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रावण, जटायु के बीच रोमांचकारी युद्घ पर बजी तालियां
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स्वर्ण रूपी मारीच का वध करते राम व लक्ष्मण
- फोटो : ORAI
कोंच। कोंच की ऐतिहासिक रामलीला में शुक्रवार को दिन के समय लगभग चार बजे से मारीच वध, सीता हरण और जटायु उद्धार आदि लीलाओं का मंचन गढ़ी के मैदान में मेले के रूप में संपन्न हुआ। जहां हजारों की भीड़ मेला ग्राउंड में जुटी थी। रावण और जटायु के बीच रोमांचकारी युद्घ देख दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।
मंचन में दिखाया गया कि लक्ष्मण क्रोध में आकर सूर्पणखा के कान और नाक काट देते हैं। रावण अपने मायावी मामा मारीच को स्वर्णमृग बना कर पंचवटी भेजता है। राम के जाने के बाद लक्ष्मण कुटिया के बाहर एक रेखा खींचते हैं और राम की तलाश में निकल जाते हैं। तभी साधु वेश धारण कर रावण वहां आकर भिक्षा मांगता है और छल पूर्वक सीता को हर ले जाता है।
इस मौके पर समिति के अध्यक्ष आनंद गुप्ता, मंत्री राहुल तिवारी, अभिनय विभाग के अध्यक्ष सुधीर सोनी, मंत्री अतुल चतुर्वेदी, केशव बबेले, संजय सोनी, पवन अग्रवाल, हरिश्चंद्र तिवारी, नवनीत गुप्ता, अभिषेक रिछारिया, राजेन्द्र गुप्ता, कल्लू यादव, चंद्रशेखर नगाइच, डॉ. मृदुल दांतरे आदि लगे थे। मेले में सभासद महावीर यादव, अमित यादव, दंगलसिंह यादव, अरविंद खटिक, छोटू टाइगर सहित तमाम गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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मुस्लिम बंधुओं की सक्रिय सहभागिता रही मेले में
कोंच। रामलीला की एक विशेषता यह भी है कि मेला मुस्लिम बहुल इलाके में संपन्न होता है और हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल भी सामने आती है। रामलीला समिति ने मेले के लिए मेला निगरानी समिति बनाई थी जिसका अध्यक्ष मोहम्मद अफजाल खान को बनाया गया था। उनकी अगुवाई में समिति के अन्य सदस्यों काजी बशीर उद्दीन, हाजी रहम इलाही कुरैशी, रज्जाक अंसारी, रज्जाक कुरैशी, यासीन, रशीद, रहीस, विशाल अहमद, अनीस, मोहम्मद मंजर खान, चंदू अंसारी, जाफर, जब्बारखां, वाहिद आदि मेला ग्राउंड में मुस्तैदी से डटे रहे और रावण जटायु युद्घ करवाया।
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मंचन में दिखाया गया कि लक्ष्मण क्रोध में आकर सूर्पणखा के कान और नाक काट देते हैं। रावण अपने मायावी मामा मारीच को स्वर्णमृग बना कर पंचवटी भेजता है। राम के जाने के बाद लक्ष्मण कुटिया के बाहर एक रेखा खींचते हैं और राम की तलाश में निकल जाते हैं। तभी साधु वेश धारण कर रावण वहां आकर भिक्षा मांगता है और छल पूर्वक सीता को हर ले जाता है।
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इस मौके पर समिति के अध्यक्ष आनंद गुप्ता, मंत्री राहुल तिवारी, अभिनय विभाग के अध्यक्ष सुधीर सोनी, मंत्री अतुल चतुर्वेदी, केशव बबेले, संजय सोनी, पवन अग्रवाल, हरिश्चंद्र तिवारी, नवनीत गुप्ता, अभिषेक रिछारिया, राजेन्द्र गुप्ता, कल्लू यादव, चंद्रशेखर नगाइच, डॉ. मृदुल दांतरे आदि लगे थे। मेले में सभासद महावीर यादव, अमित यादव, दंगलसिंह यादव, अरविंद खटिक, छोटू टाइगर सहित तमाम गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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मुस्लिम बंधुओं की सक्रिय सहभागिता रही मेले में
कोंच। रामलीला की एक विशेषता यह भी है कि मेला मुस्लिम बहुल इलाके में संपन्न होता है और हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल भी सामने आती है। रामलीला समिति ने मेले के लिए मेला निगरानी समिति बनाई थी जिसका अध्यक्ष मोहम्मद अफजाल खान को बनाया गया था। उनकी अगुवाई में समिति के अन्य सदस्यों काजी बशीर उद्दीन, हाजी रहम इलाही कुरैशी, रज्जाक अंसारी, रज्जाक कुरैशी, यासीन, रशीद, रहीस, विशाल अहमद, अनीस, मोहम्मद मंजर खान, चंदू अंसारी, जाफर, जब्बारखां, वाहिद आदि मेला ग्राउंड में मुस्तैदी से डटे रहे और रावण जटायु युद्घ करवाया।

रावण से युद्ध करता जटायु- फोटो : ORAI