़क पर फर्राटा भरते इन ओवरलोड वाहनों की वजह से अब सड़कों के साथ पुलिया भी सुरक्षित नहीं बची हैं। इन वाहनों के आवागमन से आटा-इटौरा मार्ग पर बनी पुलिया टूटने लगी है। इसकी वजह से क्षेत्रीय लोगों के साथ स्कूली वाहनों का आना-जाना बंद होने की कगार पर है।
पिपरायां गांव में विद्यालय के पास बनी पुलिया ओवरलोड वाहनों का भार नहीं सह पाई और जो धीरे-धीरे पूरी ध्वस्त हो गई। पुलिया निर्माण में लगे लोहे के सरिया बाहर निकल आए हैं। जो हादसों को दावत दे रहे हैं। इसके बाद भी भारी वाहनों का संचालन जारी है। जो जान जोखिम में डालकर इस मार्ग पर सफर कर रहे हैं। वाहनों के संचालन से दस किलोमीटर की सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
इस मार्ग से रोजाना स्कूली वाहन भी निकलते हैं। जोकि आटा से इटौरा जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरा स्कूली वाहनों के आने-जाने में है। लगभग रोजाना इस पुलिया से दस हजार की आबादी निकलती है। इसमें बीस से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। अगर भारी वाहनों पर रोक नहीं लगी तो एक से दो सप्ताह में पुलिया पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। इससे आसपास से करीब पांच सौ बच्चे स्कूल नहीं जा पाएंगे। लोगों को खेत से होकर अस्थायी रास्ता बनाना पड़ेगा या बीस से 25 किलोमीटर चक्कर लगाकर सफर करना पड़ेगा। गांव के अंदर से होकर भारी वाहन गुजरेंगे तो हादसों में भी इजाफा होने लगेगा। इन सब समस्याओं के बाद भी समाधान शून्य है।
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वर्जन-
पुलिया टूटने की जानकारी मिली है उसकी मम्मरत तत्काल कराई जाएगी। जिससे वाहन निकल सकें। पुलिया का फिर से निर्माण और मार्ग के निर्माण के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। बजट मिलने पर उसका निर्माण किया जाएगा। -ब्रजेंद्र कुमार, जेई, लोकनिर्माण विभाग
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पिपरायां गांव में विद्यालय के पास बनी पुलिया ओवरलोड वाहनों का भार नहीं सह पाई और जो धीरे-धीरे पूरी ध्वस्त हो गई। पुलिया निर्माण में लगे लोहे के सरिया बाहर निकल आए हैं। जो हादसों को दावत दे रहे हैं। इसके बाद भी भारी वाहनों का संचालन जारी है। जो जान जोखिम में डालकर इस मार्ग पर सफर कर रहे हैं। वाहनों के संचालन से दस किलोमीटर की सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
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इस मार्ग से रोजाना स्कूली वाहन भी निकलते हैं। जोकि आटा से इटौरा जाते हैं। सबसे ज्यादा खतरा स्कूली वाहनों के आने-जाने में है। लगभग रोजाना इस पुलिया से दस हजार की आबादी निकलती है। इसमें बीस से अधिक गांव जुड़े हुए हैं। अगर भारी वाहनों पर रोक नहीं लगी तो एक से दो सप्ताह में पुलिया पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। इससे आसपास से करीब पांच सौ बच्चे स्कूल नहीं जा पाएंगे। लोगों को खेत से होकर अस्थायी रास्ता बनाना पड़ेगा या बीस से 25 किलोमीटर चक्कर लगाकर सफर करना पड़ेगा। गांव के अंदर से होकर भारी वाहन गुजरेंगे तो हादसों में भी इजाफा होने लगेगा। इन सब समस्याओं के बाद भी समाधान शून्य है।
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वर्जन-
पुलिया टूटने की जानकारी मिली है उसकी मम्मरत तत्काल कराई जाएगी। जिससे वाहन निकल सकें। पुलिया का फिर से निर्माण और मार्ग के निर्माण के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। बजट मिलने पर उसका निर्माण किया जाएगा। -ब्रजेंद्र कुमार, जेई, लोकनिर्माण विभाग

रियाज अहमद ।

रियाज अहमद ।