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Jalaun News: नोकझोंक और मिन्नतों के बीच 23 साल बाद पालिका ने खाली कराईं 17 दुकानें

Thu, 05 Jun 2025 12:45 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Jun 2025 12:45 AM IST
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After 23 years of arguments and requests, the municipality got 17 shops vacated
उरई। नगर पालिका ने 23 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद बुधवार को आखिरकार हुल्की माता मंदिर के सामने स्थित अपनी 17 दुकानों को खाली करवा ही लिया। इस दौरान कई स्थानों पर तीखी नोकझोंक हुई, कुछ लोगों ने मिन्नतें कीं तो कुछ ने बहाने बनाए, लेकिन अधिकारी अडिग रहे।
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वर्ष 2002 के आसपास नगर पालिका ने हुल्की माता मंदिर के सामने 17 दुकानों का निर्माण कराया था। निर्माण कार्य अधूरा रह गया। बाद में बोली प्रक्रिया के तहत इन दुकानों को आवंटित किया गया, लेकिन जिन लोगों ने बोली में हिस्सा लिया, उन्होंने न तो रकम जमा की और न ही वैध ढंग से कब्जा लिया। इसके बावजूद वर्षों से वह अवैध रूप से दुकानों पर काबिज रहे।
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पालिका की ओर से समय-समय पर नोटिस भेजे गए, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और अधिकारियों के लगातार तबादलों के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। अब मई में अधिशासी अधिकारी (ईओ) राम अचल कुरील ने सख्त रुख अपनाते हुए दो नोटिस जारी किए। पहले नोटिस में 10 दिन की मोहलत दी गई, फिर अतिक्रमण हटाने का अंतिम नोटिस जारी किया गया।
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बुधवार को दोपहर करीब दो बजे पालिका की 100 सदस्यीय टीम, 50 पुलिसकर्मियों तथा बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। अधिकांश दुकानदारों ने दुकानें खाली कर दीं, लेकिन कुछ ने विरोध किया। एक बुजुर्ग ने दुकान खाली करने से इन्कार किया और अभद्रता पर उतर आए। इसके बाद महिला पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। एक लोहार ने बेटी की शादी का हवाला देते हुए मोहलत मांगी, लेकिन ईओ ने स्पष्ट कहा कि शादी कहीं और से कर लो, दुकान खाली करनी ही पड़ेगी।
इसके बाद अतिक्रमण हटवाकर शादी तक का सीमित समय दिया गया। कुछ दुकानदारों ने एक-दो दिन की मोहलत मांगी, परंतु किसी को समय नहीं दिया गया। दो दुकानों के ताले तोड़कर पालिका ने उसे कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई में तहसीलदार श्रेय मिश्रा, कर अधीक्षक गणेश प्रसाद, ताहिर, राहुल, संजय, शाहरूख, एजाज आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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20 अस्थायी दुकानों को भी हटाया गया
स्थायी दुकानों के अलावा मंदिर के सामने पटरी पर 20 अस्थायी दुकानदार भी वर्षों से कब्जा जमाए हुए थे। कार्रवाई की सूचना मिलते ही सभी ने अपने टिन-टप्पर समेटने शुरू कर दिए। वर्षों से नाले के ऊपर भी कब्जा किया गया था, जिसे पहली बार अतिक्रमण मुक्त कर साफ कराया गया। इसके लिए तुरंत छोटी जेसीबी मंगवाकर नाले की सफाई करवाई गई।
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पालिकाः अब मिलेगा करोड़ों का राजस्व
इन दुकानों से अब तक पालिका को कोई राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा था, जबकि यह मंदिर और टाउन हॉल जैसी प्रमुख जगहों पर स्थित हैं। अब इन दुकानों का किराया तीन से चार हजार रुपये मासिक तय हो सकता है। पालिका इन दुकानों की नीलामी करेगी। एक दुकान की नीलामी 10 से 15 लाख रुपये में होती है, तो पालिका को करीब दो करोड़ रुपये तक की आय हो सकती है। ईओ ने बताया कि दुकानों को दुरुस्त करने के बाद जल्द ही बोली प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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कर्मचारी ने नाले में हाथ डालकर निकाली चाबी
कार्रवाई के दौरान एक दुकान का ताला खोलने की चाबी नाले में गिर गई। ईओ ने एक कर्मचारी को हाथ डालकर चाबी निकालने के निर्देश दिए। कर्मचारी ने बिना दस्ताने व किसी भी सुरक्षा उपकरण के सीधे नाले में हाथ डाल दिया। इसके बाद चाबी को निकाला गया।
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