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Jalaun News: पूर्व फौजी से मारपीट करने वाले सिपाही को छह माह की सजा
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उरई। रिपोर्ट लिखाने गए पूर्व फौजी के साथ मारपीट करने वाले थाने के मुंशी को छह माह की सजा सुनाई गई है। पूर्व फौजी ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उसने छह सिपाही व एक होमगार्ड पर थाने में मारपीट कर उंगली तोड़ने और रुपये छीनने का आरोप लगाया था।
कदौरा थाना क्षेत्र के उदनपुर गांव निवासी पूर्व सैनिक श्रीधर ने कोर्ट में परिवाद दायर करते हुए बताया था कि दस अक्तूबर 2013 को उसके चाचा शिवराम के साथ गांव के सोमराज ने मारपीट कर दी थी। इसकी वह शिकायत करने कदौरा थाने गए थे। जब उन्हें चाचा के साथ मारपीट की जानकारी मिली तो वह भी थाने पहुंच गए। जहां उन्होंने थाने में मौजूद मुंशी कप्तान सिंह रिपोर्ट लिखने को कहा तो वह गालीगलौज करते हुए मारपीट करने लगा।
थाने के सिपाही अमृत लाल, बलवंत सिंह, अखिलेश कुमार, अनिल कुमार, रामकृष्ण व होमगार्ड मनोज ने भी उसके साथ मारपीट की। इससे उसके उंगली फ्रैक्चर हो गई थी। पीड़ित का आरोप था कि सिपाहियों ने उसके जेब में पड़े 900 रुपये भी छीन लिए थे। उसने इसकी उच्चधिकारियों से की थी लेकिन कार्रवाई न होने पर उसने डकैती कोर्ट में परिवाद दायर किया था। डकैती कोर्ट ने 19 अक्तूबर 2015 को थाने के मुंशी कप्तान सिंह को मारपीट सहित अन्य धाराओं में तलब किया था। मुंशी कप्तान सिंह ने कार्रवाई से बचने के लिए हाईकोर्ट से जमानत ले ली थी। कोर्ट में चले ट्रायल के बाद बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को बहस, गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डॉ अवनीश कुमार ने मुंशी को मारपीट के मामले में दोषी पाते हुए छह माह की सजा सुनाई और पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया।
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कदौरा थाना क्षेत्र के उदनपुर गांव निवासी पूर्व सैनिक श्रीधर ने कोर्ट में परिवाद दायर करते हुए बताया था कि दस अक्तूबर 2013 को उसके चाचा शिवराम के साथ गांव के सोमराज ने मारपीट कर दी थी। इसकी वह शिकायत करने कदौरा थाने गए थे। जब उन्हें चाचा के साथ मारपीट की जानकारी मिली तो वह भी थाने पहुंच गए। जहां उन्होंने थाने में मौजूद मुंशी कप्तान सिंह रिपोर्ट लिखने को कहा तो वह गालीगलौज करते हुए मारपीट करने लगा।
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थाने के सिपाही अमृत लाल, बलवंत सिंह, अखिलेश कुमार, अनिल कुमार, रामकृष्ण व होमगार्ड मनोज ने भी उसके साथ मारपीट की। इससे उसके उंगली फ्रैक्चर हो गई थी। पीड़ित का आरोप था कि सिपाहियों ने उसके जेब में पड़े 900 रुपये भी छीन लिए थे। उसने इसकी उच्चधिकारियों से की थी लेकिन कार्रवाई न होने पर उसने डकैती कोर्ट में परिवाद दायर किया था। डकैती कोर्ट ने 19 अक्तूबर 2015 को थाने के मुंशी कप्तान सिंह को मारपीट सहित अन्य धाराओं में तलब किया था। मुंशी कप्तान सिंह ने कार्रवाई से बचने के लिए हाईकोर्ट से जमानत ले ली थी। कोर्ट में चले ट्रायल के बाद बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को बहस, गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डॉ अवनीश कुमार ने मुंशी को मारपीट के मामले में दोषी पाते हुए छह माह की सजा सुनाई और पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया।
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