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बेटे को जहर और बेटी का गला घोट कर की हत्या
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मुश्ताक के दो बच्चे अपनी बड़ी अम्मी रुखसाना के साथ।
- फोटो : ORAI
उरई/ एट(जालौन)। बेटे और बेटी की हत्या के बाद मां के खुदकुशी करने के मामले में शनिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई। बेटे को जहर देने की पुष्टि हुई है। इससे उसका विसरा सुरक्षित रखा गया। बेटी का गला घोटा गया था। इसके बाद मां ने फांसी लगाई थी। हादसे से पूरे इलाके में दूसरे दिन भी सन्नाटा सा पसरा रहा।
कस्बा निवासी ट्रक चालक मुश्ताक की पत्नी शबाना ने शुक्रवार शाम दिव्यांग बेटी रोशनी (20) और बेटे आसिफ (15) की हत्या कर फांसी लगा ली थी। इलाकाई लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। घटना की सूचना परमुश्ताक भी पहुंच गया था। मुश्ताक के मुताबिक दोनों बच्चे जन्म से ही शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम थे। दोनों के इलाज में काफी पैसा खर्च हो चुका था। परिवार की आर्थिक हालत पहले से खराब थी। कमाई सीमित है। बच्चों को इलाज से फायदा नहीं हो रहा था। इससे मानसिक तनाव बढ़ रहा था। इसी तनाव के चलते शबाना के बेटे, बेटी की हत्या के बाद खुद खुदकुशी करने की आशंका है।
वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आसिफ को जहर देने और रोशनी की गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। घटना के बाद शनिवार सुबह मुश्ताक के बाकी के दो बच्चे जोया (7), फहीम (4) उसके बड़े भाई की पत्नी रुखसाना के साथ झांसी से एट पहुंच गए। दोनों बच्चे मां व भाई-बहन के शव देख रोते बिलखते रहे। परिजनों ने बताया कि मुश्ताक ने दोनों दिव्यांग बच्चों के ठीक होने के लिए कई जगह मन्नतें मान रखी थीं। दुआ और दवा कुछ भी असर नहीं कर रही थी। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर दीवार से टेक लगाकर दोपहर तक मुश्ताक रोता रहा।
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कस्बा निवासी ट्रक चालक मुश्ताक की पत्नी शबाना ने शुक्रवार शाम दिव्यांग बेटी रोशनी (20) और बेटे आसिफ (15) की हत्या कर फांसी लगा ली थी। इलाकाई लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। घटना की सूचना परमुश्ताक भी पहुंच गया था। मुश्ताक के मुताबिक दोनों बच्चे जन्म से ही शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम थे। दोनों के इलाज में काफी पैसा खर्च हो चुका था। परिवार की आर्थिक हालत पहले से खराब थी। कमाई सीमित है। बच्चों को इलाज से फायदा नहीं हो रहा था। इससे मानसिक तनाव बढ़ रहा था। इसी तनाव के चलते शबाना के बेटे, बेटी की हत्या के बाद खुद खुदकुशी करने की आशंका है।
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वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आसिफ को जहर देने और रोशनी की गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। घटना के बाद शनिवार सुबह मुश्ताक के बाकी के दो बच्चे जोया (7), फहीम (4) उसके बड़े भाई की पत्नी रुखसाना के साथ झांसी से एट पहुंच गए। दोनों बच्चे मां व भाई-बहन के शव देख रोते बिलखते रहे। परिजनों ने बताया कि मुश्ताक ने दोनों दिव्यांग बच्चों के ठीक होने के लिए कई जगह मन्नतें मान रखी थीं। दुआ और दवा कुछ भी असर नहीं कर रही थी। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर दीवार से टेक लगाकर दोपहर तक मुश्ताक रोता रहा।
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