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Jalaun News: रोडवेज डिपो में पैसे के लेनदेन का आरोप, डीएम से शिकायत
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उरई। रोडवेज में कर्मचारियों से पैसे लिए जाने का मामला सामने आया है। उरई डिपो के संविदा परिचालक विकास कुमार ने सोमवार को जिलाधिकारी से शिकायत कर अधिकारियों पर पैसे मांगने, न देने पर कार्रवाई और नौकरी से हटाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने ऑनलाइन लेनदेन का ब्योरा और मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध कराने की बात कही है।
शिकायत के मुताबिक 23 सितंबर को झांसी से उरई लौटते समय पिरौना नहर के पास बस को रोका गया था। आरोप है कि इस दौरान झांसी-बांदा डिपो के सेवा प्रबंधक संतोष कुमार ने उससे पैसे के संबंध में पूछताछ की। पैसा देने से इन्कार करने पर विवाद बढ़ गया और परिचालक ने मारपीट किए जाने का आरोप लगाया।
परिचालक का दावा है कि इससे पहले भी उससे नियमित रूप से पैसे लिए जाते थे। शिकायत में अधिकारियों तक रकम पहुंचाने के लिए ड्राइवर और अन्य कर्मचारियों के माध्यम से फोन-पे से लेनदेन कराए जाने की बात कही गई है। उसने संबंधित लेनदेन का रिकॉर्ड जांच के लिए उपलब्ध कराने की बात कही है।
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वहीं, 23 सितंबर की घटना को लेकर विभाग की ओर से अलग कार्रवाई की बात सामने आई है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार बस की चेकिंग के दौरान बिना टिकट यात्रियों को लेकर विवाद हुआ था और परिचालक पर अधिकारियों के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं।
ऐसे में अब शिकायत में बताए गए ऑनलाइन लेनदेन और 23 सितंबर की घटना की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और दोनों पक्षों के बयानों की जांच से मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। एसएम संतोष कुमार का कहना है कि आरोप निराधार हैं। परिचालक ने उनके साथ अभद्रता की थी।
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शिकायत के मुताबिक 23 सितंबर को झांसी से उरई लौटते समय पिरौना नहर के पास बस को रोका गया था। आरोप है कि इस दौरान झांसी-बांदा डिपो के सेवा प्रबंधक संतोष कुमार ने उससे पैसे के संबंध में पूछताछ की। पैसा देने से इन्कार करने पर विवाद बढ़ गया और परिचालक ने मारपीट किए जाने का आरोप लगाया।
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परिचालक का दावा है कि इससे पहले भी उससे नियमित रूप से पैसे लिए जाते थे। शिकायत में अधिकारियों तक रकम पहुंचाने के लिए ड्राइवर और अन्य कर्मचारियों के माध्यम से फोन-पे से लेनदेन कराए जाने की बात कही गई है। उसने संबंधित लेनदेन का रिकॉर्ड जांच के लिए उपलब्ध कराने की बात कही है।
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वहीं, 23 सितंबर की घटना को लेकर विभाग की ओर से अलग कार्रवाई की बात सामने आई है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार बस की चेकिंग के दौरान बिना टिकट यात्रियों को लेकर विवाद हुआ था और परिचालक पर अधिकारियों के साथ मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं।
ऐसे में अब शिकायत में बताए गए ऑनलाइन लेनदेन और 23 सितंबर की घटना की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और दोनों पक्षों के बयानों की जांच से मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। एसएम संतोष कुमार का कहना है कि आरोप निराधार हैं। परिचालक ने उनके साथ अभद्रता की थी।