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Jalaun News: एक साल से अधूरी पड़ी 74 लाख से बनने वाली सड़क
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मुहम्मदाबाद। कोटरा, एट को जोड़ने वाला 74 लाख से बना रहा कुसमिलिया-चिल्ली मार्ग एक साल से अधूरा पड़ा है। विभाग ने इसे अधूरा बनाकर छोड़ दिया। लोगों को परेशानी हो रही है।
कुसमिलिया से चिल्ली गांव को जोड़ने वाली सड़क आरआईडीएसएफ-29 नाबार्ड योजना के तहत वर्ष 2023- 24 में सड़क निर्माण के लिए 74 लाख 80 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ और उसे अधूरा ही छोड़ दिया गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
तीन किलोमीटर की इस सड़क से लोगों को आने जाने में करीब 20 मिनट तक लग जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीच में बनी सड़क का हिस्सा भी कुछ ही समय में उखड़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने निर्माण कार्य मनमर्जी से किया है। कुसमिलिया की ओर करीब डेढ़ सौ मीटर तथा चिल्ली की ओर डेढ़ किलोमीटर हिस्सा कच्चा छोड़ दिया गया, जबकि बीच में मात्र सड़क निर्माण कर दिया गया है। इस कारण बरसात के दौरान दोनों गांवों के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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ग्रामीणों बोले- जांच हो और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई
यह मार्ग बनने से दर्जनभर गांवों को लाभ मिलता, लेकिन वर्तमान निर्माण का कोई फायदा नहीं है। बारिश में पहले की तरह ही गांवों में फंसना पड़ता है।
- उपेंद्र कुमार, पूर्व प्रधान चिल्ली
ठेकेदार ने भुगतान बचाने और जिम्मेदारी से बचने के लिए दोनों छोर कच्चे छोड़कर बीच में सड़क डाल दी। अब इससे लोगों को परेशानी हो रही है। जल्द ही सड़क को बनवाना चाहिए।
- चतुर सिंह
सड़क के लिए एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। बजट को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बजट न होने की वजह से कार्य नहीं हो पाया है।
इंदल सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी
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कुसमिलिया से चिल्ली गांव को जोड़ने वाली सड़क आरआईडीएसएफ-29 नाबार्ड योजना के तहत वर्ष 2023- 24 में सड़क निर्माण के लिए 74 लाख 80 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ और उसे अधूरा ही छोड़ दिया गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
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तीन किलोमीटर की इस सड़क से लोगों को आने जाने में करीब 20 मिनट तक लग जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीच में बनी सड़क का हिस्सा भी कुछ ही समय में उखड़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने निर्माण कार्य मनमर्जी से किया है। कुसमिलिया की ओर करीब डेढ़ सौ मीटर तथा चिल्ली की ओर डेढ़ किलोमीटर हिस्सा कच्चा छोड़ दिया गया, जबकि बीच में मात्र सड़क निर्माण कर दिया गया है। इस कारण बरसात के दौरान दोनों गांवों के लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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ग्रामीणों बोले- जांच हो और दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई
यह मार्ग बनने से दर्जनभर गांवों को लाभ मिलता, लेकिन वर्तमान निर्माण का कोई फायदा नहीं है। बारिश में पहले की तरह ही गांवों में फंसना पड़ता है।
- उपेंद्र कुमार, पूर्व प्रधान चिल्ली
ठेकेदार ने भुगतान बचाने और जिम्मेदारी से बचने के लिए दोनों छोर कच्चे छोड़कर बीच में सड़क डाल दी। अब इससे लोगों को परेशानी हो रही है। जल्द ही सड़क को बनवाना चाहिए।
- चतुर सिंह
सड़क के लिए एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। बजट को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बजट न होने की वजह से कार्य नहीं हो पाया है।
इंदल सिंह, जेई, पीडब्ल्यूडी