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भारत विकास परिषद ने मनाई रानी लक्ष्मीबाई की जयंती
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Fri, 20 Nov 2015 11:08 PM IST
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बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी
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वाली रानी थी, ये लाइनें आज भी हर देशभक्त की जुबान पर रहती हैं। देशभक्ति
और वीरता की मिसाल प्रथम स्वातंत्र्य समर की अगुवाकार रहीं रानी झांसी
लक्ष्मीबाई की 180वीं जयंती यहां भारत विकास परिषद ने जोरदार ढंग से मनाई।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि लक्ष्मीबाई बुंदेलखंड की आन, बान
और शान की प्रतीक हैं। उन्होंने देश के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया लेकिन अंग्रेजों की गुलामी नहीं स्वीकार की। ऐतिहासिक स्मारक चंदकुंआ स्थित रानी झांसी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शाखा सदस्यों ने उनके कार्यों को याद किया।
महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर यहां चंदकुंआ स्थित उनकी प्रतिमा के नीचे जुटे भाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि रानी ने
हमारी बुंदेली धरा पर राष्ट्रभक्ति का इतिहास रचा। उन्होंने रानी झांसी को प्रथम स्वाधीनता संग्राम का प्रणेता बताते हुये कहा कि उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान तक कर दिया लेकिन अंग्रेजी दासत्व को स्वीकार नहीं किया। ऐसी महान विभूति के चरणों में नतमस्तक होते हुये उनकी वीरता को याद करके हम उनके कार्यों से प्रेरणा लें और आपसी सद्भाव कायम करते हुये राष्ट्र निर्माण
में अपना हाथ बंटाएं। परिषद के प्रांतीय पदाधिकारी प्रो. वीरेंद्र सिंह की अगुवाई में शाखा अध्यक्ष राजेंद्र निगम, सचिव प्रकाशचंद्र गुप्ता आदि ने वीरांगना की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कढोरेलाल यादव, डॉ. दिनेश उदैनिया, श्रीकांत गुप्ता, प्रह्लाद सोनी, केके यादव, विच्चुल यादव आदि मौजूद रहे।
और शान की प्रतीक हैं। उन्होंने देश के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया लेकिन अंग्रेजों की गुलामी नहीं स्वीकार की। ऐतिहासिक स्मारक चंदकुंआ स्थित रानी झांसी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शाखा सदस्यों ने उनके कार्यों को याद किया।
महारानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर यहां चंदकुंआ स्थित उनकी प्रतिमा के नीचे जुटे भाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि रानी ने
हमारी बुंदेली धरा पर राष्ट्रभक्ति का इतिहास रचा। उन्होंने रानी झांसी को प्रथम स्वाधीनता संग्राम का प्रणेता बताते हुये कहा कि उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान तक कर दिया लेकिन अंग्रेजी दासत्व को स्वीकार नहीं किया। ऐसी महान विभूति के चरणों में नतमस्तक होते हुये उनकी वीरता को याद करके हम उनके कार्यों से प्रेरणा लें और आपसी सद्भाव कायम करते हुये राष्ट्र निर्माण
में अपना हाथ बंटाएं। परिषद के प्रांतीय पदाधिकारी प्रो. वीरेंद्र सिंह की अगुवाई में शाखा अध्यक्ष राजेंद्र निगम, सचिव प्रकाशचंद्र गुप्ता आदि ने वीरांगना की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कढोरेलाल यादव, डॉ. दिनेश उदैनिया, श्रीकांत गुप्ता, प्रह्लाद सोनी, केके यादव, विच्चुल यादव आदि मौजूद रहे।