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स्कूल और पंचायत भवन में बंद किए अन्ना मवेशी
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कदौरा प्राथमिक स्कूल के अंदर अन्ना मवेशी
- फोटो : ORAI
कदौरा (जालौन)। रोज-रोज अन्ना मवेशियों द्वारा फसलें बर्बाद किए जाने के आजिज कदौरा क्षेत्र के मवई ब्राह्मण गांव के ग्रामीणों ने सुबह आठ बजे जैसे ही विद्यालय खुला वैसे ही ग्रामीण जबरन 200 अन्ना जानवरों को बंद करने लगे। यह देख स्कूल में मौजूद शिक्षकों ने इसका विरोध किया तो ग्रामीण उनसे भिड़ गए। हालांकि कुछ ग्रामीणों ने बीच बचाव के बाद मामला शांत कराया। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस व बीडीओ ने किसी तरह से ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया व पशुपालकों को अपने मवेशी अपने घर में बांध कर रखने के निर्देश दिए।
शासन व प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद अन्ना मवेशियों पर रोकथाम नहीं हो पा रही है। गांव-गांव घूमते अन्ना जानवर किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर रहे है। मवेशियों से परेशान किसान कई बार प्रशासन को शिकायती पत्र देकर अन्ना मवेशियों से निजात दिलाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई न होती देख कर गुरुवार सुबह क्षेत्र के ग्राम मवई ब्राह्मण के अरुण तिवारी, अश्वनी, कल्लू, रिंकू, सुरेश, आशाराम, हरनाम पप्पू समेत पांत दर्जन ग्रामीणों ने गांव के लगभग 2 सैकड़ा अन्ना जानवरों को ले जा कर पंचायत भवन व प्राथमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया।
गनीमत रही कि विद्यालय में सुबह सिर्फ नौ छात्र पहुंच सके थे, अगर यही मामला एक घंटे बाद का होता हो विद्यालय बच्चों से भरा होता है तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के आसपास लगभग तीन सौ जानवर विचरण करते है। जिनमें से अधिकांश पालतू जानवर होते है। पशु पालक उन्हें अन्ना छोड़ देते हैं, जिससे जानवरों का झुंड फसलों को रौंद कर बर्बाद कर देते हैं। अभी तक क्षेत्र में सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है।
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कई बार पुलिस व उपजिलाधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों से अन्ना जानवरों से निजात दिलाने की गुहार लगा चुके है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए उन्होंने जानवरों को सरकारी भवन में बंद किया है। सरकारी भवनों में अन्ना मवेशियों को बंद करने की सूचना पर कदौरा पुलिस व बीडीओ अतिरंजन सिंह मौके पर पहुंचे और गुस्साए ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत कराया व बंद जानवरों को निकलवा कर पूरे गांव में मुनादी कराकर पालतू जानवरों को खूंटे में बांधने की चेतावनी दी।
बीडीओ अतिरंजन सिंह ने कहा कि गांव में अस्थायी गौशाला बनाने के लिए सचिव को आदेश दिया है, जल्द गौशाला बनाई जाएगी। वहीं प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि सूचना पर पहुंच कर जानवरों को निकलवाया है और ग्रामीणों ने आधा सैकड़ा पशुपालकों की सूची दी है जिन पर जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों में एडीओ आईएसबी मनोज गुप्ता, एसआई संजय पाल सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
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शासन व प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद अन्ना मवेशियों पर रोकथाम नहीं हो पा रही है। गांव-गांव घूमते अन्ना जानवर किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर रहे है। मवेशियों से परेशान किसान कई बार प्रशासन को शिकायती पत्र देकर अन्ना मवेशियों से निजात दिलाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई न होती देख कर गुरुवार सुबह क्षेत्र के ग्राम मवई ब्राह्मण के अरुण तिवारी, अश्वनी, कल्लू, रिंकू, सुरेश, आशाराम, हरनाम पप्पू समेत पांत दर्जन ग्रामीणों ने गांव के लगभग 2 सैकड़ा अन्ना जानवरों को ले जा कर पंचायत भवन व प्राथमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया।
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गनीमत रही कि विद्यालय में सुबह सिर्फ नौ छात्र पहुंच सके थे, अगर यही मामला एक घंटे बाद का होता हो विद्यालय बच्चों से भरा होता है तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के आसपास लगभग तीन सौ जानवर विचरण करते है। जिनमें से अधिकांश पालतू जानवर होते है। पशु पालक उन्हें अन्ना छोड़ देते हैं, जिससे जानवरों का झुंड फसलों को रौंद कर बर्बाद कर देते हैं। अभी तक क्षेत्र में सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है।
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कई बार पुलिस व उपजिलाधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों से अन्ना जानवरों से निजात दिलाने की गुहार लगा चुके है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए उन्होंने जानवरों को सरकारी भवन में बंद किया है। सरकारी भवनों में अन्ना मवेशियों को बंद करने की सूचना पर कदौरा पुलिस व बीडीओ अतिरंजन सिंह मौके पर पहुंचे और गुस्साए ग्रामीणों को समझा बुझा कर शांत कराया व बंद जानवरों को निकलवा कर पूरे गांव में मुनादी कराकर पालतू जानवरों को खूंटे में बांधने की चेतावनी दी।
बीडीओ अतिरंजन सिंह ने कहा कि गांव में अस्थायी गौशाला बनाने के लिए सचिव को आदेश दिया है, जल्द गौशाला बनाई जाएगी। वहीं प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि सूचना पर पहुंच कर जानवरों को निकलवाया है और ग्रामीणों ने आधा सैकड़ा पशुपालकों की सूची दी है जिन पर जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अधिकारियों में एडीओ आईएसबी मनोज गुप्ता, एसआई संजय पाल सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी मौजूद रहे।

अन्ना पशुपालकों की सूची बनवाते अधिकारी- फोटो : ORAI

शिक्षक से बहस करते ग्रामीण- फोटो : ORAI