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Jalaun News: ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप, लगाई न्याय की गुहार
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उरई। शहर के कालपी रोड स्थित एक हॉस्पिटल के डॉक्टर पर ऑपरेशन में लापरवाही बरतने और मरीज का जीवन खतरे में डालने का आरोप लगा है। पीड़िता ने डीएम व सीएमओ को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र में मध्यप्रदेश के भिंड जिले के ऊमरी निवासी शिवकुमारी पत्नी अशोक कुमार ने बताया कि 4 जुलाई 2026 को कालपी रोड उरई स्थित अस्पताल में संचालक से बच्चादानी निकलवाने का ऑपरेशन करवाया था। ऑपरेशन के दौरान लापरवाही के चलते यूरिन ब्लैडर में ब्लेड से दो जगह कट लग गए, जिससे पेशाब रुकना बंद हो गया। ग्वालियर के अपोलो और लिंक अस्पताल में जांच कराने पर ब्लैडर में कट की बात सामने आई। डॉक्टरों के अनुसार समय पर सही इलाज न मिलने पर यह स्थिति कैंसर का रूप ले सकती है। 2 अगस्त 2026 को जब परिजनों ने शिकायत की, तो डॉक्टर ने गलती स्वीकारते हुए 20 हजार रुपये दिए और बिना ब्लैडर कट की जानकारी दिए अनभिज्ञता में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़िता के पति ने डॉक्टर पर विश्वास करते हुए बिना पढ़े दस्तखत कर दिए थे।
आरोप है कि डॉक्टर ने इस वीडियो व सहमति पत्र का हवाला देकर समझौता होने की बात कही। पीड़िता का इलाज ग्वालियर में चल रहा है, जहां अब तक 2 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और आगे भी कई लाख रुपये खर्च होने की संभावना है। दो छोटे बच्चों की मां पीड़िता ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है। सीएमओ डॉ. एचएन प्रसाद का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कमेटी बनाई जाएगी। वहीं एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण ने निजी अस्पताल का निरीक्षण किया।
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शिकायती पत्र में मध्यप्रदेश के भिंड जिले के ऊमरी निवासी शिवकुमारी पत्नी अशोक कुमार ने बताया कि 4 जुलाई 2026 को कालपी रोड उरई स्थित अस्पताल में संचालक से बच्चादानी निकलवाने का ऑपरेशन करवाया था। ऑपरेशन के दौरान लापरवाही के चलते यूरिन ब्लैडर में ब्लेड से दो जगह कट लग गए, जिससे पेशाब रुकना बंद हो गया। ग्वालियर के अपोलो और लिंक अस्पताल में जांच कराने पर ब्लैडर में कट की बात सामने आई। डॉक्टरों के अनुसार समय पर सही इलाज न मिलने पर यह स्थिति कैंसर का रूप ले सकती है। 2 अगस्त 2026 को जब परिजनों ने शिकायत की, तो डॉक्टर ने गलती स्वीकारते हुए 20 हजार रुपये दिए और बिना ब्लैडर कट की जानकारी दिए अनभिज्ञता में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़िता के पति ने डॉक्टर पर विश्वास करते हुए बिना पढ़े दस्तखत कर दिए थे।
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आरोप है कि डॉक्टर ने इस वीडियो व सहमति पत्र का हवाला देकर समझौता होने की बात कही। पीड़िता का इलाज ग्वालियर में चल रहा है, जहां अब तक 2 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और आगे भी कई लाख रुपये खर्च होने की संभावना है। दो छोटे बच्चों की मां पीड़िता ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है। सीएमओ डॉ. एचएन प्रसाद का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कमेटी बनाई जाएगी। वहीं एसीएमओ डॉ. अरविंद भूषण ने निजी अस्पताल का निरीक्षण किया।
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